Create
Notifications

5 प्रतिभावान भारतीय क्रिकेटर जिनके करियर की चमक फीकी होती गयी

Modified 23 Jan 2017
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सबका सफल और लम्बा करियर नहीं होता है। खिलाड़ियों का कॉम्बिनेशन और प्रदर्शन ही उन्हें टीम में लम्बे समय तक बरकरार रख सकते हैं। खासकर भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में ये काफी मुश्किल काम है। जहां हर खराब प्रदर्शन दूसरे खिलाड़ियों के लिए मौके की तरह होता है। हालांकि अमोल मजूमदार जैसे प्रतिभावान खिलाड़ी रहे हैं जो गलत युग में होने की वजह से टीम में जगह नहीं बना सके। लेकिन कुछ प्रतिभाएं जगह पाने और अच्छा प्रदर्शन करने के बाद अपनी चमक खोते गये। इस लेख में हम आपको 5 ऐसे भारतीय खिलाड़ियों के बारे में बता रहे हैं जिनके करियर की चमक फीकी हो गयी: इरफ़ान पठान भारत को कपिल देव के बाद अदद तेज गेंदबाज़ी आलराउंडर आज तक नहीं मिला। इरफ़ान पठान जब टीम में आये थे, तो उनके आरम्भिक दिनों के प्रदर्शन को देखते हुए ऐसा लग रहा था कि वह आने वाले वक्त में टीम इंडिया के आलराउंडर बन सकते हैं। पठान की गेंदें काफी स्विंग होती थीं, साथ ही वह किसी भी क्रम पर बल्लेबाज़ी करने में सक्षम थे। पठान के नाम एक हैट्रिक है, साथ ही टी-20 वर्ल्डकप के फाइनल मैच में और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेहतरीन प्रदर्शन करने पर उन्हें मैन ऑफ़ द मैच भी मिला था। इरफ़ान पठान ने लगातार बेहतरीन खेल दिखाया और वह एक बेहतरीन आलराउंडर बनने की ओर अग्रसर हो रहे थे। उनके नाम भारत के लिए सभी फॉर्मेट में 300 विकेट और 3000 रन दर्ज हैं। लेकिन धीरे-धीरे पठान का करियर पटरी से उतर गया। साल 2008 में इरफ़ान पठान ने अपना आखिरी टेस्ट खेला है। इसके अलावा साल 2012 के बाद उन्होंने भारत के लिए एक भी मैच नहीं खेला है। 32 वर्षीय ये आलराउंडर घरेलू क्रिकेट में बड़ौदा की तरफ खेल रहा है। जिसकी कप्तानी भी वह कर रहे हैं। लेकिन उनके जैसा अभी तक भारत को कोई आलराउंडर फ़िलहाल अभी तक नहीं मिला है।
1 / 5 NEXT
Published 23 Jan 2017
Fetching more content...
App download animated image Get the free App now