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भारत को विशेषज्ञ टी20 टीम बनाने की जरुरत वाले 5 कारण

Modified 21 Aug 2017

जब अधिक से अधिक देश अपने युवा खिलाड़ियों को मौका दे रहे हैं और उन्हें टी-20 के लिए विशेषज्ञ बना रहे हैं। ऐसे में भारत चयन प्रक्रिया में अजीब रूढ़िवादी रहा है और साथ ही खेल के इस सबसे छोटे फॉर्मेट के लिए भारत ने कोई अलग टीम नहीं बनाई है।

यह निराशाजनक है क्योंकि कई सारे युवा खिलाड़ी, जो आईपीएल के स्टार खिलाड़ी हैं, वे नियमित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए प्रमुख टीम में शामिल नहीं हो पाए हैं। समय के अनुसार जरूरी है कि उन खिलाड़ियो को आजमाया जाए क्योंकि वे लंबे समय तक लाभांश दे सकते हैं।

यहां हम पांच कारण बता रहे हैं कि आखिर क्यों भारत के पास विशेषज्ञ टी-20 टीम होनी चाहिए-

युवाओं में निवेश करना

जब टी-20 क्रिकेट की बात आती है तो युवाओं पर निवेश करना एक आजमाया हुआ फॉर्मूला है। अधिकांश देशों के पास उनकी युवा टी-20 साइड है और इसे ध्यान में रखते हुए भारत अधिक या कम समान संगठन का दावा कर सकता है जो वन-डे में प्रतिस्पर्धा करता है।

2019 के विश्व कप तक अधिकांश भारतीय सितारों की औसत आयु 30 से ऊपर होगी। रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन 30 के ऊपर हो जायेंगे जबकि धोनी की उम्र 38 के करीब होगी।

हालांकि कुछ अपवाद भी शामिल हैं, यह कहना गलत नहीं है कि टी-20 एक ऐसा प्रारूप है जिसमें खेल के तेज प्रकृति के कारण युवाओं का बोलबाला है। ऐसे में भविष्य को ध्यान में रखते हुए भारत को अधिक युवाओं को तहरीज देनी चाहिए और एक प्रभावी टी-20 टीम बनाने का मौका देना चाहिए।

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Published 21 Aug 2017
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