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5 कारण, क्यों महेंद्र सिंह धोनी बन गए भारत के सबसे पसंदीदा कप्तान

SENIOR ANALYST
Modified 09 Jan 2017
ये तो किसी दिन होना ही था, जब भी होता एकदम सन्नाटे में हो जाता बिना किसी शोर शराबे के, लाइमलाइट से दूर। जिस तरह से धोनी मैदान पर शांत रहते हैं उतनी ही शांति से भारत के सबसे सफल कप्तान ने टीम की कप्तानी छोड़ दी। धोनी के कप्तानी छोड़ने के बाद ना केवल भारत बल्कि वर्ल्ड क्रिकेट में खलबली मच गई। सब धोनी के अचानक लिए गए इस फैसले से हैरान रह गए। कुछ खिलाड़ियों ने धोनी के इस कदम की जमकर तारीफ की। 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप में कप्तान बनाए जाने के बाद से ही धोनी ने भारतीय टीम को कई बड़े मैच में जीत दिलवाई। साल दर साल वो सफलता की सीढ़ी चढ़ते गए और उनकी कप्तानी में भारतीय टीम इतिहास रचती गई। उनके अजीबोगरीब फैसलों ने दुनियाभर में सुर्खियां बटोरीं तो वहीं इस दौरान उनकी मानसिक मजबूती और आत्मविश्वास का भी पता चला। इस वजह से धोनी ना केवल भारत बल्कि दुनियाभर के क्रिकेट फैंस के पसंदीदा कप्तान बन गए। आइए आपको बताते हैं वो 5 कारण जिसकी वजह से धोनी सबके चहेते बन गए। 5. स्टंप के पीछे मजाकिया अंदाज में खिलाड़ियों से बातचीत dhoni2222   'ओ श्री उधर तेरी गर्लफ्रैंड नहीं है थोड़ा इधर आ जा' धोनी इस तरह से फील्डिंग के दौरान अपने साथी खिलाड़ियों से बातचीत करते थे। वे अपने हर एक खिलाड़ी के बारे में अच्छे से जानते थे और इसी वजह से मैदान के माहौल को खुशनुमा बनाने के लिए वो अपनी ही स्टाइल में मजाकिया लहजे में खिलाड़ियों को दिशा-निर्देश देते थे। सफलता की नई ऊंचाइयां छूने के बावजूद धोनी के स्वभाव में जरा भी फर्क नहीं आया। हमेशा साथी खिलाड़ियों के साथ उनका दोस्तानापूर्ण रहा। उन्हें ये बात अच्छी तरह से पता थी कि साथी खिलाड़ियों से किस तरह से बातचीत की जाए जिससे उनका जोश ना कम हो। 'इसकी घंटी बजा दे' और 'जरा छक्का खा के दिखा' जैसे कमांड अब हमें नहीं सुनाई देंगे। धोनी की ये वो आवाजें थी जो स्टंप माइक्रोफोन में रिकॉर्ड हुई थीं। लेकिन इसके अलावा भी उन्होंने खिलाड़ियों को कई प्रेरणादायक चीजें बताई होंगी और उन्हें मोटिवेट किया होगा।
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Published 09 Jan 2017
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