ICC Champions Trophy 2017: इन 5 वजहों से पाकिस्तान बन सकता है चैंपियन

1 जून से शुरू हुए आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का सबसे बहुप्रतीक्षित मैच 4 जून को होगा। जब भारत और पाकिस्तान के बीच जोरदार टक्कर इंग्लैंड के बर्मिंघम में होगा, तब रोमांच अपनी पराकाष्ठा पर होगा। मैच के लिहाज से इसमें जीत इसलिए अहम हो जाती क्योंकि जो टीम इस मुकाबले को जीतेगी उसे दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका से होने वाले मुकाबले में फायदा मिलेगा। साथ ही उस टीम का सेमीफाइनल में पहुंचने का सफर आसान होगा। पेपर पर भले भारत के समाने पाक का पलड़ा हल्का हो लेकिन पाकिस्तान इस टूर्नामेंट में डार्क हॉर्स साबित हो सकता है। अपना दिन होने पर पाकिस्तान किसी भी टीम को हरा सकती है। ऐसे में इसमें कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए, जब वह चैंपियंस ट्रॉफी की विजेता बन जाए। इस लेख में हम आपको 5 ऐसे कारण बता रहे हैं, जो पाकिस्तान को चैंपियंस ट्रॉफी का प्रबल दावेदार बना रहे हैं: तेज गेंदबाज़ इंग्लैंड की परिस्थितियों का फायदा उठा सकते हैं पाकिस्तानी क्रिकेट टीम को हमेशा बेहतरीन तेज गेंदबाजों के लिए जाना जाता रहा है। वसीम अकरम, वकार युनिस शोएब अख्तर और आकिब जावेद जैसे स्विंग तेज गेंदबाजों ने दुनिया भर के बल्लेबाजों को परेशान किया है। इस लिगेसी को आगे बढ़ाने का काम मोहम्मद आमिर, जुनैद खान और वहाब रियाज जैसे बेहतरीन स्विंग गेंदबाजों किया है। चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान अगर ख़िताब जीतता है तो इन गेंदबाजों की भूमिका सबसे अहम हो होगी। और जब इंग्लैंड में टूर्नामेंट हो रहा हो तो परिस्थितियां भी पाक गेंदबाजों के मुफीद हो जाती हैं। जिसका बेहतर इस्तेमाल करके वह ख़िताब जीत सकते हैं। बेहतरीन स्पिन आक्रमण पाकिस्तान की ताकत सिर्फ उनकी तेज गेंदबाज़ी ही नहीं है, बल्कि इस बार उनके स्पिनर भी अच्छी लय में हैं। जो बीच के ओवरों में विपक्षी टीम के बल्लेबाजों पर भारी सबित हो सकते हैं। जिससे पाकिस्तान को काफी फायदा मिल सकता है। उनके पास बाएं हाथ के गैर परम्परागत स्पिन गेंदबाज़ इमाद वसीम, दाएं हाथ कलाई के स्पिनर शादाब खान भी हैं। जिन्होंने हाल ही में वेस्टइंडीज ने के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया है। इसके अलावा शोएब मलिक और मोहम्मद हफीज बेहतरीन पार्टटाइमर की भूमिका निभा सकते हैं। मजबूत और अनुभवी मध्यक्रम पाक के सलामी बल्लेबाजों पर ये जिम्मेदारी होगी कि वे टीम को तेज शुरुआत दें खासकर पॉवरप्ले के दौरान टीम के लिए तेजी से रन जुटाएं। हालांकि टीम का मध्यक्रम बेहद अनुभवी और मजबूत है। खासकर तीसरे नम्बर से लेकर पांचवें क्रम तक टीम के पास बेहतरीन बल्लेबाज़ हैं। जो किसी भी परिस्थिति में रन बना सकते हैं। बांग्लादेश के साथ हुए वार्मअप मुकाबले में मोहम्मद हफीज और शोएब मलिक क्रमश: चौथे और पांचवें क्रम पर खेले थे। जहां उन्होंने 49 और 72 रनों की पारी खेली थी। वहीं लाहौर से ताल्लुक रखने वाले बेहतरीन बल्लेबाज़ बाबर आजम बांग्लादेश के खिलाफ नहीं चले थे। लेकिन मौजूदा समय में वह पाक टीम में सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक हैं। फहीम अशरफ और बड़े शॉट बल्लेबाज़ी लाइनअप कितनी भी बेहतरीन क्यों न हो जबतक टीम में एक-आध विस्फोटक बल्लेबाज़ न हों टीम अच्छी साझेदारी को बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर सकती है। इसके लावा बड़े शॉट खेलने वाले खिलाड़ी मैच को बदलने की क्षमता रखते हैं। आफरीदी के संन्यास लेने के बाद पाकिस्तान को एक अरसा तेज बल्लेबाज़ी करने वाला बल्लेबाज़ चाहिए था। जो गेंद को सीमा के पार हिट कर सके। फहीम अशरफ के रूप में उन्हें एक बेहतरीन स्टार मिल गया है। बांग्लादेश के खिलाफ अशरफ ने 64 रन की पारी खेलकर अपनी क्षमता से सबको आकर्षित किया है। फहीम पाक टीम को बड़े स्कोर का पीछा करने और बड़ा स्कोर बनाने में मददगार सबित हो सकते हैं। सरफराज अहमद: कप्तान सरफराज अहम का ताल्लुक पाकिस्तान के कराची के शहर से है। पाकिस्तान का ये विकेटकीपर बल्लेबाज़ कप्तान बेहद शांत और सौम्य है। लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर सरफराज को टीम में जगह मिली और उसके बाद उन्होंने पाक टीम की कप्तानी भी हासिल की। साल 2016 में टी-20 टीम कप्तानी पाने के बाद अपने कुशल नेतृत्व क्षमता से सरफराज पाक वनडे टीम के भी कप्तान बन गये। अगर पाकिस्तान इस बार चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा करता है, तो उसमें सरफराज की भूमिका सबसे अहम होगी। क्योंकि सरफराज ने कई बार अपने बेहतरीन प्रदर्शन से विपक्षी टीमों को हैरान किया है।