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5 कारण आखिर क्यों क्रिस गेल के न खेलने से बिग बैश लीग पर पड़ेगा असर

सावन गुप्ता
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क्रिस गेल टी-20 के बेहद ही खतरनाक खिलाड़ी हैं । वो दुनिया के पहले ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने टी-20 मैचों में पहला शतक लगाया । दुनिया भर की फ्रेंचाइजी बेस्ड लीग में भी गेल का बल्ला खूब बोला है । ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग के 2011-12 सीजन में गेल ने सिडनी थंडर्स की तरफ से खेलते हुए 7 मैचों में 42 की औसत 150 के शानदार स्ट्राइक रेट से 252 रन बनाए है। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 22 छक्के जड़े और एक मैच में 11 छक्कों की मदद महज 54 गेंदों पर तूफानी शतक जड़ा। हालांकि 2012-13 का सीजन उनके लिए कुछ खास नहीं रहा, लेकिन इसके 5वें सीजन में उन्होंने जोरदार वापसी की और 7 मैचों में 29.14 की औसत से 204 रन बनाए। 2015-16 के बीबीएल सीजन में एडिलेड स्ट्राइकर्स के खिलाफ गेल ने महज 12 गेंदों पर अर्धशतक लगाकर युवराज सिंह के 2007 वर्ल्ड कप में बनाए गए सबसे तेज अर्धशतक की बराबरी कर ली । गेल ने अपनी तूफानी पारी में 7 छक्के और 2 चौके जड़े। भारत में गेल ने काफी रन बनाए हैं। इंडियन प्रीमियर लीग के 92 मैचों में गेल ने 153.36 के स्ट्राइक रेट से 3400 से भी ज्यादा रन बनाए हैं। 23 अप्रैल 2013 को गेल ने पुणे वारियर्स के खिलाफ 175 रनों की मैराथन पारी खेलकर टी-20 में सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड बनाया। इस मैच में कई और रिकॉर्ड भी टूटे जो नीचे दिए गए हैं।

  1. टी-20 का सबसे तेज शतक- महज 30 गेंदों में
  2. टी-20 में किसी भी टीम का सबसे बड़ा स्कोर-5 विकेट पर 263 रन
  3. एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के- गेल 17 छक्के, रॉयल चैलेंजर बैंगलुरु 21 छक्के

गेल आईपीएल के इकलौते ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने आईपीएल में 5 शतक लगाया है । वहीं गेंदबाजी में भी उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया है। गेल ने 82 मैचों में 8.11 की इकोनॉमी रेट से 16 विकेट लिए हैं। इससे पता चलता है कि उन्होंने टीम के लिए किफायती गेंदबाजी की है। जमैका के इस विस्फोटक बल्लेबाज को वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड का भी पूरा साथ मिला। बोर्ड ने गेल को दुनिया भर के टी-20 लीग में खेलने की अनुमति दी। 'वर्ल्ड बॉस' के निकनेम से मशहूर गेल मैदान के अंदर भी और मैदान के बाहर भी दर्शकों का खूब मनोरजंन करते हैं।हालांकि उनके कुछ कामों की वजह से उन्हें परंपरागत क्रिकेट ज्यूरी से आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा।2015/16 के बिग बैश लीग सीजन में गेल को स्पोर्ट्स प्रजेंटर मेल मैक्लॉघ्लिन पर टिप्पणी करना महंगा पड़ गया । बीबीएल के हेड एंथोनी एवरैर्ड ने गेल की जमकर आलोचना की और फ्रेंचाइजी से उन्होंने गेल को दोबारा अनुबंधित करने के लिए मना किया । गेल ने भी एंथोनी की ये इच्छा पूरी कर ही दी और परिवार के साथ समय बिताने का हवाला देकर प्रतियोगिता में खेलने से मना कर दिया। गेल इस बार के सीजन में नहीं खेल रहे हैं ऐसे में बिग बैश लीग में उनकी कमी जरुर खलेगी। आइए आपको बताते हैं 5 ऐसे कारण क्यों बीबीएल में उनकी कमी खलेगी। 1. बहुत बड़े एंटरटेनर gayle क्रिस गेल वर्ल्ड क्रिकेट के बहुत बड़े एंटरटेनर हैं। मैदान पर अपनी बल्लेबाजी से वो दर्शकों का खूब मनोरंजन करते हैं।गेंदबाजों पर गेल जरा भी दया नहीं दिखाते हैं और जमकर धुनाई करते हैं। यहां तक कि गेल की विरोधी टीम के प्रशंसक भी गेल की बल्लेबाजी का पूरा लुत्फ उठाते हैं। गेल के लंबे-लंबे बाल उनको एक अलग ही लुक देते हैं । इस रुप में वो मशहूर यहूदी दिग्गज सैमसन से काफी मिलते-जुलते हैं। जब-जब गेल बल्लेबाजी के लिए मैदान पर आते हैं पूरा स्टेडियम खचाखच भर जाता है और लोग अपने टीवी सेट्स के सामने बैठ जाते हैं। कोई भी गेल की बल्लेबाजी को मिस नहीं करना चाहता है। पूरी दुनिया की टी-20 लीग में गेल ने गजब की बल्लेबाजी की है। 35 साल की उम्र में भी गेल गजब के फुर्तीले हैं। उम्र के इस पड़ाव पर पहुंचकर ज्यादातर क्रिकेटर संन्यास के बारे में सोचने लगते हैं, लेकिन गेल अभी भी क्रिकेट का पूरा मजा उठा रहे हैं। उनकी फिटनेस की तारीफ तो रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरू के कप्तान विराट कोहली ने भी की है, जो कि खुद बहुत फिट रहते हैं। इसी वजह से लीग और खासकर ऑस्ट्रेलियान क्रिकेट फैंस गेल की बल्लेबाजी को बहुत मिस करेंगे । 2. पूरी दुनिया में गेल के प्रशंसक chris-gayle-of-somerset-signs-autographs-for-gettyimages-1481307352-800 लीग में बहुत सारे स्टार खिलाड़ियों की भरमार है । एरोन फिंच, डेविनड वॉर्नर, आंद्रे रसेल, ड्वेन ब्रावो, ग्लेन मैक्सवेल, कार्लोस ब्रेथवेट जैसे धुआंधार बल्लेबाज हैं । लेकिन इनमें से कोई भी बल्लेबाज गेल जितना दर्शकों को अपनी तरफ नहीं आकर्षित कर पाता है। विवादों के बावजूद गेल के चाहने वालों पूरी दुनिया में हैं। जो उनकी बल्लेबाजी को देखने के लिए अपने डेली रुटीन में बदलाव करते हैं और अपने सोने का समय भी बदल लेते हैं। बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड जहां-जहां भी टी-20 लीग हुए हैं, वहां-वहां गेल उस लीग का हिस्सा रहे हैं । महज कुछ गेंदों के अंदर वो मैच का रुख पलट सकते हैं इसी वजह से पूरी दुनिया में हर टीम की पहली पसंद गेल ही होते हैं। जो क्रिकेट प्रेमी गेल के बहुत बड़े प्रशंसक हैं वे गेल के चौकों-छक्कों पर खुद को रोक नहीं पाते हैं और जमकर लुत्फ उठाते हैं , चाहे मैदान में या फिर टीवी सेट के सामने। ऐसे में इस बार गेल के ना खेलने से दर्शकों की संख्या पर भी असर पड़ सकता है। भारतीय क्रिकटर जो कि दर्शकों को अपनी तरफ खींच सकते हैं जैसे- महेंद्र सिंह धोनी, सुरेश रैना, युवराज सिंह ये सब बीबीएल में नहीं खेल सकते हैं, क्योंकि इसके लिए बीसीसीआई ने उन्हें अनुमति नहीं दी है। इसी वजह से एशियन दर्शक भी ज्यादा बीबीएल में रुचि नहीं दिखाएंगे, क्योंकि गेल खेल नहीं रहे हैं और कोई भारतीय खिलाड़ी भी लीग में नहीं है । गेल के ना खेलने से मैदान पर मैच देखने वाले दर्शकों की संख्या और टीवी पर मैच देखने वाले दर्शकों की संख्या पर असर पड़ेगा। 3. स्पॉन्सर्स पर असर maxresdefault मैदान पर जितना गेल लोकप्रिय हैं उतना ही मार्केट में भी वो छाये हुए हैं। पेप्सिको और रॉयल चैलेंजर गेल के दो सबसे बड़े स्पॉन्सर हैं। लोगों से गेल को बहुत प्यार मिलता है और लोग उन्हें फॉलो भी करते हैं। सोशल मीडिया पर गेल खूब छाए हुए हैं। ट्विटर पर उनके 3.2 मिलियन फॉलोअर हैं, जबकि फेसबुक पर 6 मिलियन से भी ज्यादा लोग उन्हें फॉलो करते हैं। जब क्रिस गेल पर लैंगिकवादी होने का आरोप लगा तो उनके फैंस ने बड़ी संख्या में उनका समर्थन किया और उस घटना को मजाक में किया गया छेड़छाड़ बताया। अगर इतनी बड़ी फैन फॉलोइंगि वाला क्रिकेटर किसी लीग में खेलने से मना करता है तो निश्चित ही उस लीग पर असर पड़ना तय है। स्पान्सरों को गेल की कमी बहुत ही खलेगी और आर्थिक रुप से लीग पर भी इसका असर पड़ेगा। 4. फ्रेंचाइस की कीमत पर असर chris-gayle-of-the-renegades-hits-a-six-gettyimages-1481383097-800 टी-20 में क्रिस गेल के रिकॉर्ड कल्पनाओं से परे हैं । उन्होंने टी-20 में इतने रिकॉर्ड बनाए हैं कि उनके रिकॉर्डों की तुलना महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के वनडे रिकॉर्ड से होने लगी है। जाहिर है, बिना किसी शक के गेल टी-20 के सबसे बड़े खिलाड़ी हैं। आईपीएल के चौथे सीजन में गेल को डर्क नैंस की जगह टीम में लिया गया था। ये एक जोखिम भरा फैसला था, क्योंकि इससे पहले के सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स की तरफ से खेलते हुए गेल का प्रदर्शन अच्छा नहीं था। लेकिन अपने डेब्यू मैच में ही गेल ने 55 गेंदों पर तूफानी शतक जड़ दिया। गेल ने 10 चौके और 7 छक्कों की मदद से 102 रन बनाए। उनकी ये तूफानी पारी इस बात का संकेत थी कि दुनिया भर के टी-20 लीग में अब उनके राज करने का वक्त आ गया है। उनकी बल्लेबाजी की वजह से कई बार रॉयल चैलेंजर्स की टीम मुश्किल हालात में भी जीतने में कामयाब रही। 2011 के चैंपियस लीग टी-20 में गेल रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरू की तरफ से दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्होंने 6 मैचों में 257 रन बनाए । दुनिया भर में जितने भी फ्रेंजाइजी टीमों की तरफ से उन्होंने खेला है, उनके लिए वो काफी उपयोगी साबित हुए हैं। इसलिए बीबीएल में उनके ना खेलने से उनकी फ्रेंचाइजी टीम पर काफी असर पड़ेगा, क्योंकि गेल जीत और हार के बीच की कड़ी थे ।

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5. रोमांचक हाई स्कोरिंग मैच MELBOURNE, AUSTRALIA - JANUARY 02: Chris Gayle of the Renegades bats during the Big Bash League match between the Melbourne Stars and the Melbourne Renegades at Melbourne Cricket Ground on January 2, 2016 in Melbourne, Australia. (Photo by Michael Dodge - CA/Cricket Australia/Getty Images)

क्रिकेट फैंस हाई स्कोरिंग मैच पसंद करते हैं। इन दिनों कोई भी क्रिकेट प्रेमी लो स्कोरिंग मैच देखना पसंद नहीं करता है। दर्शक इन दिनों लंबे-लंबे छक्के देखना पसंद करते हैं, और क्रिस गेल इसकी गारंटी हैं। मैच में उनकी उपस्थिति मात्र से ही दर्शक रोमांचित हो जाते हैं। अगर गेल क्रीज पर बल्लेबाजी करने जाते हैं और अच्छा परफॉर्म करते हैं तो उस मैच में 200 रन बनने के चासेंस बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं। अगर गेल क्रीज पर हैं तो कोई भी लक्ष्य ऐसा नहीं है जिसका पीछा ना किया जा सके। आईपीएल इतिहास में अगर एक मैच में सबसे स्कोर खड़ा करने वाली टॉप 10 टीमों का ब्यौरा निकालें तो पता चलता है कि इनमें से 2 टीमें केवल गेल के कारण ऐसा करने में सफल रहीं। गेल काे ना होने से बीबीएल पर इसका असर पड़ेगा। हालांकि पोलार्ड और ब्रावो जैसे धुआंधार खिलाड़ी लीग में खेल रहे हैं, लेकिन गेल की बात ही कुछ और है।

Edited by Staff Editor
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