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5 कारण जिससे भारतीय टीम महेंद्र सिंह धोनी के बिना विश्वकप नहीं जीत सकती

varsha
ANALYST
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लंबे समय बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए चौथे वनडे में भारत ने 348 रन का विशाल स्‍कोर बनाया था। किंतु दुर्भाग्यवश भारत को इस मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में एक तरफ भारतीय गेंदबाजों की खराब गेंदबाजी देखने को मिली, तो दूसरी तरफ शिखर धवन और रोहित शर्मा की शानदार ओपनिंग देखने को मिली। इस मुकाबले के दौरान महेंद्र सिंह धोनी देखने को नहीं मिलें, क्योंकि वे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे और पांचवें वनडे में भारतीय टीम का हिस्सा नहीं बने थे।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे वनडे में वहां बैठे सभी दर्शक 'धोनी धोनी धोनी' का नारा लगा रहे थे। इस मुकाबले में महेंद्र सिंह धोनी के स्थान पर भारतीय टीम के विकेटकीपर ऋषभ पंत बने थे, जिनकी विकेटकीपि‍रंग लोगों को खासा पसंद नहीं आई। तो आइए जान लेते हैं उन पांच कारणों के बारे में जो महेंद्र सिंह धोनी को भारतीय टीम का एक प्रमुख क्रिकेटर बनाते हैं।

#5 विकेटकीपिंग


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महेंद्र सिंह धोनी भारतीय टीम के सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर माने जाते हैं। भारतीय टीम में धोनी से अच्छा कोई भी अन्य विकेटकीपर वर्तमान समय में मौजूद नहीं है। लोग धोनी के बाद उनके स्थान पर विकेटकीपर के तौर पर किसी अन्य खिलाड़ी को आसानी से स्वीकार नहीं करेंगे। कुछ लोगों का मानना है कि ऋषभ पंत, महेंद्र सिंह धोनी का स्थान ले सकते हैं। किंतु मुकाबले के दौरान कई मौके देखने को मिले, जब ऋषभ पंत साधारण स्टंपिंग भी नहीं कर पाए। महेंद्र सिंह धोनी की विकेटकीपिंग करने की स्टाइल अन्‍य विकेटकीपर की तुलना में काफी अलग है।

महेंद्र सिंह धोनी ने टेस्ट क्रिकेट में विकेट के पीछे 256 कैच पकड़े और 38 स्टंपिंग की है। वनडे मुकाबलों में विकेट के पीछे 314 कैच और 120 स्टंपिंग की है एवं टी-20 मुकाबलों में 57 कैच और 34 स्टंपिंग की है। जो उनका सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर होना दर्शाता है।

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