ENG v IND: इन 5 वजहों से विराट कोहली इंग्लैंड दौरे पर अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं

जल्द ही टीम इंडिया इंग्लैंड के दौरे पर जाने वाली है, इस सीरीज़ का भारतीय क्रिकेट फ़ैंस को बेसब्री से इंतज़ार है। इंग्लैंड में सीरीज़ की चर्चा करते ही एक खिलाड़ी का नाम ज़ेहन में आता है, वो हैं विराट कोहली। हांलाकि साल 2014 में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ टेस्ट सीरीज़ के 5 मैचों में कोहली ने महज़ 134 रन बनाए थे। वनडे सीरीज़ में उनका रिकॉर्ड और भी बुरा था, 4 मैचों में उन्होंने महज़ 54 रन ही बनाए थे। कहा जाता है कि वक़्त हर ज़ख़्म को भर देता है, विराट कोहली भी वक़्त के साथ बेतहर खिलाड़ी बन चुके हैं। वो इंग्लैंड दौरे पर अपनी छाप छोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। 4 साल पहले के कोहली और आज के कोहली में ज़मीन आसमान का फ़र्क है। टीम इंडिया की कमान अब उनके ही हाथों में है, ऐसे में हार और जीत की ज़िम्मेदारी उनके ही कंधों पर होगी। हम यहां उन 5 वजहों के बारे में चर्चा कर रहे हैं जिसके आधार पर हम कह सकते हैं कि कोहली साल 2018 के इंग्लैंड दौरे पर बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे।

एक ज़िम्मेदार कप्तान

क्रिकेट में अगर किसी टीम की चर्चा होती है तो ये देखा जाता है कि उस टीम कहा कप्तान और लीडर कौन है ? टीम इंडिया के बार में बात साफ़ तौर पर कही जा सकती है कि कोहली ही टीम के लिए सब कुछ हैं। वो न सिर्फ़ अपनी बल्लेबाज़ी से मैच का रुख़ पलट सकते हैं बल्कि उनमें कप्तानी की क़ाबिलियत है। साल 2014 में एडिलेड के मैदान से उन्होंने अपनी कप्तानी की शुरुआत की थी। मौजूदा वक़्त में कोहली की ज़िम्मेदारी कहीं ज़्यादा हो गई है क्योंकि विदेशी मैदान पर मेज़बान टीम से टकराना आसान नहीं होता है। विराट उन सभी ग़लतियों को ठीक करना चाहते हैं जो साल 2014 में हुई है। अगर वो ऐसा करते हैं तो वो एक यादगार कप्तानों में से गिने जाएंगे।

कोहली शानदार फ़ॉर्म में चल रहे हैं

साल 2014 के इंग्लैंड दौरे के बाद कोहली के प्रदर्शन में ज़बरदस्त सुधार देखने को मिला था। वो टीम इंडिया के लिए रन मशीन बन गए थे, पिछले 4 साल में 2 कैलेंडर ईयर में उन्होंने 2 दफ़ा 1000 से ज़्यादा रन बनाए हैं। साल 2015 में उन्होंने 9 टेस्ट मैच में 640 रन, साल 2016 में 12 टेस्ट मैच में 1215 रन और पिछले साल 10 मैच में 1059 रन बनाए हैं। साल 2018 की भी शुरुआत कोहली ने शानदार तरीके से की है, दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ 3 टेस्ट मैच की सीरीज़ में उन्होंने 286 रन बनाए थे। सेंचुरियरन में प्रोटियास टीम के ख़िलाफ़ उन्होंने 153 रन की पारी खेली थे। कोहली को उम्मीद है कि वो इसी फ़ॉम को इंग्लैंड के मैदान पर भी बरक़रार रखेंगे।

उनके पास अच्छे प्रदर्शन की कई वजहें हैं

इस बात में कोई शक नहीं है कि कोहली इस वक़्त टीम इंडिया के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज़ हैं। वो हर किसी विपक्षी टीम के ख़िलाफ़ अच्छा प्रदर्शन करते हैं। इंग्लैंड दौरे पर जाने से पहले कोहली ने ये फ़ैसला किया था कि वो काउंटी क्रिकेट खेलेंगे, लेकिन गर्दन की चोट की वजह से ऐसा हो न सका। कोहली चाहते हैं को साल 2014 के दाग़ को 2018 में धो दिया जाए और इंग्लैंड की ज़मीं पर नया इतिहास लिखा जाए। जब वो मैदान पर आएंगे तो उनका इरादा मज़बूत होगा और जीत हासिल करने पर उनका पूरा ध्यान रहेगा। चूंकि विराट अब कप्तान भी हैं तो विदेशी ज़मीन पर टेस्ट सीरीज़ जीतने का ख़्वाब वो पूरा कर सकते हैं।

चिर परिचित ब़ॉलिंग अटैक का सामना करेंगे

कोहली जब इंग्लैंड दौरे पर होंगे तो वो मैदान में कुछ ऐसे गेंदबाज़ों का सामना करेंगे जिनकी गेंद पर वो पहले भी बल्लेबाज़ी कर चुके हैं। जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंद को खेलने का अनुभव कोहली के पास है। ऐसे में कोहली को ये बात पता होगी कि इन दोनों गेंदबाज़ों की गेंद पर रन कैसे चुराना है। जब इंग्लैंड के यही गेंदबाज़ साल 2016 में भारत के दौरे पर आए थे तो कोहली ने उनकी नाक में दम कर दिया था।

कोहली 4 साल में एक बेहतरीन बल्लेबाज़ बन चुके हैं

जैसा कि हम बता चुके हैं कि साल 2014 में इंग्लैंड दौरे पर कोहली को प्रदर्शन काफ़ी बुरा था, लेकिन उनके बाद कोहली की बल्लेबाज़ी में ज़बरदस्त सुधार देखने को मिला है। वो क्रिकेट के तीनों फ़ॉर्मेट में रन बनाने की क़ाबिलियत रखते हैं। वो किसी भी हालात का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार रहते हैं। वो अब एक बेहतर खिलाड़ी के तौर पर इंग्लैंड के दौरे पर जा रहे हैं, ऐसे में पूरी उम्मीद है कि कोहली इंग्लिश मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करेंगे। लेखक- शंकर नारायण अनुवादक- शारिक़ुल होदा

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