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5 कारण आखिर क्यों युवराज सिंह और एमएस धोनी को टी20 टीम से बाहर किया जाना चाहिए

Modified 01 Feb 2017

भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मैच 1 फरवरी को बेंगलुरु में खेला गया। आखिरी टी20 मैच से पहले भारतीय टीम में ऐसी कई खामियां सामने आई, जिन पर भले ही टीम मैनेजमेंट का ध्यान ना गया हो। मगर समय रहते अगर इन्हें दूर ना किया गया, तो आगे जाकर ये टीम के लिए मुसीबत का सबब बन सकती हैं। पहला टी20 सात विकेट से हारने के बाद दूसरे टी 20 में भी टीम इंडिया हार की कगार पर खड़ी थी। वो तो भला हो युवा गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का जिन्होंने आखिरी ओवर सिर्फ 1 रन दिए और 2 अहम विकेट चटकाकर, टीम इंडिया की लाज बचा ली। टीम इंडिया के लिए जो सबसे बड़ा चिंता का विषय का है, वो है पूर्व कप्तान एम एस धोनी और टीम इंडिया में कमबैक करने वाले युवराज सिंह की फॉर्म। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में जरूर इन दोनों ने शतकीय पारियां खेली थी, लेकिन टी 20 में अबतक उन्होंने निराश ही किया है। अब अगला टी20 वर्ल्ड कप 3 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में खेला जाएगा। ऐसे में टीम मैनेजमेंट को अभी से छोटे फॉर्मेट के लिए युवा खिलाड़ियों को तैयार करना होगा। लिहाजा इसके लिए अगर चयनकर्ताओं को टी20 फॉर्मेट से युवराज सिंह और एम एस धोनी की बलि भी देनी पड़ी, तो इससे भी गुरेज नहीं करना चाहिए। (नोट : यह लेख भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे टी20 से पहले के आंकड़ों पर आधारित है) अब हम आपको बताते हैं वो 5 कारण जिनकी वजह से युवराज और धोनी को टीम में जगह नहीं दी जानी चाहिए :


#5 उम्र युवराज और धोनी के साथ नहीं एम.एस.धोनी और युवराज सिंह की उम्र 35 साल है। पिछले कुछ समय से दोनों बल्लेबाजों युवाओं का खेल कहे जाने टी 20 क्रिकेट में कुछ खास नहीं कर पा रहे हैं। जैसे उम्र बढ़ रही है वैसे-वैसे वनडे और टी 20 में दोनों बल्लेबाजों की कंसीसटेंसी में कमी आई है। लिहाजा युवराज और धोनी को अब किसी एक फॉर्मेट पर ध्यान देना चाहिए। दोनों बल्लेबाजों को वनडे क्रिकेट में ज्यादा फोकस करना चाहिए ताकि वो वनडे में अपनी लय बरकरार रख सकें।
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Published 01 Feb 2017, 21:08 IST
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