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5 ऐसे सीजन खिलाड़ी जिन्होंने नहीं तोड़ा अपनी रणजी टीम से नाता

Modified 14 Oct 2016, 00:06 IST
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एक ऐसा देश जहां 1.3 अरब से ज्यादा लोग रहते हैं, 29 राज्य हैं, 7 केंद्र शासित प्रदेश, भारत क्रिकेट की विरासत का सही हरदार है। भारत में क्रिकेट क्षेत्र में काफी प्रतिभा है, जिसके वजह है घरेलू क्रिकेट में उभरते हुए खिलाड़ियों का योगदान। 19वीं सदी में, जब भारत में क्रिकेट का उदय हुआ, घरेलू क्रिकेट ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत को मुकाम हासिल करने में काफी मदद की। कुमार श्री रनजीतसिंह जी पहले भारतीय क्रिकेटर थे जिन्होने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेला, ये टूर्नामेंट उन उभरते हुए युवा खिलाड़ियों के लिए था जिनमें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलने की प्रतिभा थी। ये टूर्नामेंट 1934 में शुरु हुआ जो मैसूर और मद्रास के बीच खेला गया। घरेलू क्रिकेट के जरिए ऐसे बहुत से खिलाड़ी सामने आए जिन्होंने आगे चलकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मुकाम हासिल किया। इस टूर्नामेंट ज्यादातर हर राज्य शामिल होता है और उनकी अपनी रणजी टीम होती है। अब एक बार उन खिलाड़ियों को देखते हैं जिन्होंने कभी भी अपनी रणजी टीम से अगल होने का फैसला नहीं किया: #5 देवेन्द्र बुंदेला, मध्यप्रदेश (1996- अब तक) bundu-1476007919-800 पिछले दो दशक से मध्यप्रदेश की रणजी टीम की सबसे बड़ी ताकत देवेन्द्र बुंदेला हैं, इंदौर के इस ऑलराउंडर की वजह से, मध्यप्रदेश ने घरेलू क्रिकेट में अपना अलग मुकाम बनाया है। 1996 में कर्नाटक के खिलाफ मध्यप्रदेश के लिए डेब्यू करने वाले, 19 वर्षीय बुंदेला की शुरुआत ज्यादा अच्छी नहीं हुई। अपनी पहली पारी में उन्होंने सिर्फ 26 रन बनाए जो टीम को हार से बचाने के लिए काफी नहीं थे। हालांकि, बूंदेला ने पहली पारी के बाद खुद को सीमित नहीं किया। उसी सीजन में, उन्होंने 72 रन और एक शतक भी लगाकर ये जता दिया कि वो न सिर्फ अपने खेल को सुधार रहे हैं बल्कि भविष्य में अपने बल्ले से रनों की बारसात भी करेंगे। दो सीजन बाद 1998-99 में, बूंदेला अपनी शानदार फॉर्म में पहुंचे और महज 11 मैचों में 77.53 की औसत से 1008 रन बनाने का कारनामा करने में कामयाब हुए। हालांकि शानदार फॉर्म में होने के बावजूद वो नेशनल टीम में जगह बनाने में नाकाम साबित हुए। बूंदेला ने अपनी रणजी टीम में बहुत से मौकों को भुनाया और वो मध्यप्रदेश के ओर से फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। 39 वर्षीय दाएं हाथ के बल्लेबाज और दाएं हाथ के मीडियम पेसर देवेन्द्र बूंदेला पिछले 21 वर्षों से मध्यप्रदेश के लिए खेल रहे हैं और अब वो अपनी इस रणजी टीम में कप्तान की भूमिका निभा रहे हैं।
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Published 14 Oct 2016, 00:06 IST
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