Create
Notifications
New User posted their first comment
Advertisement

90 के दशक की पांच चीजें जिसे फैंस कभी नहीं भूल पाएंगे

90 के दशक की पांच चीजें जिसे फैंस कभी नहीं भूल पाएंगे
90 के दशक की पांच चीजें जिसे फैंस कभी नहीं भूल पाएंगे
EXPERT COLUMNIST
Modified 21 Jun 2020, 12:02 IST
टॉप 5 / टॉप 10
Advertisement

सुनील गावस्कर की 1970-71 की पहली सीरीज की याद में लॉर्ड रिलेटर ने गावस्कर कैलिप्सो लिखा था जो बहुत कम लोगों को ही याद होगा। ये गाना उस समय काफी प्रसिद्ध हुआ था। 90 के दशक में गावस्कर नहीं थे और हम लोगों में से बहुत इतने भाग्यशाली नहीं थे जो उनको खेलता हुआ देख सके। लेकिन हमारे लिए 90 का दशक क्रिकेट प्रेमियों का दशक रहा और उस समय सभी क्रिकेट देखना पसंद करते थे।

भारत के बहुत हिस्सों में केबल टीवी ने दस्तक दी थी और सबका साथ मिलकर एक रोमांचक मुकाबला देखना बहुत ही आम नज़ारा था। अगर तेंदुलकर बल्लेबाजी कर रहे हों तो फिर कई दुकानें दिन के समय में भी बंद हो जाती थी। जब कभी भी हम उस दशक को वापस याद करते हैं तो ऐसा लगता है कि उसका अपना अलग ही अंदाज़ था। क्रिकेट के लिए उस दशक में एक अलग प्यार की शुरुआत हुई थी। जब कभी भी हम 90 के दशक को याद करते हैं तो क्रिकेट के प्रति उस पागलपन की हमें याद आती है।

चलिए एक बार फिर उन यादों में से कुछ को हम दोबारा जीने की कोशिश करते हैं: 

# गेंदबाजों का आखिरी दशक

मुरलीधरन, वॉर्न और कुंबले
मुरलीधरन, वॉर्न और कुंबले

90 के दशक को गेंदबाजों के लिए आखिरी दशक माना जाता है। क्रिकेट प्रेमी अब इसे बल्लेबाजों का खेल मानते हैं। स्कूप और स्विच हिट जैसे शॉट्स के आने के बाद से ये देख कर बुरा लगता है कि कोई भी गेंदबाज नही बनना चाहता। 400 के स्कोर जिस तरह से आजकल बन रहे हैं ऐसा कहा जाने लगा है कि कुछ दिनों के बाद क्रिकेट में गेंदबाजों की जगह बॉलिंग मशीन का इस्तेमाल किया जाने लगेगा।

लेकिन 90 का दशक अलग था और बल्लेबाजों को बढ़िया गेंदबाजी आक्रमण का सामना करना पड़ता था। 200 से ऊपर के स्कोर का पीछा करना मुश्किल होता था। वेस्टइंडीज के तेज़ गेंदबाजों का भी वो आखिरी दशक था और कर्टनी वॉल्श, कर्टली एम्ब्रोस और इयान बिशप को खेलना मुश्किल था।

90 के दशक में ही पोलक, अकरम, वकार, डोनाल्ड और मैक्ग्रा जैसे तेज़ गेंदबाज आये तो वहीँ स्पिन में दुनिया ने मुरलीधरन, वॉर्न, कुंबले और सक़लैन मुश्ताक जैसे शानदार गेंदबाजों को देखा। 90 के दशक में सिर्फ 4 बल्लेबाज ही टेस्ट में 50 के ऊपर की औसत दर्ज कर सके।

यह भी पढ़ें - 10 भारतीय क्रिकेटर जिन्होंने 17 साल से कम की उम्र में डेब्यू किया

1 / 5 NEXT
Published 21 Jun 2020, 12:02 IST
Advertisement
Fetching more content...
App download animated image Get the free App now
❤️ Favorites Edit