Create
Notifications
Advertisement

5 चीज़ें जो अगले साल टीम इंडिया में 2011 वर्ल्ड कप की चैंपियन टीम से अलग होंगी

Modified 02 Aug 2018, 11:34 IST

मौजूदा वक़्त में टीम इंडिया साल 2019 के आईसीसी वर्ल्ड कप की तैयारियों में जुटी है। टीम इंडिया इस ट्रॉफ़ी की प्रबल दावेदारों में से एक है। भारतीय टीम आख़िरी बार साल 2011 में वर्ल्ड चैंपियन बनी थी। उस वर्ल्ड कप के दौरान कुछ भारतीय खिलाड़ी ऐसा हुनर दिखाया था जिसमें वो माहिर नहीं थे। सचिन और सहवाग विशेषज्ञ गेंदबाज़ नहीं थे लेकिन वो मैच में कुछ ओवर ज़रूर फेंकते थे। युवराज सिंह ने अपनी गेंदबाज़ी से हरभजन सिंह को पीछे छोड़ दिया था।

मौजूदा वनडे टीम की बात करें तो टीम इंडिया के टॉप 5 बल्लेबाज़ों से गेंदबाज़ी की उम्मीद नहीं की जा सकती है। अगर किसी मैच में टीम के गेंदबाज़ नहीं चल पाए तो विराट कोहली के पास बाक़ी खिलाड़ियों से गेंदबाज़ी कराने का विकल्प मौजूद नहीं है।

हांलाकि टीम इंडिया इस वक़्त बेहद संतुलित लग रही है, लेकिन फिर भी टीम में कई कमियां हैं जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। हम यहां साल 2011 के वर्ल्ड कप की चैंपियन टीम की वो 5 चीज़ों पर चर्चा करेंगे जो 2019 की टीम इंडिया में देखने को नहीं मिलेंगी।

टॉप 5 खिलाड़ी बतौर ऑलराउंडर टीम में शामिल थे



मौजूदा वक़्त में टीम इंडिया के टॉप 5 बल्लेबाज़ अतिरिक्त गेंदबाज़ की भूमिका नहीं निभा सकते। साल 2011 के आईसीसी वर्ल्ड कप में युवराज सिंह ने टीम में गेंदबाज़ी की भी ज़िम्मेदारी निभाई थी। वो टीम इंडिया में 5वें गेंदबाज़ के तौर पर मौजूद थे और जब हालात स्पिन गेंदबाज़ों के हिसाब से होते थे तब युवी ही काम आते थे। मौजूदा टीम इंडिया में ऐसे हरफ़नमौला खिलाड़ी नहीं है। हांलाकि युवराज सिंह एक फुल टाइम ऑलराउंडर नहीं थे लेकिन उन्होंने अपने काम को बख़ूबी अंजाम दिया था। 2011 के वर्ल्ड कप में युवी ने 15 विकेट हासिल किए थे, यही वजह रही कि उन्हें ‘मैन ऑफ़ द टूर्नामेंट’ के अवॉर्ड से नवाज़ा गया था।

1 / 5 NEXT
Published 02 Aug 2018, 11:34 IST
Advertisement
Fetching more content...
Get the free App now
❤️ Favorites Edit