आईपीएल 2016: 5 चीजें जो इस बार हम बुरी तरह मिस कर रहे हैं

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आईपीएल का ये सीज़न बहुत अच्छा नहीं जा रहा है। पहले मैच फिक्सिंग विवाद, दो टीमों का निलंबन और टी-20 वर्ल्डकप के बाद शुरू हुए इस लीग को इस बार लोग उतना पसंद नहीं कर रहे हैं। सूखे के बाद आईपीएल के सबसे अच्छे वेन्यू में से एक मुंबई से सभी मैचों को शिफ्ट कर दिया गया। साथ ही पूरे महाराष्ट्र से आईपीएल के मैचों को बाहर कर दिया गया। इस सभी विवादों का असर इस बार क्रिकेट पर भी नज़र आया। लेकिन फिर भी चीजें मैनेज की जा सकती हैं। अगर क्रिकेट की गुणवत्ता में कमी न आये। जबकि इस बार आईपीएल के इस सीजन में अंकतालिका में काफी संघर्ष देखने को मिल रहा है लेकिन पता नहीं क्यों दर्शक इस बार आईपीएल से दूर हो रहे हैं। आइये एक नजर डालते हैं ऐसी ही 5 चीजों पर जो इस बार आईपीएल में मिस की जा रही हैं: चेन्नई सुपर किंग्स आईपीएल में चेन्नई टीम के सबसे ज्यादा फैन थे। इसके आलावा सीएसके इस लीग की सबसे सफल टीम रही है। जिसने हर बार प्लेऑफ़ में क्वालीफाई किया था। सीएसके का न होना लोगों को काफी अखड़ा है। इस टीम के खिलाड़ी पीली जर्सी में धोनी की कप्तानी में अंतिम गेंद तक लड़ने के लिए जाने जाते थे। सीएसके के ज्यादातर खिलाड़ी धोनी की कप्तानी वाली राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स में और गुजरात लायंस में हैं। लेकिन केविन पीटरसन, फ़ैफ़ डू प्लेसी, स्टीवन स्मिथ और मिचेल मार्श के चोटिल हो जाने से उनकी टीम काफी कमजोर हो गयी। वहीं लायंस काफी सफल टीम साबित हुई तो सीएसके पूर्व कप्तान धोनी की टीम पुणे काफी असफल साबित हुई। हालाँकि गुजरात के कप्तान रैना इस बार आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। पुणे के मैच जब वाईजैग में शिफ्ट हुए तो टीम का प्रदर्शन और खराब हो गया। क्लोज मुकाबलों की कमी robin-uthappa-close-1463402846-800 इस साल दो ही ऐसे मुकाबले देखने को मिले हैं, जो अंतिम गेंद पर खत्म हुए हैं। कुल मिलाकर इस बार रोमांचक मुकाबले देखने को नहीं मिले हैं। उदहारण के तौर पर पिछले सीजन में ऐसे दर्जन भर मुकाबले थे। जो अंतिम ओवर तक गये थे। जिनमे टीमें 10 रन से कम में हारी थी। इस साल कड़े मुकाबले बहुत कम देखने को मिले हैं। वास्तव में ज्यादातर मुकाबले वनसाइडेड रहे हैं। अभी तक एक भी मुकाबला सुपरओवर तक नहीं गया है। इस वजह से टूर्नामेंट लोगों अपनी ओर खींचने में कामयाब नहीं रहा है। ज्यादातर टीमों ने अच्छे से सेटल होकर अपना खेल दिखाया है। इस साल बहुत सी ऐसी टीमें हैं, जो अभी तक पूरी तरह से सेट ही नहीं हो पायी हैं। वहीं दिल्ली डेयरडेविल्स ने अच्छे घरेलू खिलाड़ियों को टीम में लिया और राहुल द्रविड़ को अपना मेंटर बनाया। पुणे सुपरजायंट, किंग्स इलेवन पंजाब(डेविड मिलर से कप्तानी लेकर मुरली विजय को सौंपा) या फिर मुंबई इंडियंस(टीम जिसने सबसे बड़ी जीत और हार झेली) ये सभी टीमें अभी तक अपना मोमेंटम हासिल नहीं किया है। केकेआर और गुजरात लायंस ही ऐसी दो टीमें थीं जो अच्छे फॉर्म में नजर आयीं। आंकड़ों पर नजर डाले तो 28 मैचों में अबतक 5 विकेट से जीत हासिल की है। पिछली बार ये संख्या 19 थी। पिछली बार 10 से ज्यादा कम गेंदों से पहले मात्र 11 मैच जीते गये थे। जो इस बार 17 है। 20 से ज्यादा रन से इस बार 8 मैच जीते गये हैं, पिछली बार ये 17 थे। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस बार दूसरी बार बल्लेबाज़ी करने वाली टीम ने जीत हासिल की है। खाली स्टैंड्स mohali-1463402964-800 इस बार चेन्नई के निलंबन और वानखेड़े से मैचों के शिफ्ट होने से आईपीएल का चरम कम हुआ है। इस वजह से इस बार स्टेडियम में भीड़ काफी कम दिखी है। कई मैच इसके प्रमाण हैं। एक वह समय था जब लोग आईपीएल के टिकट के लिए मारामारी करते थे। हालाँकि चिन्नास्वामी स्टेडियम आज भी भरा रहता है। जिसका कारण वहां कप्तान विराट कोहली और अन्य स्टार खिलाड़ी हैं। अन्य जो जगह आईपीएल के लिए चुनी गयी हैं वह इस टूर्नामेंट को वह गति नहीं दे पायीं। 16 मई के बाद हुए मैचों में हमे ज्यादातर 4 ओवर में 30 रन से ज्यादा बनाने को नहीं बचा है। इनमे से कई मैच बड़े आराम से जीते गये हैं। इस वजह से क्लोज मैच बहुत ही कम हुए हैं। जहाँ विराट और एबी डिविलियर्स जैसे बल्लेबाज़ कमाल का प्रदर्शन करते आये हैं, तो गेल और धोनी जैसे खिलाड़ी खराब फॉर्म से जूझते नजर आये हैं। साथ ही मलिंगा चोट की वजह से पूरे आईपीएल से बाहर हो गये हैं। हर्षा भोगले और बेहतरीन कमेन्ट्री harsha-bhogle-1463403040-800 टीवी देखने वाले इस बात से खासे निराश हुए थे, जब हर्षा भोगले को कमेन्ट्री पैनल से बाहर कर दिया गया था। हर्षा एक बेहतरीन हिंदी और अंग्रेजी कमेंटेटर रहे हैं। भोगले को भारतीय टीम की आलोचना करने के कारण आईपीएल से बाहर किया गया था। हालांकि इस वजह खासकर अंग्रेजी की कमेन्ट्री खराब हुई है। बहुत से कमेंटेटर उनकी तरह कमेंट्री में साफ़ और अच्छे शब्द या यूँ कहे उनके कमेंट्री में सूचना की कमी रही है। आईपीएल के लिए कमेंट्री की भीड़ अच्छी नहीं होती है दर्शक गुणवत्ता भी चाहते हैं। नाथन मैकुलम और डैरेन सैमी इसके उदाहरण हैं। माइकल होल्डिंग या राहुल द्रविड़ या शेन वार्न जैसे कमेंटेटर इसमें अच्छे साबित होते। 200 से ज्यादा का स्कोर 5061cefbb6a2e126f110fe3635ff9a7a-1463403108-800 इस सीजन में अभी तक मात्र 4 बार 200 से अधिक रन बने हैं। जिसमें तीन बार आरसीबी ने बनाये हैं। एक मुंबई इंडियंस ने बनाया था। इसके आलावा 8 बार स्कोर 190 के पार गया है। पिछले साल से तुलना करने पर हम पाते हैं कि 7 बार स्कोर 200 के पार गया था और 10 बार 190 से ज्यादा स्कोर बना था। इस बार बड़े स्कोर वाले मैच कम हुए हैं, इस वजह से इस बार का लेवल पिछले साल से कम हुआ है। दिलचस्प बात ये है कि पिछली बार 4 विकेट 14 बार गेंदबाजों ने लिए था। इस साल ये सिर्फ 10 है। हालांकि एडम जम्पा ने एक बार 6 विकेट लिए हैं। दिलचस्प बात ये है कि हमने पिछली बार 75 से ज्यादा का स्कोर 22 बार देखा था। इस साल अभी तक 19 बार ऐसा बल्लेबाजों ने किया है। ये हैरानी की बात है कि इस बार बड़े स्कोर नहीं बने हैं। हालाँकि मैदान की स्थिति पिछली बार की तरह ही है। लेकिन रोमांचक मैच देखने को नहीं मिले हैं। नए गेंदबाजों में मुस्ताफिजुर रहमान ने कुछ हद तक मलिंगा की भरपाई की है। लेखक-कृष श्रीपदा, अनुवादक-मनोज तिवारी

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