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एशेज इतिहास के 5 अनजान हीरो

Rahul Pandey
ANALYST
Modified 03 Nov 2017, 12:52 IST
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  सालों से चलती आ रही, एशेज की लड़ाई ने क्रिकेट की दुनिया को ऐसे तमाम खिलाड़ी प्रदान किये है, जिन्होंने इस खेल पर काफी प्रभाव डालने के साथ अपनी एक पहचान बनाने में सफलता भी हासिल की हैं। ऑस्ट्रेलियाई या इंग्लैंड के क्रिकेटरों के लिए शायद ही इससे बड़ा कोई अवसर होता हो अपना नाम और पहचान बनाते हुए एक नायक के रूप में उभरने का। हालाँकि ऐसे खिलाड़ी भी हैं जो चुपचाप अपना काम करते थे और जब उनके बहुत अच्छे प्रदर्शन पर ध्यान भी नही जा पाता है। उन्होंने ऐसे क्षण पर दबाव में खेल कर अपनी टीम को मुश्किल  हालात से बाहर निकलने में मदद की जब उनकी टीमें हार की ओर जा सकती थीं। आइए ऐसे ही पांच खिलाड़ियों पर एक नज़र डालते हैं जो एशेज सीरीज में अपनी टीमों के लिए अनजान नायक रहे थे।


ब्रैड हैडिन (2013-14) एडम गिलक्रिस्ट के साथ में एक ही दौर में खेलते हुए, ब्रैड हैडिन ने 2008 में 30 साल की उम्र में अपना पहला टेस्ट मैच खेला। वो ऑस्ट्रेलिया के 400वें टेस्ट खिलाड़ी भी बने। हैडिन को अंततः माइकल क्लार्क के नेतृत्व में उप-कप्तान बनाकर शुरूआती करियर के नुकसान की कुछ भरपाई मिली। एक ऐसे बदलाव के समय जब टीम के सभी प्रमुख वरिष्ठ  खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया टीम से एक-एक कर जा रहे थे, वो टीम की अहम कड़ी बने। 2013-14 से पहले हैडिन के नाम कुछ ठीक ठाक एशेज श्रृंखला रही थी, घर में 2010-11 की एशेज में, उन्होंने 45 के औसत से 360 रन बनाये और 2013 में इंग्लैंड में उन्होंने 29 विकेट के साथ एक टेस्ट सीरीज़ में विकेटकीपर द्वारा सर्वाधिक आउट का एक नया रिकॉर्ड बनाया। वह 2013-14 एशेज क्लीन-स्वीप के दौरान बेहद महत्वपूर्ण कड़ी बन कर उभरे थे। उन्होंने श्रृंखला की लगभग हर पहली पारी में मुश्किल हालात से ऑस्ट्रेलिया को उबारा था। ऑस्ट्रेलिया पहले टेस्ट में पहली बल्लेबाजी करते हुए 132 रनों पर 6 विकेट गंवाकर पर मुश्किल में थी, लेकिन हैडिन ने जॉनसन (64) के साथ मेजबान टीम को सम्मानजनक 295 रन तक पहुँचाने में मदद की। हैडिन ने उस पारी में सबसे ज्यादा 94 रन बनाए और आखिरी विकेट के रुप में आउट हुए। दूसरी पारी में उन्होंने 53 रनों की तेज अर्धशतकीय पारी खेली जिससे ऑस्ट्रेलिया 401 रन तक पहुँच गयी। दूसरे टेस्ट में, हैडिन ने एक कदम आगे बढ़ टेस्ट शतक बनाया और क्लार्क के साथ ऑस्ट्रेलिया को एक विशाल 570 रन के स्कोर पर ले गये। उसके बाद हुए टेस्ट मैचों में, हैडिन 143/5, 112/5 और 97/5 पर उतरने के बाद ऑस्ट्रेलिया को ठीक-ठाक स्कोर तक पहुंचने में मदद की। उन्होंने क्रमशः उन मौकों पर 55, 65 और 75 रन बनाए। हालांकि इस श्रृंखला में, जॉनसन और हैरिस ने अपनी गेंदबाज़ी का कहर बरपाया और डेविड वार्नर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। इसकी वजह से मुख्य आकर्षण का केंद्र  हैडिन कभी बन ही नही पाये। उन्होंने आठ पारियों में 5 अर्धशतक और 1 शतक के साथ 493 रन बनाए।
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Published 03 Nov 2017, 12:52 IST
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