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चौथी पारी में लक्ष्य का पीछा करते हुए 5 बार बल्लेबाज़ी बुरी तरह विफल रही

Modified 08 Dec 2016
तकरीबन 140 साल पहले पहले टेस्ट मैच खेला गया था। तब से आजतक हम टेस्ट क्रिकेट बेहतरीन यात्रा देखते आ रहे हैं। चौथी पारी में लक्ष्य का पीछा करना काफी कठिन काम माना जाता है। साल 2003 में वेस्टइंडीज ने ऑस्ट्रेलिया के 418 रन के दिए लक्ष्य को हासिल किया था। जो आजतक रिकॉर्ड बना हुआ है। हाल ही में न्यूज़ीलैंड और पाकिस्तान के बीच हुई टेस्ट सीरिज में पाक टीम 369 रन का पीछा कर रही थी। एक समय पाकिस्तानी टीम ने 131 रन बिना विकेट के बना लिए थे। लेकिन अंत में उनकी पूरी टीम 230 रन पर आलआउट हो गयी। मतलब पाक के 10 विकेट 99 रन पर गिरे। आइये एक नजर डालते हैं, 5 सबसे खराब रन चेज पर: इंग्लैंड (बनाम ऑस्ट्रेलिया, मेनचेस्टर-1902)-44/0 से 120/10 1877 में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर पहला टेस्ट मैच खेला गया था। चार्ल्स बैनरमैन ने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास की पहली गेंद का सामना किया और पहली पारी में पहला शतक भी उन्होंने ही बनाया था। उसके 2 दशक बाद विक्टर ट्रम्पर ने 1902 में एशेज में सलामी बल्लेबाज़ी की थी। पहला मैच जीतने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम सीरिज जीतने की ओर बढ़ रही थी। ट्रम्पर ने शतक बनाकर मेहमान टीम को 299 के स्कोर तक पहुँचाया था। जवाब में इंग्लैंड ने भी 262 रन बनाये थे। दूसरी पारी में कंगारू टीम मात्र 86 रन पर सिमट गयी। जिसके चलते इंग्लैंड को जीत के लिए मात्र 124 का लक्ष्य हासिल करना था। अंग्रेज ओपनरों ने 44 रन बिना विकेट गवांये बनाकर इस लक्ष्य की सहजता से कदम बढ़ा दिए थे। लेकिन हग ट्रम्बल ने 6 विकेट लेकर इंग्लैंड को बैकफुट पर ला दिया। अंततः इंलिश टीम मात्र 120 रन पर आलआउट हो गयी और ऑस्ट्रेलिया ने इस मुकाबले को जीत लिया।
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Published 08 Dec 2016
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