Create
Notifications

मौजूदा दौर के 6 कलाइयों के जादूगर जो लेग ब्रेक से ज़्यादा गुगली पर भरोसा करते हैं

शारिक़ुल होदा Shariqul Hoda

वक़्त के साथ क्रिकेट के खेल में भी काफ़ी बदलाव देखने को मिला है। बदलते दौर के साथ इस खेल में रोमांच का तड़का लग चुका है। ऐसे में हर किसी को ये लग रहा था कि रिस्ट स्पिन गेंदबाज़ अपने वजूद को लेकर जद्दोजद करते दिखेंगे, लेकिन आज ऐसा बिलकुल नहीं है। रिस्ट स्पिन गेंदबाज़ न सिर्फ़ अपने अस्तित्व को बचा पाएं हैं बल्कि क्रिकेट में उनका जादू सिर चढ़ कर बोल रहा है। रिस्ट स्पिनर्स को सबसे बहादुर क्रिकेटर कहा जाता है क्योंकि उनके पास ऐसा हुनर होता है जो हर किसी को नसीब नहीं होता। इस तरह के गेंदबाज़ आज के दौर की ज़रूरत बन गए हैं, क्योंकि हर टीम बेहतर प्रदर्शन करना चाहती है, ख़ासकर सीमित ओवर के खेल में। रिस्ट स्पिन गेंदबाज़ी की कला में कई पहलू होते हैं, जिन्में 2 ख़ास हैं पहला लेग ब्रेक और दूसरा गुगली। पारंपरिक तौर पर लेग ब्रेक को स्टॉक बॉल की तरह जाना जाता है, लेकिन को चौंकाने वाली गेंद के तौर पर देखा जाता है। आज के दौर में कुछ रिस्ट स्पिनर्स ऐसे भी हैं जो लेग ब्रेक से ज़्यादा गुगली को पसंद करते हैं। हम यहां ऐसे ही 6 गेंदबाज़ों के बारे में चर्चा कर रहे हैं।

#1 पियूष चावला

पीयूष चावला ने साल 2006 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था तो हर किसी को ये उम्मीद थी कि वो भारतीय क्रिकेट के अगले बड़े सितारे बन सकते हैं। इस लेग स्पिन गेंदबाज़ के पास एक अच्छी रफ़्तार भी थी जिसकी वजह से विपक्षी टीम के बल्लेबाज़ों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। ये काफ़ी कम देखने को मिलता था कि पीयूष लेग ब्रेक स्पिन गेंद फेंकते हैं। ये कहना ग़लत नहीं होगा कि उनकी गुगली ही उनकी स्टॉक गेंद थी। जैसे-जैसे चावला का क्रिकेट करियर आगे बढ़ने लगा, वो धीमी गेंद के ज़रिए लेग ब्रेक भी फेंकने लगे, लेकिन गुगली से उनका लगाव कभी कम नहीं हुआ। वो अकसर विकेट लेने के लिए गुगली पर ज़्यादा भरोसा करते हैं। भले ही चावला का करियर उतना शानदार नहीं हो पाया जितना कि उनसे उम्मीद की जा रही थी, लेकिन घरेलू सर्किट में वो विकेट निकालने में आज भी माहिर हैं।

#2 लक्षन संदाकन

लक्षन संदाकन श्रीलंका की तरफ़ से चाइनामैन बॉलिंग के लिए मशहूर होने वाले पहले गेंदबाज़ हैं। वो बाक़ी रिस्ट स्पिनर्स की तरह ही गेंदबाज़ी करते हैं और बल्लेबाज़ों के लिए मुसीबत का सबब बन जाते हैं। संदाकन कि पारंपरिक लेग ब्रेक गेंद उनकी गुगली की तरह ही ख़तरनाक होती है। लेग ब्रेक के दौरान भी उनकी गेंद टर्न करती है लेकिन उतनी नहीं जितनी कि गुगली के दौरान देखने को मिलती है। संदाकन की स्पिन गेंद की स्पीड अच्छी है और भारतीय उपमहाद्वीप के लिए आदर्श है। हांलाकि संदाकन का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर अपने शुरुआती दौर में ही है। उनकी पास अपने हुनर को तराशने का पूरा मौक़ा है। वो अपने लेग ब्रेक गेंदबाज़ी में और सुधार लगा सकते हैं और स्पीड को बढ़ाने की भी कोशिश कर सकते हैं।

#3 इमरान ताहिर

प्रोटियाज़ टीम के इमरान ताहिर भी ऐसे रिस्ट स्पिन गेंदबाज़ है जो लेग ब्रेक से ज़्यादा गुगली की आज़माइश करते हैं। उनकी गेंदबाज़ी का तारीका शानदार है, यही वजह है कि इस साल उन्हें चेन्नई सुपरकिंग्स टीम में शामिल किया गया है। गुगली फेंकना उनकी पहली पसंद है। ताहिर सीमित ओवर के खेल के लिए बेहद फ़िट खिलाड़ी हैं। जब वो गेंदबाज़ी करने मैदान पर आते हैं तो विपक्षी बल्लेबाज़ों पर ज़रा भी रहम नहीं करते। वो अपनी अहमियत को टीम में हमेशा साबित करते हैं। ताहिर के लेग स्पिन की वजह से सामने वाली टीम पर हमेशा दबाव बना रहता है। अकसर वो गुगली फेंकते देखे जा सकते हैं जिससे बल्लेबाज़ अपना विकेट गवां बैठते हैं।

राशिद ख़ान

राशिद ख़ान अफ़ग़ान टीम की युवा सनसनी है, वो पारंपरिक लेग ब्रेक से ज़्यादा गुगली पर भरोसा करते हैं। उनकी गेंदबाज़ी का तोड़ निकाल पाना दुनिया के किसी भी बल्लेबाज़ के लिए आसान नहीं होता है। राशिद अपनी गेंदबाज़ी में विविधता के लिए मशहूर हैं। उनकी स्पिन गेंदबाज़ी की स्पीड काफ़ी बेहतर है, यही वजह है कि राशिद ख़ान की मांग दुनिया के ज़्यादातर क्रिकेट लीग में है। उनका लेग ब्रेक भी काफ़ी शानदार है यही वजह है कि वो पिछले साल काफ़ी विकेट निकाल पाए थे। जब से उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान टीम में अपने करियर की शुरुआत की है, उन्होंने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनके खेल से ये बात साबित होती है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका भविष्य काफ़ी अच्छा है। साल 2018 के आईपीएल सीज़न में वो एक बार फ़िर सनराइज़र्स हैदराबाद टीम की शान बढ़ाएंगे

#5 अमित मिश्रा

भारतीय क्रिकेट टीम के अमित मिश्रा भी ऐसे गेंदबाज़ हैं जिन्हें अपने लेग ब्रेक से ज़्यादा गुगली पर भरोसा है। उनकी सबसे बड़ी ताक़त उनकी गेंदबाज़ी में विविधता है। वो स्लो गेंद को भी ज़बरदस्त टर्न कराने का हुनर रखते हैं। मिश्रा एक पारंपरिक लेग स्पिनर हैं, जो ज़्यादातर विकेट या तो LBW या बोल्ड के ज़रिए हासिल करते हैं। वो ज़बरदस्त गुगली फेंकते हैं जो बेहद कामयाब साबित होता है। अमित मिश्रा अकसर बल्लेबाज़ों को धीमी लेग ब्रेक गेंद की आदत लगाकर अचानक से गुगली गेंद फेंक देते हैं, जिसमें बल्लेबाज़ सही फ़ैसला नहीं ले पाता और अपना विकेट गंवा बैठता है। अपने पूरे करियर में वो टीम इंडिया में आते और जाते रहे हैं। वो भले ही एक शानदार गेंदबाज़ हैं लेकिन कभी भी टीम इंडिया में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए हैं। लेकिन इस बात में आज भी कोई शक नहीं कि विकेट लेने में उनका जवाब नहीं।

#6 इश सोढ़ी

न्यूज़ीलैंड के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी इश सोढ़ी भी अपना ज़्यादातर विकेट गुगली के ज़रिए ही हासिल करते हैं। उनकी बेहतरीन गेंदबाज़ी का हर कोई क़ायल है। काफ़ी कम वक़्त में उन्होंने हर किसी को अपना दीवाना बना लिया है। उनकी गेंद को खेल पाना बेहद मुश्किल होता है। सोढ़ी कद में काफ़ी लंबे हैं, ऐसे में उनकी स्पिन गेंद बाउंस भी करती है, इसकी वजह से बल्लेबाज़ों के लिए सही शॉट लगाने का फ़ैसला कर पाना टेढ़ी खीर साबित होता है। भारत में सोढ़ी उस वक़्त चर्चा में आए थे जब धर्मशाला के मैदान में साल 2016 की आईसीसी वर्ल्ड टी-20 में शानदार गेंदबाज़ी की थी। वो अपने लेग ब्रेक और गुगली से सभी बल्लेबाज़ों को परेशान करते हैं। लेखक – श्याम यादव अनुवादक – शारिक़ुल होदा

Edited by Staff Editor

Comments

Fetching more content...