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7 प्रसिद्ध मैदान जहां सचिन तेंदुलकर अंतरराष्ट्रीय शतक बनाने में रहे नाकाम

आशीष कुमार
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क्रिकेट इतिहास में कई खिलाड़ी आए और चले गए, लेकिन उनमें से कुछ ही ऐसे हैं जो फैंस के दिलों में अपना खास मुकाम बनाने में कामयाब हुए। क्रिकेट के बारे में कोई भी चर्चा सचिन तेंदुलकर के बिना पूरी नहीं हो सकती। भारत में प्रशंसक न केवल सचिन के मुरीद हैं बल्कि वे उन्हें 'क्रिकेट का भगवान' मानते हैं। अपने 24 साल लंबे करियर में सचिन ने 664 अंतरराष्ट्रीय मैचों में शिरकत की और कुल मिलाकर 34,357 रन बनाए। 164 अर्धशतक और 100 शतकों के साथ वह शतक और अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज़ों की लिस्ट में सबसे ऊपर हैं। सचिन ने 2012 में हुए एशिया कप में बांग्लादेश के खिलाफ अपना 100वां अंतराष्ट्रीय शतक लगाकर इतिहास रचा था। 2013 में अपना आखिरी टेस्ट खेलकर, सचिन ने अपने शानदार करियर का अंत किया। सचिन का खराब रिकॉर्ड हालांकि सचिन ने दुनिया के अलग-अलग मैदानों पर खेलते हुए सभी प्रारूपों में 100 शतक लगाए हैं। हालांकि वह दुनिया भर के कुछ सबसे प्रतिष्ठित स्थानों में शतक लगाने में नाकाम रहे हैं। तो आइए 7 प्रसिद्ध स्थानों की सूची पर नजर डालते हैं, जहां सचिन ने कभी अंतरराष्ट्रीय शतक नहीं लगाया है:

# 7: ईडन पार्क, ऑकलैंड

ईडन पार्क दुनिया के सबसे सुंदर और सबसे पुराने मैदानों में से एक है। इस शानदार स्टेडियम ने न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच 2015 विश्वकप सेमीफाइनल सहित क्रिकेट के कुछ बेहतरीन मैचों की मेजबानी की है। इस मैदान में सचिन की सर्वश्रेष्ठ पारी 1994 में न्यूजीलैंड के खिलाफ एक वनडे मैच में आई थी। पारी शुरुआत करने उतरे सचिन ने 49 गेंदों पर 84 रन बना डाले थे जो उनकी ऐतिहासिक पारियों में से एक है।

# 6: राष्ट्रीय स्टेडियम, कराची

कराची में सचिन ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी। 1989 में, सचिन ने पाकिस्तानी गेंदबाजी अटैक के खिलाफ इस मैदान पर ज़बरदस्त बल्लेबाज़ी की थी। उनका पाकिस्तान में जबरदस्त रिकॉर्ड है, लेकिन इस पिच के उछाल और गति ने उन्हें काफी परेशान किया था।

# 5: गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम, श्रीलंका

इस मैदान पर श्रीलंका के गेंदबाजी अटैक के खिलाफ सचिन ने बेहतरीन पारी खेली शतक बनाने से चूक गए थे। हालांकि, एक बार, उन्हें गाले (2010) में दूसरी पारी में शतक लगाने का मौका मिला, लेकिन उन्हें अनुभवी लसिथ मलिंगा ने अपनी इनस्विंग से एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया था। उस पारी में सचिन ने 84 रन बनाए थे और मात्र 16 रन से वह शतक बनाने से चूक गए थे।

# 4: केनिंग्टन ओवल, बारबाडोस

1990 के दशक में वेस्टइंडीज के घातक गेंदबाज़ी अटैक से बचने के लिए और उनपर हावी होने की तकनीक केवल कुछ ही खिलाड़ियों के पास थी, सचिन उनमें से एक थे। इस विशेष कैरेबियन ग्राउंड में उनका सबसे अच्छा प्रदर्शन 1997 में आया, जब उन्होंने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों के सामने 147 गेंदों पर 92 रनों की पारी खेली थी, हालाँकि फिर से वह शतक बनाने से चूक गए थे।

# 3: द गाबा, ब्रिस्बेन

ऑस्ट्रेलियाई टीम मैदान के अंदर और बाहर हमेशा से सचिन की पसंदीदा टीम रही है। ऑस्ट्रेलिया में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रन बनाना कई क्रिकेटरों के लिए एक कठिन काम रहा है, पर सचिन के लिए नहीं। सचिन ने ब्रिस्बेन में स्थित गाबा मैदान को छोड़कर ऑस्ट्रेलिया में हर एक मैदान पर शतक लगाया है। गाबा की पिच से तेज़ गेंदबाज़ों को अनियमित उछाल और गति मिलती है जिसकी वजह से विदेशी बल्लेबाज़ों के इस मैदान पर रन बनाने बहुत मुश्किल होती है। 2008 में त्रिकोणीय वनडे श्रृंखला में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में सचिन ने अपना 91 रनों का सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया था।

# 2: किंग्समीड, डरबन

डरबन उन प्रतिष्ठित स्थानों में से एक है जिसमें सचिन शतक बनाने से चूक गए। सचिन तेंदुलकर 1992 में दक्षिण अफ्रीका के महत्वपूर्ण दौरे में भारतीय टीम का हिस्सा थे। हालांकि सचिन उस समय बेहतरीन फॉर्म में थे लेकिन उम्मीद के मुताबिक वह उस दौरे में किंग्समीड, डरबन में खेले गए टेस्ट में शतक बनाने से चूक गए, इसके बाद इसी मैदान पर उन्होंने 2006 में 63 रन बनाए लेकिन इससे आगे नहीं बढ़ पाए।

# 1: लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड, लंदन

प्रत्येक क्रिकेटर की इच्छा होती है कि वह क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान में एक बार शतक ज़रूर लगाए, लेकिन दुनिया के सबसे महान क्रिकेटरों में शुमार सचिन तेंदुलकर ऐसे करने में सफल नहीं हो पाए। हालांकि उन्होंने (एमसीसी) के खिलाफ एक मैच में लॉर्ड्स में खेलते हुए रेस्ट ऑफ वर्ल्ड इलेवन के लिए शतक लगाया। हालांकि भारतीय टीम की ओर से खेलते हुए अंतराष्ट्रीय स्तर पर वह ऐसा करने में नाकाम रहे हैं। आपको बता दें सचिन ने टीम इंडिया के साथ कई बार इंग्लैंड का दौरा किया है लेकिन वह इस मैदान पर कभी 50 रनों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए और उनका यहां उच्चतम स्कोर 34 है। लेखक: हरिप्रसाद आरके अनुवादक: आशीष कुमार

Edited by Staff Editor
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