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शाहिद अफरीदी के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर के 7 बड़े लम्हे

सावन गुप्ता
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21 साल के लंबे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर के बाद पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद अफरीदी ने संन्यास ले लिया। वही शाहिद अफरीदी जिन्होंने एक समय वनडे क्रिकेट का सबसे तेज शतक लगाकर पूरी दुनिया में खलबली मचा दी थी। अफरीदी से बार-बार संन्यास के बारे में पूछा जाता था वहीं अब पाकिस्तानी चयनकर्ताओं ने भी उन्हें नजरंदाज करना शुरु कर दिया था। हालांकि क्रिकेट से संन्यास लेने से पहले अफरीदी ने पाकिस्तान सुपर लीग में पेशावर जाल्मी की तरफ से खेलते हुए 28 गेंदों पर 54 रनों की तूफानी पारी खेली। अफरीदी को लोग प्यार से 'बूम बूम' अफरीदी बुलाते हैं। पाकिस्तान के 2009 के टी-20 वर्ल्ड कप जीत में शाहिद अफरीदी का बड़ा योगदान था। शुरुआत में अफरीदी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से अपना एक अलग मुकाम बनाया लेकिन करियर के आधे पड़ाव पर उनकी लेग स्पिन उनकी बल्लेबाजी से ज्यादा मजबूत हो गई। अपनी गेंदबाजी से उन्होंने पाकिस्तान को कई जिताए। आइए आपको बताते हैं शाहिद अफरीदी के क्रिकेट करियर के 7 बड़े लम्हों के बारे में 7. 2002 में शारजाह में न्यूजीलैंड के खिलाफ एक अलग ही तरह की पारी शाहिद अफरीदी उस वक्त काफी विस्फोटक बल्लेबाज माने जाते थे लेकिन उस मैच में उन्होंने रन बनाने के लिए काफी समय लिया। इसके वजह ये थी कि पाकिस्तानी टीम मैच में मुश्किल में थी इस वजह से अफरीदी बहुत सोच-समझकर शॉट खेल रहे थे। एक बार सेट हो जाने के बादे अफरीदी अपने रंग में आ गए उन्होंने 7 चौके और 8 लंबे-लंबे छक्के जड़े। इसकी वजह से पाकिस्तान 213 रन बनाने में कामयाब रहा। उन्होंने अपना तीसरा वनडे शतक पूरा किया और अंत तक नाबाद रहे। एक विस्फोटक बल्लेबाज से इस तरह की पारी को किसी को भी उम्मीद नहीं थी। लेकिन अफरीदी ने मुश्किल समय में थोड़ा टाइम लेकर बाद में तेज बल्लेबाजी की और अपना शतक पूरा किया। इसलिए उनकी ये पारी काफी स्पेशल थी। 6. अप्रैल 2009 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 38 रन देकर 6 विकेट shahid-afridi-of-pakistan-bowls-during-the-gettyimages-1487571802-800 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अफरीदी एक लेग स्पिनर के तौर पर स्थापित हो चुके थे। उनकी पेस और लेंथ को समझना किसी भी बल्लेबाज के लिए मुश्किल काम होता था। यही वजह थी बल्लेबाजी से ज्यादा वो अपनी गेंदबाजी के लिए पाकिस्तानी टीम में चुने जाने लगे। इसी कड़ी में 2009 में दुबई में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक मैच में शाहिद अफरीदी ने शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने उस मैच में 39 रन देकर 6 विकेट चटकाए। सबसे पहले उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई विकेट कीपर बल्लेबाज ब्रैड हैडिन को चलता किया इसके बाद शेन वॉटसन को बोल्ड किया। फिर अफरीदी ने एंड्र्यू साइमंड्स, कैलम फर्ग्युसन, नाथन ब्रैकन और स्टुअर्ट क्लार्क को आउट कर अपने 6 विकेटों का कोटा पूरा किया। इसके बाद बल्लेबाज में उन्होंने 15 गेंदों पर 24 रनी को छोटी लेकिन तेज पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 5 चौके लगाए। 5. अप्रैल 2005 में कानपुर वनडे मैच में भारत के खिलाफ 45 गेंदों पर 102 रनों की पारी afridiiiii 2005 में कानपुर वनडे मैच में चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम 249 रन ही बना सकी। लेकिन इसके बाद जो हुआ वो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि आज शाहिद अफरीदी इतनी खतरनाक बल्लेबाजी करेंगे। लक्ष्य का पीछा करते हुए शाहिद अफरीदी ने उस मैच में 45 गेंदो पर 102 रन ठोंक डाले। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते हुए मैदान के चारो कोने में शॉट लगाए। इस पारी के दौरान अफरीदी ने 10 चौके और 9 छक्के लगाए। पहले विकेट के लिए अफरीदी ने 131 रनों की मजबूत साझेदारी की। अफरीदी के इस तूफानी पारी की बदौलत पाकिस्तान वो मैच आसानी से जीत गया। इस वजह से पाकिस्तान सीरीज में भी 3-2 से लीड लेने में सफल रहा। 4. 2009 टी-20 वर्ल्ड में शानदार प्रदर्शन shahid 2009 पाकिस्तान के 2009 टी-20 वर्ल्ड कप जीत में शाहि अफरीदी का बहुत बड़ा योगदान था। सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और मैन ऑफ द् मैच रहे। सेमीफाइनल मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अफरीदी के ऑलराउंड प्रदर्शन ने पाकिस्तानी टीम को जीत दिला दी। अफरीदी ने बल्लेबाजी में सबसे पहले 46 गेंदों पर 50 रनों की संतुलित पारी खेली। इसके बाद गेंदबाजी में हर्शेल गिब्स और एबी डिविलियर्स जैसे खतरनाक बल्लेबाजों को आउट कर पाकिस्तान की जीत सुनिश्चित की। इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ फाइनल मैच में अफरीदी ने 4 ओवरों में महज 20 रन देकर 1 विकेट चटकाए। जब बल्लेबाजी करने के लिए उतरे तो उन्होंने 40 गेंदो पर 54 रनों की तेज पारी खेली। उनके इस ऑलराउंडर खेल की वजह से पाकिस्तानी टीम अपना पहला टी-20 वर्ल्ड कप जीतने में सफल रही। 1992 के बाद ये पहली बार था जब पाकिस्तान ने कोई ICC ट्रॉफी जीती थी। फाइनल मैच में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए अफरीदी को मैन ऑफ द् मैच चुना गया। 3. 2011 विश्व कप में कप्तानी और गेंदबाजी captain-shahid-afridi-of-pakistan-bats-as-gettyimages-1487571945-800 2011 का वर्ल्ड कप भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश में खेला गया। उस वक्त पाकिस्तानी टीम के कप्तान शाहिद अफरीदी थे। उनकी परफॉर्मेंस को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। लेकिन वर्ल्ड कप के पहले ही मैच में केन्या के खिलाफ 16 रनों पर 5 विकेट लेकर उन्होंने सभी आलोचकों को करारा जवाब दिया। इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ भी अफरीदी ने 4 विकेट चटकाए। कनाडा के खिलाफ मैच में अफरीदी ने एक बार फिर 5 विकेट लिया। बेहतरीन कप्तानी करते हुए अफरीदी ने पाकिस्तान को वर्ल्ड कप के क्वार्टरफाइनल में पहुंचा दिया। क्वार्टरफाइनल में पाकिस्तान के सामने वेस्टइंडीज जैसे मजबूत टीम थी। लेकिन उस मैच में भी अफरीदी ने 4 विकेट चटकाकर पाकिस्तान को जीत दिला दी। इस तरह से पाकिस्तानी टीम अब सेमीफाइनल में पहुंच चुकी थी जहां उनका मुकाबला मेजबान भारत से था। हालांकि सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने पाकिस्तान के विजय रथ को रोक दिया और पाकिस्तान वर्ल्ड कप से बाहर हो गया। सेमीफाइनल में पाकिस्तान भले ही विश्व कप से बाहर हो गया लेकिन पूरे टूर्नामेंट में अफरीदी की गेंदबाजी शानदार रही। अफरीदी ने पूरे टूर्नामेंट में 21 विकेट चटकाए। भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान के साथ वो टूर्नामेंट में संयुक्त रुप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। उनकी कप्तानी की भी काफी तारीफ हुई कि एक औसत पाकिस्तानी टीम को उन्होंने सेमीफाइनल तक पहुंचाया। हांलाकि भारत से सेमीफाइनल हारने के बाद उनकी जमकर आलोचना भी हुई। 2. एशिया कप, मार्च 2014 asia 2014 के एशिया कप मुकाबले में अपनी शानदार बल्लेबाजी से अफरीदी ने एक बार से सभी पाकिस्तानी लोगों का दिल जीत लिया। भारत के खिलाफ मैच में लक्ष्य का पीछा करते हुए मैच काफी रोमांचक स्थिति में पहुंच चुका था। पाकिस्तान को जीत के लिए आखिरी 4 गेंदों पर 9 रन चाहिए थे और विकेट मजह 1 बचा था। सामने गेंदबाजी कर रहे थे रविचंद्रन अश्विन। पूरे मैच में अश्विन शानदार गेंदबाजी कर रहे थे। वो अपनी गेंदबाजी में ऑफ स्पिन और कैरम बॉल का गजब का मिश्रण कर रहे थे। लेकिन फाइनल ओवर में अफरीदी ने अश्विन की चौथी गेंदों को उड़ाकर मारा गेंद सीधे बाउंड्री लाइन के बाहर जाकर गिरी। अब पाकिस्तान को जीत के लिए 3 गेंदों पर 3 रन चाहिए थे। तीसरी गेंद पर भी अफरीदी ने छक्का लगाकर पाकिस्तान को 1 विकेट से जीत दिला दी और एशिया कप के फाइनल में पहुंचा दिया। इन 2 छक्कों के साथ ही पाकिस्तानी फैंस की खुशी साफ देखी जा सकती थी। जबकि भारतीय फैंस काफी मायूस थे। अफरीदी उस मैच में 34 रन बनाकर नाबाद रहे और पाकिस्तान को जीत दिलाकर ही लौटे। जिस तरह से उन्होंने अश्विन की आखिरीद 2 गेंदों पर छक्के लगाए उससे पूरे मैच का पासा ही पलट गया। 1.अपनी पहली ही पारी में सबसे तेज वनडे शतक, नैरोबी, अक्टूबर 1996 shahid in nairobi 16 के अफरीदी ने केन्या के खिलाफ अपना डेब्यू किया लेकिन पहले मैच में उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला। लेकिन श्रीलंका के खिलाफ जब उन्हें अपना पहली अंतर्राष्ट्रीय पारी खेलना का मौका मिला तो उन्होंने दिखा दिया कि वो कितने विस्फोटक बल्लेबाज हैं। अफरीदी ने अपने पहले अंतर्राष्ट्रीय पारी में तेजतर्रार शतक लगाया। श्रीलंकाई गेंदबाजों पर उन्होंने मैदान के चारों तरफ शॉट लगाए। इस शतक के साथ ही वो वनडे में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। इसके अलावा उन्होंने उस वक्त का सबसे तेज वनडे शतक भी बनाया। अफरीदी ने 37 गेंदों पर 11 छक्कों और 6 चौकों की मदद से तूफानी शतक लगाया। अफरीदी का सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड कई सालों तक कायम रहा। 2014 में न्यूजीलैंड के कोरी एंडरसन ने 36 गेंदों पर शतक लगाकर अफरीदी का ये रिकॉर्ड तोड़ा। इसके बाद 2015 में साउथ अफ्रीका के धाकड़ बल्लेबाज एबी डिविलियर्स ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 31 गेंदों पर शतक लगाकर कोरी एंडरसन का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया। अभी डिविलियर्स के नाम वनडे क्रिकेट में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड है। लेखक-रोहित संकर अनुवादक-सावन गुप्ता

Edited by Staff Editor
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