टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले 8 भाईयों की जोड़ी

इंग्लैंड और भारत के बीच हाल में ही समाप्त हुई टी20 सीरीज में चोटिल वॉशिंगटन सुंदर की जगह क्रुणाल पांड्या को भारतीय टीम में शामिल किया गया था। आईपीएल में मुंबई इंडियंस के पिछले 3 सालों से लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले क्रुणाल को उनके प्रदर्शन का तोहफा मिला और उन्हें टीम इंडिया के लिए चुना गया लेकिन उन्हें खेलने का मौका नहीं मिल पाया। क्रुणाल के छोटे भाई हार्दिक पांड्या ने करीब 2 साल पहले भारतीय टीम के लिए डेब्यू किया था और अभी टीम का अहम हिस्सा हैं। हार्दिक अभी तक 75 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। दोनों पांड्या भाईयों ने मुंबई इंडियंस के लिए लगातार शानदार खेल दिखाया है। दोनों के इस प्रदर्शन की वजह से पिछले कुछ सालों में मुंबई इंडियंस आईपीएल की सबसे मजबूत टीम बनकर उभरी है। आईपीएल 2017 के फाइनल मुकाबले में क्रुणाल ने बल्ले और गेंद से शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी टीम को विजेता बनाने में मदद की थी और उन्हें मैन ऑफ़ दी मैच भी चुना गया था। क्रुणाल भले ही टीम इंडिया के लिए डेब्यू नहीं कर पाए लेकिन उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही मौका मिल जायेगा। आज हम आपको ऐसे ही 8 भाईयो के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने एक साथ अपने देश के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला है।

#8 नील ओ ब्रायन और केविन ओ ब्रायन (आयरलैंड)

क्रिकेट परिवार में जन्मे ओ ब्रायन भाई आयरलैंड क्रिकेट के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में रहे हैं। दोनों भाई दुनिया भर में आयरलैंड के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल हैं। नील ओ ब्रायन जहाँ टीम में विकेटकीपर की भूमिका निभाते हैं वहीं केविन हार्ड हिटिंग ऑल राउंडर हैं। दोनों भाईयों ने साल 2006 में आयरलैंड के लिए डेब्यू किया था और टीम किक्यी बड़ी जीतों में अहम भूमिका निभा चुके हैं। 2007 विश्वकप में पाकिस्तान को आयरलैंड से हारकर विश्वकप से बाहर होना पड़ा था। उस मैच में नील ने 72 रनों की पारी खेली थी। वहीं केविन की तेजतर्रार शतकीय पारी की बदौलत आयरलैंड ने 2011 विश्वकप में इंग्लैंड के खिलाफ 330 रनों का लक्ष्य हासिल कर लिया था। केविन के द्वारा बनाया गया शतक आज भी विश्वकप का सबसे तर्ज शतक है। बड़े भाई नील ने 100 एकदिवसीय और 30 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में आयरलैंड का प्रतिनिधित्व किया है जबकि छोटे भाई केविन ने 124 एकदिवसीय और 64 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं।

#7 इरफ़ान पठान और युसूफ पठान

पठान भाईयों ने पहली बार एक साथ 2007 टी20 विश्वकप के फाइनल में खेला था, जहाँ पाकिस्तान को हराकर भारतीय टीम विजेता बनी थी। उस समय इरफ़ान पठान टीम के मुख्य खिलाड़ी थे वहीं युसूफ को चोटिल वीरेंदर सहवाग की जगह पर मौका मिला था। युसूफ ने फाइनल मुकाबले में सलामी बल्लेबाजी करते हुए 15 रन बनाएं वहीं इरफ़ान ने गेंदबाजी में 16 रन देकर 3 बल्लेबाजों को आउट किया। उसके बाद भी दोनों भाईयों ने कई मौकों पर एक साथ अंतरराष्ट्रीय मैच खेला लेकिन सबसे यादगार मैच रहा 2009 में श्रीलंका के खिलाफ खेला गया टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में। मैच में भारत को जीत के लिए 29 गेदों में 57 रनों की जरूरत थी जबकि सिर्फ 3 विकेट बचे थे। दोनों भाईयों ने जीत की जिम्मेदारी उठाई और युसूफ ने 16 गेंद में नाबाद 33 और इरफ़ान ने 10 गेंद में नाबाद 22 रन बनाये। इन पारियों की मदद से भारत ने 4 गेंद बाकि रहते जीत हासिल कर ली।

#6 शॉन मार्श और मिचेल मार्श (ऑस्ट्रेलिया)

शॉन मार्श और मिचेल मार्श ऑस्ट्रेलिया के मशहूर मार्श परिवार से हैं। उसके पिता जेफ मार्श अपने समय के सबसे बेहतरीन विकेटकीपर बल्लेबाजों में शामिल थे। 1999 में जब ऑस्ट्रेलिया ने विश्वकप जीता था उस समय जेफ टीम के कोच भी थे। दोनों भाईयों में बड़े शॉन पहली बार दुनिया ने आईपीएल 2008 में देखा जहाँ वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। उसे बाद शॉन को ऑस्ट्रेलिया की टीम में मौका मिला लेकिन वह कभी टीम में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाये और लगातार टीम से अंदर बाहर होते रहे। छोटे भाई मिचेल मार्श अंडर-19 विश्वकप और घरेलू मैचों में शानदार प्रदर्शन कर ऑस्ट्रेलिया टीम में पहुंचे। चोट की वजह से मिचेल भी लगातार टीम से अंदर बाहर होते रहे हैं। दोनों भाई विश्वकप विजेता टीम का भी हिस्सा रह चुके हैं। अभी ऑस्ट्रेलिया की टीम बुरे दौर से गुजर रही हैं और मार्श भाईयों पर टीम को इससे निकालने की बड़ी जिम्मेदारी है।

#5 ड्वेन ब्रावो और डैरेन ब्रावो (वेस्टइंडीज)

ड्वेन ब्रावो वर्तमान में दुनिया के सबसे पॉपुलर क्रिकेटरों में शामिल हैं। इसके साथ ही वह टी20 क्रिकेट के सबसे बेहतरीन खिलाड़ी भी हैं। वेस्टइंडीज क्रिकेट से विवाद और फ्रेंचाईजी क्रिकेट में मिल रहे पैसे की वजह से वह अब वेस्टइंडीज टीम का हिस्सा नहीं हैं। टी20 क्रिकेट में वह सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज भी हैं। उनके छोटे भाई डैरेन ब्रावो के खेलने का तरीका ब्रायन लारा से मिलता जुलता है और इसी वजह से लोगों को उनसे काफी उम्मीदें थी लेकिन वह इसपर खड़े नहीं उतर पाये। वेस्टइंडीज क्रिकेट में हो रही उठा-पटक की वजह से काफी समय से दोनों भाईयों ने काफी समय से एक साथ खेलते नहीं दिखे हैं।

#4 मोर्ने मोर्केल और एल्बी मोर्केल (दक्षिण अफ्रीका)

एल्बी और मोर्ने दोनों ने लगभग एक समय ही दक्षिण अफ्रीका के लिए डेब्यू किया था। जहाँ एल्बी हार्ड हिटिंग ऑल राउंडर थे वहीं मोर्ने तेज गेंदबाज। एल्बी मोर्केल 2007 से 2010 तक सीमित ओवरों के खेल में दक्षिण अफ्रीका टीम का हिस्सा थे लेकिन खेल में निरंतरता की कमी की वजह से टीम से बाहर हो गये। वहीं मोर्ने मोर्केल खेल के तीनों हो फॉर्मेट में दक्षिण अफ्रीका के रेगुलर खिलाड़ी बन गये। टेस्ट मैचों में उन्होंने डेल स्टेन और फिलैंडर के साथ मिलकर दक्षिण अफ्रीका को कई यादगार जीत दिलाई है। दोनों भाई 2007, 2009 और 2010 टी20 विश्वकप में दक्षिण अफ्रीका टीम का हिस्सा थे लेकिन टीम एक बार भी विजेता नहीं बन पाई।

#3 डेविड हसी और माइक हसी (ऑस्ट्रेलिया)

दोनों हसी भाई सीमित ओवरों के खेल के शानदार खिलाड़ी थे। मिस्टर क्रिकेट के नाम से मशहूर माइक हसी की गिनती क्रिकेट के बेस्ट फिनिशर में होती है। एक समय टेस्ट और वनडे दोनों में ही उनका बल्लेबाजी औसत 50 से ऊपर का था। छोटे भाई डेविड हसी सीमित ओवरों के खेल के खिलाड़ी माने जाते थे। ऑस्ट्रेलिया के लिए उन्होंने 69 वनडे और 39 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं लेकिन टीम में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाये। वह लगातार टीम से अंदर बाहर होते रहे। टी20 क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया ने अभी तक अपनी छाप नहीं छोड़ी है और 6 विश्वकप कप में सिर्फ एक बार ही फाइनल तक पहुँच पाई है। साल 2010 में जब ऑस्ट्रेलिया फाइनल में पहुंची थी उस समय सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ माइक हसी ने ताबरतोड़ पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई थी।

#2 कामरान अकमल और उमर अकमल (पाकिस्तान)

कुछ साल पहले तक दोनों ही अकमल भाई पाकिस्तान टीम का हिस्सा थे। दोनों ही भाई छोटे फॉर्मेट के विस्फोटक खिलाड़ी माने जाते हैं। बड़े भाई कामरान ने अपना डेब्यू मैच साल 2002 में खेला था और उन्हें मोईन खान का विकल्प माना जा रहा था। उन्होंने कुछ अच्छी पारियां खेली लेकिन उनके प्रदर्शन में निरंतरता की कमी थी और विकेट के पीछे भी उनसे काफी गलतियां हो रही थी। छोटे भाई उमर अकमल ने 2009 में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया और अपने खेल से अभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा लेकिन ज्यादा समय तक वह फॉर्म बरकरार नहीं रख पाये। कामरान अभी 36 के हैं और उनमें ज्यादा क्रिकेट नही बची है लेकिन 28 वर्षीय उमर के पास अभी भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करने का मौका है।

#1 ब्रेंडन मैकुलम और नाथन मैकुलम (न्यूज़ीलैंड)

ब्रेंडन मैकुलम की गिनती न्यूजीलैंड के सबसे महान खिलाड़ियों में होती है। उन्होंने 21 साल की उम्र में साल 2002 में अपना डेब्यू मैच खेला था। शुरुआती दिनों में बल्ले से उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहता था लेकिन समय के साथ वह एक विस्फोटक बल्लेबाज बन गये। बड़े भाई नाथन मैकुलम ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना डेब्यू2007 विश्वकप के दौरान दक्षिण अफ्रीका में किया था। वह ऑफ स्पिन ऑल राउंडर थे और सीमित ओवरों के खेल में गेंद और बल्ले से बेहतरीन खेल दिया। दोनों मैकुलम भाईयों ने न्यूजीलैंड क्रिकेट को काफी सेवाएँ दी है लेकिन एक बात का मलाल उनके हमेशा रहेगा कि वह विश्वकप नहीं जीत पाये। लेखक- नीरज अनुवादक- ऋषिकेश सिंह

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