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8 मौके जब आम तौर पर शांत रहने वाले क्रिकेटर्स ने खोया संयम

CONTRIBUTOR
Modified 05 Nov 2015, 07:20 IST
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क्रिकेट को जेंटलमेन गेम कहा जाता है, पर समय के साथ खेल भी काफी बदला है। ब्रिटिश राज के वो दिन चले गए, जब क्रिकेट सिर्फ गोरों के द्वारा चाय के समय खेला जाता था। खेल में प्रतिस्प्रधा और ज्यादा बढ़ गई है और खिलाड़ीयों का स्तर भी बढ़ा है, जिससे कभी-कभी भावनाएं बाहर निकाल आती है। जहां अधिकतर क्रिकेटर्स के साथ आज के समय में यही हाल है, कुछ खिलाड़ी आज भी जेंटलमेन की बीरदारी के है जो असहनीय हालत में भी शांत रहते है। वो अपनी भावनाओं को काबू में रखते है और अपनी खेल भावना के लिए माने जाते है। कभी-कभी जो खिलाड़ी अपने शांत स्वभाव के लिए जाने जाते है, वो भी अपना आपा खो देते है। यहाँ हम आपको बताएँगे उन 8 घटनाओं के बारे में जब शांत स्वभाव के खिलाड़ियों ने अपना आपा खोया:

1. राहुल द्रविड़ ने शोएब अख्तर के सामने खोया आपा

rs-1446549521-800 राहुल द्रविड़ एक ऐसे खिलाड़ी है जो जेंटलमेन शब्द का मतलब बदल सकते हैं। द्रविड़ दबाव के समय में भी अपने आप पर संयम रखने के लिए जाने जाते थे। हालांकि, ‘द वाल’ द्रविड़ भी अपनी पाकिस्तान टीम के खिलाफ अपनी भावनाओं को नहीं रोक सके, जो हमेशा ही एक बड़ा मैच होता है। भारत और पाकिस्तान के बीच 19 सितंबर 2004 को हुये चैम्पियन्स ट्रॉफी मैच में, राहुल द्रविड़ और शोएब अख्तर के बीच जबानी जंग हो गई थी। द्रविड़ के चौका मारने पर, अख्तर जोश में आ गए। वो बल्लेबाज को उत्तेजित करने में लग गए, जैसा अमूमन तेज गेंदबाज करते हैं। द्रविड़ रन पूरा करने में शोएब से टकरा गए, जो गेंद देख रहे थे। तेज गेंदबाज को गुस्सा आ गया और उन्होंने द्रविड़ को कुछ कह दिया। आगे जो हुआ वो कोई सोच भी नहीं सकता है। वहाँ से चले जाने की जगह, द्रविड़ गेंदबाज को क्या परेशानी जानने के लिए उन तक चल कर गए। बाद में अंपायर और इंजमाम ने बीच में आकार मामला सुलझाया।
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Published 05 Nov 2015, 07:20 IST
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