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टेस्ट टीम में जगह बनाने के लिए अभिनव मुकुंद बेकरार

SENIOR ANALYST
Modified 21 Sep 2018

टीम से ड्रॉप होना किसी भी खिलाड़ी को अच्छा नहीं लगता है खासकर तब जब उसने ड्रॉप होने से तुरंत पहले ही अर्धशतक लगाया हो। भारतीय टेस्ट टीम के सलामी बल्लेबाज अभिनव मुकुंद के साथ भी ऐसा ही है लेकिन वो निराश नहीं हैं और हर मौके का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं। मुरली विजय, शिखर धवन और के एल राहुल की मौजूदगी से अभिनव मुकुंद को काफी कम मौके मिलते हैं लेकिन वो घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन कर भारतीय टीम में वापसी करना चाहते हैं। टीम में वापसी के बारे में मुकुंद ने कहा कि 'मेरे लिए घरेलू क्रिकेट में रन बनाकर वापसी करना कोई नई बात नहीं है। मैं अगले सीजन के लिए पूरी तरह तैयार हूं। जो भी मौके मुझे मिलते हैं मैं उसे पूरी तरह भुनाना चाहुंगा। उन्होंने कहा कि मुझे खराब प्रदर्शन की वजह से टीम से बाहर किया गया था। मुझे लगता है कि जो लोग टीम में हैं वे जानते हैं कि मैं क्या कर सकता हूं। ये मेरे लिए अच्छी बात है। अर्धशतक लगाने के बावजूद टीम से ड्रॉप किए जाने को लेकर मुकुंद ने कहा कि ' निश्चित तौर पर इससे मैं निराश हुआ, लेकिन इस समय की भारतीय टीम ऐसी है कि आपको नियमित खिलाड़ियों के लिए बाहर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे भी खिलाड़ी हैं जो कि 300 रन (करुण नायर) बनाने के बाद भी टीम से बाहर हैं। इसी तरह से टीम खेल रही है और यही वजह है कि हम टेस्ट में नंबर वन हैं। मुकुंद ने कहा कि मैं इसे समझता हूं। कप्तान कोहली और कोच रवि शास्त्री ने कहा है कि वे मेरे जज्बे की कद्र करते हैं और मैं जो कोशिश कर रहा हूं उससे खुश हैं। मुझे पता है कि मैं टीम में फिर से वापसी करुंगा। आपको बता दें श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच की दूसरी पारी में 81 रन बनाने के बावजूद अभिनव मुकुंद को दूसरे टेस्ट मैच के लिए ड्रॉप कर दिया गया था। उनकी जगह पर केएल राहुल को टीम में शामिल किया गया। अभिनव मुकुंद 6 साल बाद टीम में वापसी कर रहे थे और कमबैक के बाद ये उनका दूसरा टेस्ट मैच था। अभिनव मुकुंद ने साल 2011 में अपना टेस्ट डेब्यू किया था लेकिन तब से लेकर अब तक उन्होंने महज 7 अंतर्राष्ट्रीय टेस्ट मैच खेले हैं। हालांकि घरेलू क्रिकेट में अगर हम उनके आंकड़ों को देखें तो वो काफी बेहतरीन है। उन्होंने 26 प्रथम श्रेणी शतक लगाए हैं और लगभग 9 हजार रन बना चुके हैं। श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में 81 रनों की पारी उनका दूसरा टेस्ट अर्धशतक था। बाद में मुकुंद ने बताया कि उन्हें शतक नहीं लगा पाने का दुख जरुर था लेकिन क्रीज पर समय बिताकर वो खुश थे। भारतीय टीम अगले साल साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगी। ऐसे में टीम का बेंच कितना संतुलित और मजबूत ये चीज अहम हो जाती है। खासकर भारतीय टीम अपना नंबर एक का रैंक जरुर बरकरार रखना चाहेगी। अभिनव मुकुंद का मानना है कि भारतीय टीम इस वक्त जिस तरह से अच्छी क्रिकेट खेल रही है वैसी कोई टीम नहीं खेल रही है। उन्होंने कहा कि घरेलू क्रिकेट से जो खिलाड़ी भारतीय टीम में आ रहे हैं उन्हे भी उसी तरह की क्रिकेट खेलना होगा। घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने के बावजूद अभिनव मुकुंद नियमित तौर पर भारतीय टेस्ट टीम में जगह नहीं बना पाए हैं। हालांकि खेल के प्रति उनके समर्पण की वजह से रवि शास्त्री और कप्तान कोहली उनसे काफी प्रभावित हैं ।आपको बता दें श्रीलंका से टेस्ट सीरीज जीतने के बाद भारतीय टीम इस वक्त श्रीलंकाई टीम से 5 मैचों की वनडे सीरीज खेल रही है। इसके बाद भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ एकदिवसीय श्रृखंला खेलनी है। अगले साल श्रीलंका की टीम भी भारत का दौरा करेगी।  

   
Published 23 Aug 2017
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