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ऑल टाइम एशिया एकदिवसीय एकादश पर एक नजर

Rahul

क्रिकेट की शुरुआत भले ही इंग्लैंड देश से हुई हो लेकिन क्रिकेट को विश्व में असली पहचान एशियाई देशों में मिली। भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश जैसे बड़े देशों ने क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है साथ ही एक दूसरे के साथ या दूसरे द्वीपों की टीम से खेलते हुए एशिया के खिलाड़ियों ने विश्व क्रिकेट पर राज किया है। एशियाई देशों में क्रिकेट को सिर्फ खेल नहीं धर्म से ऊपर समझा जाता है। एशिया की सभी टीमों का प्रदर्शन विदेशों में शानदार रहा है लेकिन एशिया से बाहर की टीमें उपमहाद्वीप में अच्छा प्रदर्शन करने का हमेशा इंतजार करती रहती है। एशियाई खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी और क्रिकेट के हर विभाग में अपना खेल बखुबी दर्शाया है। कुछ खिलाड़ियों का प्रदर्शन उनके रिकॉर्ड से झलकता है, तो कुछ खिलाड़ियों का खेल उनकी काबिलियत के अनुसार दिखाई देता है। आईये नजर डालते है एशिया की ऑल टाइम एकदिवसीय एकादश पर, जिन्होंने वनडे क्रिकेट में अपने आप को सबसे बेहरतीन ख़िलाड़ी साबित किया है।

आल टाइम एशियाई एकदिवसीय एकादश :

सचिन तेंदुलकर

एशिया एकादश के सलामी बल्लेबाज के रूप में सचिन तेंदुलकर का नाम सबसे ऊपर रखा जायेगा। वनडे क्रिकेट के सबसे महान ख़िलाड़ी सचिन तेंदुलकर ने अपने क्रिकेटिंग करियर में जो मुकाम हासिल किये, शायद ही कोई ख़िलाड़ी हासिल करने के बारे में सोच पाए। वनडे क्रिकेट का लगभग हर बल्लेबाजी रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज है। वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन, शतक, अर्धशतक, सबसे पहले 200 रन बनाने का रिकॉर्ड और भी बहुत सारे कीर्तिमान इस महान ख़िलाड़ी के नाम हैं। सचिन ने भारत के लिए 24 साल तक क्रिकेट खेला, जिसमें उन्होंने 463 वनडे मैचों में शिरकत की और 18426 रन बनाये। वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा 49 शतक और 96 अर्धशतक भी लगाये। सचिन का वनडे औसत 45 और स्ट्राइक रेट 87 के करीब का रहा।सनथ जयसूर्या

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एशिया एकादश में सलामी बल्लेबाज के रूप में सचिन तेंदुलकर का साथ सनथ जयसूर्या देते हुए नजर आयेंगे। श्रीलंकाई टीम के सलामी बल्लेबाज रहे, सनथ जयसूर्या को उनकी बेख़ौफ़ बल्लेबाजी के लिए जाना जाता था। वह सलामी बल्लेबाज के रूप में मैदान में उतरते थे और शुरुआत से ही उनका काम गेंदबाजों की पिटाई करना होता था। शुरुआत अच्छी होने के साथ ही उनमे बड़े स्कोर बनाने की भी काबिलियत भी थी। उनके आंकड़े उनकी बल्लेबाजी के अनुरूप भले ही न हो लेकिन उनकी बल्लेबाजी के तरीके को सभी दर्शक पसंद करते थे। सनथ जयसूर्या ने 445 वनडे मैच खेलते हुए 28 शतक और 68 अर्धशतक की बदौलत 13430 रन बनाये। उनका स्ट्राइक रेट 90 से ऊपर का रहा, जो वनडे क्रिकेट में 10 हज़ार से अधिक रन बनाते हुए किसी बल्लेबाज का नहीं है।विराट कोहली

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भारतीय टीम के मौजूदा कप्तान विराट कोहली को एशिया एकादश में नंबर तीन पर बल्लेबाजी करना हर क्रिकेट प्रेमी देखना चाहेगा। कोहली ने अपने करियर की शुरुआत 2008 में की और 9 साल के शुरूआती करियर में उन्होंने क्रिकेट में बल्लेबाजी के अधिकत्तम रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और बहुत से रिकॉर्ड के वह बहुत करीब हैं। कोहली ने एकदिवसीय क्रिकेट में अभी तक 199 मैचों में शिरकत की है, जिसमें उन्होंने 55 के बेहतरीन औसत के साथ 8767 रन बनाये हैं। कोहली ने वनडे क्रिकेट में 30 शतक जड़ते हुए सबसे ज्यादा शतक बनाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में वह रिकी पोंटिंग के साथ दूसरे नंबर पर आ गये हैं। उनसे आगे उनके हमवतन ख़िलाड़ी रहे सचिन तेंदुलकर 49 शतक बना चुके हैं। कोहली अभी विश्व के सबसे सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बने हुए हैं।कुमार संगकारा

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पिछले एक दशक से श्रीलंकाई क्रिकेट के मजबूत स्तम्भ के रूप में कुमार संगकारा की पहचान हुई। इसलिए एशिया एकादश में उन्हें एक बल्लेबाज और दिग्गज ख़िलाड़ी के रूप में शामिल किया जाना चाहिए। साथ ही मध्यक्रम में हमेशा से अपनी मजबूत बल्लेबाजी के कारण जाने गए संगकारा इस टीम में भी मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते हुए नजर आयेंगे। विश्व कप 2015 में उन्होंने लगातार 4 शतक जड़कर एक इतिहास रच दिया था। कुमार संगकारा ने दो साल पहले क्रिकेट को अलविदा कह दिया लेकिन उनका बल्लेबाजी में प्रदर्शन अब भी बेहतरीन नजर आता है। उन्होंने वनडे और टेस्ट में श्रीलंका की तरफ से सबसे अधिक रन बनाये। उन्होंने अपने वनडे करियर के आखिरी 14 शतक केवल 4 साल में लगाये। संगकारा ने 404 मैच खेलते हुए तक़रीबन 42 के औसत से 14234 रन बनाये, जिसमें 25 शतक और 93 अर्धशतक शामिल थे।इंजमाम उल हक

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एशिया एकादश में पाकिस्तान की तरफ से पहले ख़िलाड़ी इंजमाम उल हक़ ने वनडे क्रिकेट में पाकिस्तान टीम के लिए हमेशा से ही बेहतरीन प्रदर्शन किया। वह पाकिस्तान की तरफ से इकलौते बल्लेबाज हैं, जिन्होंने वनडे मैचों में 10 हज़ार से अधिक रन बनाने का कीर्तिमान अपने नाम किया। विश्वकप 1992 में पाकिस्तान को विश्व विजेता बनाने में अहम किरदार निभा चुके इंजमाम उल हक पाकिस्तानी दिग्गज खिलाड़ियों में शुमार होते हैं। उन्होंने अपनी पॉवर हिटिंग से वनडे मैचों में एक अलग पहचान बनाई और साथ ही उनके नजाकत भरे शॉट्स भी दर्शकों को खूब रास आये। इंजमाम ने 378 वनडे मैच खेलते हुए 11739 रन बनाये। उनका औसत भले ही 40 के पास का हो लेकिन उनका स्ट्राइक रेट (75) एक बेहतरीन वनडे बल्लेबाज का था। इंजमाम ने अपने करियर में 10 शतक और 83 अर्धशतक भी लगाये।महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान और विकेटकीपर)

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भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इस टीम में एक कप्तान और विकेटकीपर के रूप में नजर आयेंगे। एशिया एकादश टीम में बहुत से दिग्गज ख़िलाड़ी हैं, जिन्होंने अपनी राष्ट्रीय टीम का नेतृत्व किया है लेकिन वनडे क्रिकेट में धोनी की कप्तानी और विस्फोटक बल्लेबाजी की काबिलियत से तुलना शायद ही कोई दिग्गज ख़िलाड़ी कर पाए। धोनी ने कप्तानी में आईसीसी के सभी ख़िताब अपने नाम किये हैं, जिसमें 2007 टी20 विश्वकप, 2011 विश्वकप और 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी शामिल है। एक कप्तान के साथ वह विस्फोटक बल्लेबाज भी हैं, जो मैच का रुख कभी भी अपनी टीम की तरफ पलट सकते हैं। कप्तान और बल्लेबाज के रूप में उनका तीसरा किरदार एक विकेटकीपर के रूप में भी गिना जाता है। वनडे क्रिकेट में उन्होंने सबसे ज्यादा स्टंपिंग अपने नाम की हुई है।कपिल देव

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एशिया एकादश में एक तेज गेंदबाज ऑलराउंडर के रूप में भारत के महान कप्तान रहे कपिल देव का नाम शामिल किया जाता है। उन्होंने अपनी कप्तानी में भारत को 1983 विश्व कप का ख़िताब जिताया था। साथ ही वह अपने समय में वनडे क्रिकेट के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर के रूप में जाने जाते थे। कपिल देव ने अपने वनडे करियर में 225 मैच खेले, जिसमें बल्लेबाजी करते हुए 24 के औसत से 3783 रन बनाये लेकिन एक गेंदबाज के रूप में उनका प्रदर्शन शानदार रहा, उन्होंने 225 मैचों में 3.71 के इकॉनमी से 253 विकेट अपने नाम किये। एक ऑलराउंडर के रूप में वह एशिया एकादश के अहम हिस्सा हैं।शाकिब अल हसन

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कपिल देव के बाद टीम में एक स्पिन गेंदबाज ऑलराउंडर के रूप में बांग्लादेश के शाकिब अल हसन होंगे। शाकिब ने बांग्लादेश क्रिकेट को अपने प्रदर्शन से पिछले कुछ सालो में एक मजबूत टीम के रूप में उभारा है। उनके ऑलराउंड प्रदर्शन से विपक्षी टीम हमेशा मुश्किलों में नजर आई है। शाकिब ने अभी तक 177 वनडे खेले हैं। बल्लेबाजी में उन्होंने तक़रीबन 35 के औसत से 4983 रन बनाये हैं, जिसमें 7 शतक भी शामिल है। अगर गेंदबाजी की बात की जाए तो शाकिब ने 177 मैचों में 30 के औसत से 224 विकेट अपने नाम किये हैं। उनका इकॉनमी रेट 4.41 का रहा है।वसीम अकरम

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तेज गेंदबाजी की बात की जाए और एशिया टीम का साथ में नाम लिया जायेगा, तो सबसे पहले पाकिस्तान के वसीम अकरम का नाम सामने आएगा। अकरम ने वनडे क्रिकेट में तेज गेंदबाजी को एक नया रूप दिया था। पहले ही ओवर से गेंद को दोनों तरफ से स्विंग कराना अकरम के लिए आम बात हो गई थी। उन्हें इस कारनामे के लिए स्विंग का सुल्तान भी कहा जाने लगा था। वसीम अकरम ने 356 वनडे मैच खेले, जिसमें उन्होंने 502 विकेट 3.89 के इकॉनमी से अपने नाम किये। सबसे पहले 500 विकेट लेने वाले वसीम पहले गेंदबाज बने थे।वकार युनुस

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पाकिस्तान क्रिकेट ने विश्व क्रिकेट के सामने हमेशा से तेज गेंदबाज के रूप में अनेक महान ख़िलाड़ी दिए हैं। वसीम अकरम के साथ एशिया एकादश में तेज गेंदबाजी का दरामोदर उनके साथी तेज गेंदबाज रहे, वकार युनुस सम्भालते हुए नजर आयेंगे। एक तरफ जहाँ अकरम स्विंग के लिए मशहूर थे, तो वकार की ताकत उनकी सटीक यॉर्कर गेंद और रिवर्स स्विंग गेंदे हुआ करती थी। वकार ने अपने वनडे करियर में 262 मैच खेले जिसमें, उन्होंने 416 विकेट हासिल किये। इस दौरान उनका औसत केवल 24 के करीब का रहा।मुथैया मुरलीधरन

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एशिया एकादश में तेज गेंदबाजी के साथ स्पिन गेंदबाजी का जिम्मा श्रीलंका के महान स्पिनर मुरलीधरन के हाथों होगा। मुरलीधरण ने अपनी स्पिन गेंदबाजी में दुनिया के महान बल्लेबाजों को परेशान किया हुआ है। मुरली ने 350 वनडे मैच खेलते हुए 3.93 के इकॉनमी रेट से 534 विकेट लिए हैं। वनडे क्रिकेट में मुरली के नाम ही सबसे ज्यादा विकेट हैं। शाकिब अल हसन के साथ एशिया एकादश का स्पिन विभाग मुरलीधरन के हाथों होगा।

Edited by Staff Editor

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