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एमएस धोनी की कप्तानी का एक रिकॉर्ड, जिसे विराट कोहली कभी नहीं तोड़ सकेंगे

ANALYST
Modified 21 Sep 2018
विराट कोहली का भारतीय टेस्ट कप्तान के रूप में शानदार सफ़र रहा है, लेकिन वह पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी द्वारा स्थापित किये एक रिकॉर्ड की बराबरी कभी नहीं कर सकेंगे। विकेटकीपर बल्लेबाज के नेतृत्व में भारतीय टीम ने कभी भी घर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट नहीं गंवाया है। झारखंड के खिलाड़ी का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घर में बेहतरीन प्रदर्शन रहा है, जिसमें 8 टेस्ट जीत शामिल है। कोहली और उनकी टीम का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पुणे में संपन्न पहले टेस्ट से पूर्व टेस्ट क्रिकेट में प्रदर्शन शानदार रहा। पुणे टेस्ट से पहले भारतीय टीम 19 मैचों से अपराजित थी। हालांकि, पुणे में समीकरण बदल गए। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। गेंद बहुत टर्न ले रही थी, लेकिन मेहमान टीम ने किसी तरह 260 रन का स्कोर खड़ा करने में कामयाबी हासिल की। जवाब में भारतीय टीम पहली पारी में 105 रन के मामूली स्कोर पर ऑलआउट हो गई। ऑस्ट्रेलिया ने दोबारा बल्लेबाजी की और भारत के सामने 441 रन का विशाल लक्ष्य रखा। यह भी पढ़ें : पूर्व भारतीय बल्लेबाज़ मोहम्मद कैफ ने एमएस धोनी को लेकर दी बड़ी प्रतिक्रिया बाएं हाथ के स्पिनर स्टेव ओ'कीफ ने दूसरी पारी में 35 रन देकर 6 विकेट लिए और भारत को दूसरी पारी में 107 रन पर ऑलआउट कर दिया। कीफ ने मैच में कुल 70 रन देकर 12 विकेट चटकाए। बहरहाल, पहले टेस्ट के बावजूद भारत को सीरीज विजेता का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। मगर विराट कोहली के लिए एमएस धोनी द्वारा स्थापित किए रिकॉर्ड को तोड़ना अब नामुमकिन हो गया है। भारत को पहले टेस्ट में करारी शिकस्त मिली और इसके साथ ही कोहली की ऑस्ट्रेलिया को वाइटवॉश करने की उम्मीदों को भी तगड़ा झटका लगा है। धोनी की कप्तानी में भारत ने घर में कभी भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट नहीं गंवाया है। उनके नेतृत्व में 2008/09 में पहली बार भारत ने 2-0 से सीरीज जीती थी। फिर 2010/11 में भारत ने इसी अंतर से टेस्ट सीरीज पर कब्ज़ा किया। 2012/13 में मेजबान टीम ने मेहमानों का 4-0 से सफाया किया, जिसमें पहले टेस्ट में धोनी का दोहरा शतक आकर्षण का केंद्र भी बना। भले ही धोनी का रिकॉर्ड तोड़ना कोहली के अब बस में नहीं, लेकिन उनके पास कीर्तिमान स्थापित करने का समय जरुर है क्योंकि सीरीज में अभी तीन मैच शेष हैं। कोहली को जानते हुए यह माना जा सकता है कि वह सीरीज जीतने के लिए पूरा जोर लगा देंगे। बल्ले से बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले कोहली दूसरे टेस्ट में एक बार फिर कमाल की पारी खेलकर टीम को सीरीज में 1-1 की बराबरी दिलाना चाहेंगे।
Published 27 Feb 2017, 17:59 IST
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