बीसीसीआई ने भारतीय खिलाड़ी को किया बैन, अहम वजह आई सामने 

(Photo Courtesy: Twitter)
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रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) का आगाज हो चुका है। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के आगाज के साथ ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने एक बड़ा फैसला करते हुए ओडिशा के ऑलराउंडर सुमित शर्मा (Sumit Sharma) को दो साल के लिए बैन कर दिया है। सुमित को बैन करने का कारण उम्र में फर्जीवाड़ा करना रहा। उनका फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद ओडिशा के रणजी ट्रॉफी मैच से ठीक पहले बीसीसीआई की गवर्निंग बॉडी की अनुशासनात्मक समिति ने सुमित को 2 साल के लिए बैन कर दिया।

सुमित द्वारा उम्र में फर्जीवाड़ा की जानकारी तब सामने आई, जब उन्होंने रणजी ट्रॉफी के पहले अपना जन्म प्रमाण पत्र जमा किया। दरअसल, उनके द्वारा दिया गया जन्म प्रमाण पत्र उस प्रमाण पत्र से मेल नहीं खा रहा था, जो उन्होंने जूनियर लेवल पर 2015-16 के सीजन में जमा किया था।

सुमति शर्मा के बैन होने के बाद ओडिशा क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव संजय बहेरा ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा, ‘ओडिशा सीनियर मेंस क्रिकेट टीम के खिलाड़ी सुमित शर्मा को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने घरेलू टूर्नामेंट खेलने पर दो साल का बैन लगाया है। बीसीसीआई ने यह बैन उन पर एक से ज्यादा जन्म प्रमाण पत्र देने के बाद लगाया है। उन्होंने जूनियर लेवल पर 2015-16 में जो जन्म प्रमाण पत्र दिया था वो अभी वाले से अलग है।’

यह मामला सामने आने के बाद ओडिशा क्रिकेट एसोसिएशन ने सुमित शर्मा के रिप्लेसमेंट का भी ऐलान कर दिया है। ओडिशा ने उनकी जगह पर तारिनी एस ए को चुना है और वह टीम के साथ जुड़ भी गए हैं।

आपको बता दें कि रणजी ट्रॉफी के पहले मैच में ओडिशा की टीम बड़ौदा के खिलाफ उतरी है। इस मैच में बड़ौदा ने अपनी पहली पारी में 450 से ज्यादा का स्कोर बनाया, जिसके जवाब में ओडिशा 150 रनों के अंदर ही 7 विकेट गंवा चुकी थी।

Edited by Prashant Kumar