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आईसीसी के 2023 तक के सभी टूर्नामेंट से बाहर हो सकती है भारतीय टीम

Rahul Sharma
SENIOR ANALYST
Modified 21 Sep 2018, 20:36 IST
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भारतीय क्रिकेट बोर्ड और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के बीच चल रहे नए रेवन्यू मॉडल को लेकर बीसीसीआई ने कड़ा रुख अपनाते हुए आईसीसी को पत्र लिखने का मन बनाया है। पत्र के जरिए बीसीसीआई 2014 में हुए मेम्बर पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट (एमपीए) को मंजूरी नहीं देने वाला है। आईसीसी के नए रेवन्यू मॉडल के अनुसार बीसीसीआई के कारोबार का हिस्सा 570 मिलियन डोलर से गिराकर 293 मिलियन डॉलर कर दिया है, जिस पर बीसीसीआई ने नाराजगी जताई है। आईसीसी ने विवाद को सुलझाने के लिए 100 मिलियन डॉलर अधिक देने का प्रस्ताव भी बीसीसीआई के सामने रखा है। भारत की तरफ से आईसीसी की बैठक में शिरकत करने वाले अमिताभ चौधरी ने इस प्रस्ताव से साफ़ इंकार कर दिया है। हालाकि प्रस्ताव अभी भी एसजीएम (स्पेशल जनरल मीटिंग) में दाखिल है, जिस पर पुर्नविचार करने की कोशिश की जा रही है। आईसीसी बैठक के बाद इंडियन एक्सप्रेस को दिए गए इंटरव्यू में अमिताभ चौधरी ने बताया कि नए रेवन्यू मॉडल पर हम बिलकुल सहमत नहीं है। यह बीसीसीआई की शर्तों में शामिल नहीं होता है। हम आईसीसी को कहना चाहते हैं कि भारत के कारण ही उनको क्रिकेट में ज्यादा फायदा मिलता है। हम भी यही चाहते हैं कि सब कुछ अच्छे से हो और हमें फायदे के हिसाब से हिस्सा दिया जाए। चौधरी से जब 100 मिलियन डॉलर अधिक के प्रस्ताव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह भारत के लिए उचित नहीं है, जितना हिस्सा भारत का रहता है उतना ही उसको मिलना जरूरी है। दरअसल यह सब मामला पिछले हफ्ते हुई आईसीसी की बैठक से शुरू होता है। जहा बीसीसीआई को 13-1 के जनमत से नए रेवन्यू मॉडल के लिए कहा गया। पूर्ण सदस्य देशों के साथ आईसीसी के अध्यक्ष को मिलाकर सभी के सभी मत भारत के खिलाफ गए। इसी विवाद को लेकर बीसीसीआई की सहमती पर आईसीसी को पत्र लिखा जायेगा और इस पर दोबारा से सोच विचार करने को कहा जायेगा। दुनिया में सबसे मजबूत क्रिकेट बोर्ड होने के साथ बीसीसीआई ने आईसीसी के सामने ये शर्ते रखीं है। अगर आईसीसी इस पर गहन विचार न करते हुए अपने फैसले पर डटा रहता है तो बीसीसीआई 2015 से 2023 तक होने वाले सभी आईसीसी इवेंट्स से अपना नाम वापस ले सकती है, जिसका ज्यादा खामियाजा आईसीसी को भुगतना पड़ सकता है। अगर ऐसा हुआ तो पूरे क्रिकेट जगत से भारत के सभी कॉन्ट्रैक्ट एक तरह से समाप्त हो जाएंगे। इस अवधि में जो प्रमुख टूर्नामेंट खेले जाने हैं, उसमें 2019 का विश्व कप, 2020 का वर्ल्ड टी20, 2018 का महिला वर्ल्ड टी20, 2023 में भारत में होने वाला विश्व कप और 1 जून से शुरु हो रहा चैंपियंस ट्रॉफी शामिल है। भारत के इन बड़े टूर्नामेंट से हटने से क्रिकेट जगत को बहुत बड़ा झटका लग सकता है। Published 02 May 2017, 18:37 IST
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