मौजूदा समय की श्रेष्ठ एशिया एकादश पर एक नजर

साल 2018 का एशिया कप 50 ओवर के फ़ॉर्मेट में यूएई में सितंबर के महीन में खेला जाएगा। ये एशिया कप का 14वां सीज़न है। ये तीसरा मौका होगा जब ये यूएई इस टूर्नामेंट की मेज़बानी करेगा। इससे पहले साल 1984 और 1995 में भी एशिया कप यूएई में आयोजित किया गया था। भारत इस टूर्नामेंट का मौजूदा चैंपियन है। साल 2018 में ये टूर्नामेंट भारत में खेला जाना था, लेकिन भारत-पाक के बीच जारी राजनीतिक तनाव की वजह से इस यूएई में शिफ़्ट कर दिया गया। पृष्ठभूमि 29 अक्टूबर 2015 को एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) की मीटिंग सिंगापुर में आयोजित की गई थी। वहां बीबीसीआई के सचिव ने कहा था कि एशिया कप 2018 का आयोजन भारत में होना चाहिए। अगस्त 2017 में बीसीसीआई ने इसके लिए भारत सरकार की अनुमति मांगी। साल 2017 में एसीसी अंडर-19 एशिया कप की मेज़बानी मलेशिया को सौंप दी गई। अप्रैल 2018 में अबु धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन ज़ाएद अल नहयान ने बीसीसीआई और एसीसी से कहा कि ये टूर्नामेंट अबु धाबी में आयोजित किया जाए ताकि पाकिस्तान की टीम इसमें हिस्सा ले सके। इससे पहले पाकिस्तान में 2018 एसीसी इमर्जिंग टीम एशिया कप अप्रैल में आयोजित किया जाना था, लेकिन अब ये टूर्नामेंट दिसंबर 2018 में पाकिस्तान और श्रीलंका में संयुक्त रूप से आयोजित किया जाएगा। एशिया एक ऐसा महाद्वीप है जहां कई महान क्रिकेटर्स का जन्म हुआ है, और इसके देशों से कई बेहतरीन खिलाड़ी उभर कर सामने आए हैं। हम यहां उन खिलाड़ियों को लेकर चर्चा कर रहे हैं जिनको मिलाकर एक मज़बूत और संतुलित एशिया एकादश टीम तैयार की जा सकती है। ओपनर : रोहित शर्मा और शिखर धवन इस बात में कोई शक नहीं कि मौजूदा दौर में रोहित शर्मा और शिखर धवन वनडे की सबसे बेहतरीन ओपनिंग जोड़ी है। वो किसी भी तरह की गेंदबाज़ी का माकूल जवाब देने की ताक़त रखते हैं। रोहित दुनिया के एकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने वनडे में 3 दोहरा शतक लगाया है, जो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है। वो इस वक़्त आईसीसी रैंकिंग में चौथे नंबर पर हैं, इस लिए वो एशिया एकादश में अपनी जगह रखते हैं। दूसरी तरफ़ शिखर धवन इस वक़्त अपने बेहतरीन फ़ॉम में चल रहे हैं। उन्होंने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफ़ी, दक्षिण अफ़्रीका और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया है। आईसीसी वनडे रैंकिंग में वो 10वें नंबर पर हैं। वो मैदान के चारों तरफ़ शॉट लगाने में माहिर हैं और रोहित शर्मा का बख़ूबी साथ निभाते हैं। मध्यक्रम : बाबर आज़म और विराट कोहली (कप्तान) वनडे क्रिकेट में बाबार आज़म का रिकॉर्ड शानदार रहा है। वो मौजूदा दौर में पाकिस्तान के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज़ों में से एक हैं, ख़ासकर सीमित ओवर के खेल में। हाल में ही वो वनडे में सबसे तेज़ 1000 रन का आंकड़ा पूरा करने वाले खिलाड़ी बने हैं। हाल में ही वो पहली 25 पारियों में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने हैं। मौजूदा आईसीसी रैंकिंग में वो दूसरे पायदान पर हैं। विराट कोहली की सबसे ख़ास बात ये है कि वो किसी भी फ़ॉर्मेट में बेहतरीन खेल दिखा सकते हैं। अगर वनडे क्रिकेट की बात करें तो उनके रिकॉर्ड्स ही उनकी महानता की गवाही देते हैं। मौजूदा आईसीसी रैंकिंग में वो पहले पायदान पर बने हुए हैं। वो लक्ष्य का पीछा करने में माहिर खिलाड़ी है। उनकी एक और ख़ास बात ये है कि वो किसी भी हालात में बल्लेबाज़ी कर सकते हैं। एक कप्तान के तौर पर भी वो बेहद प्रभावशाली हैं। बाबर और विराट मिलकर एशिया एकादश में एक बेहतरीन साझेदार हो सकते हैं। अगर दोनों एक साथ बल्लेबाज़ी करें तो वो मध्य को ओवर में 6 रन प्रति ओवर की दर बरक़रार रख सकते हैं। डेथ ओवर में इन दोनों बल्लेबाज़ों पर पूरा भरोसा किया जा सकता है।विकेटकीपर और ऑलराउंडर : एमएस धोनी (विकेटकीपर), हार्दिक पांड्या और शाक़िब अल हसन मौजूदा वक़्त में भारत के पूर्व कप्तान एमएस धोनी दुनिया के सबसे बेहतरीन विकेटकीपर-बल्लेबाज़ हैं। जब वो बल्लेबाज़ी करने मैदान में आते हैं तो विपक्षी टीम के गेंदबाज़ों पर ज़बरदस्त दबाब रहता है। उनकी मौजूदगी में टीम के बाक़ी खिलाड़ी में गज़ब का उत्साह देखने को मिलता है। वो दुनिया के सबसे बेहतरीन फ़िनिशर्स में से एक हैं। विकेटकीपिंग की बात करें तो स्टंप के पीछे उनकी फुर्ती देखते ही बनती है। 24 साल के हार्दिक पांड्या एक बेहतरीन ऑलराउंडर हैं। वो गेंदबाज़ी, बल्लेबाज़ी और फ़ील्डिंग तीनों कला में माहिर हैं। वो तेज़ रन बनाने और नाज़ुक मौक़ों पर विकेट निकालने का हुनर रखते हैं। फ़िल्डिंग करते वो मजाल नहीं है कि गेंद उनके बगल से निकल जाए। एशिया एकादश के दूसरे आलराउंडर हैं बांग्लादेश के शाक़िब अल हसन। वो स्पिन बॉलिंग करते हैं और बल्लेबाज़ी में तो उनका जवाब ही नहीं है। वो बांग्लादेश के सबसे बेहतरीन हरफ़नमौला खिलाड़ी है। अगर ऑलराउंडर्स की बात करें तो आईसीसी रैंकिंग में वो नंबर वन पर हैं। सीमित ओवर के खेल में उनसे बेहतर ऑलराउंडर कोई हो ही नहीं सकता। स्पिनर : राशिद ख़ान और कुलदीप यादव राशिद ख़ान आईसीसी वनडे रैंकिंग के टॉप गेंदबाज़ों की लिस्ट में सबसे युवा गेंदबाज़ हैं। वो वनडे में सबसे तेज़ और सबसे कम उम्र में 100 विकेट हासिल करने वाले खिलाड़ी है। उन्होंने अपने 44वें वनडे मैच में 100वां विकेट हासिल किया था। इससे पहले ये रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क के नाम था जिन्होंने 52 मैचों में ये उपलब्धि हासिल की थी। मौजूदा आईसीसी वनडे रैंकिंग में वो दूसरे नंबर पर हैं। वो अपनी टीम के लिए मैच विनर की भूमिका निभाते हैं और हालात के हिसाब से गेंदबाज़ी कर सकते हैं। हाल के दिनों में चाइनामैन बॉलर कुलदीप यादव टीम इंडिया के लिए मैच विनर बनकर सामने आए हैं। यादव ने हाल में ही ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ वनडे में हैट्रिक ली थी। उनका बेहतरीन फ़ॉम दक्षिण अफ़्रीका और इंग्लैंड में भी जारी था। अगर उन्हें एशिया एकादश टीम में वो गेंदबाज़ी को मज़बूती प्रदान कर सकते हैं।तेज़ गेंदबाज़ : हसन अली और जसप्रीत बुमराह हसन अली की सबसे ख़ास बात है कि वो अपनी गेंदबाज़ी में विविधता लाते हैं जो किसी भी बैटिंग लाइन अप के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। मध्य के ओवर्स में वो बेहद कारगर दिखाई देते हैं। साल 2017 में पाकिस्तान को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफ़ी दिलाने में उनका अहम योगदान था, यही वजह है कि उन्हें उन्हें मैन ऑफ़ द सीरीज़ के अवॉर्ड से नवाज़ा गया था। वो पाकिस्तान की तरफ़ से वनडे में सबसे तेज़ 50 विकेट लेने वाले गेंदबाज़ हैं। भारत के जसप्रीत बुमराह सीमित ओवर के सबसे घातक गेंदबाज़ों में से एक हैं। नई गेंद और डेथ ओवर्स में वो और भी ज़्यादा ख़तरनाक हो जाते हैं। वो अपनी जानलेवा यॉर्कर गेंद से विपक्षी टीम के बल्लेबाज़ों के पसीने छुड़ा देते हैं। जसप्रीत बुमराह विकेट निकालने का हुनर बख़ूबी जानते हैं। लेखक- हेमंतस्पोर्ट्स अनुवादक- शारिक़ुल होदा

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