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ऑलटाइम विश्वकप एकादश पर एक नज़र

आईसीसी वर्ल्ड कप का इंतज़ार हर खिलाड़ी और टीम को रहता है। इस टूर्नामेंट को जीतने की चाहत हर क्रिकेट खेलने वाले देश को होती है। इसे जीतना हर किसे के बस की बात नहीं है। साल 1975 से लेकर 2015 तक 11 विश्वकप हुए हैं। 44 साल के इतिहास में कई खिलाड़ियों और टीम ने अपना जलवा बिखेरा है। यहां हम सभी वर्ल्ड कप के कई खिलाड़ियों को मिलाकर एक वर्ल्ड कप एकादश टीम तैयार की है। पूरी टीम इस प्रकार है:

सलामी बल्लेबाज़

सचिन तेंदुलकर ( भारत )

ओपनिंग के लिए सचिन की जगह कोई और ले ही नहीं सकता। वो क्रिकेट इतिहास के महानतम बल्लेबाज़ों में से एक हैं। उनकी बैटिंग स्टाइल कमाल की थी। सचिन ने 6 वर्ल्ड कप में शिरकत की है, ऐसे कारनामा करने वाले वो क्रिकेट इतिहास के दूसरे खिलाड़ी हैं। उनके अलावा पाकिस्तान के जावेद मियांदाद ने 6 विश्वकप खेले हैं। सचिन वर्ल्ड कप के 45 मैच में शामिल हुए हैं, इस दौरान उन्होंने 56.95 की औसत और 88.98 की स्ट्राइक रेट से 2278 रन बनाए हैं। उन्होंने वर्ल्ड कप में 6 शतक और 50 अर्धशतक लगाए हैं। सचिन का सर्वाधिक स्कोर 152 रन है। सनथ जयसूर्या (श्रीलंका) सनथ जयसूर्या श्रीलंका के आक्रामक बल्लेबाज़ों में से एक थे, उनकी गिनती दुनिया के बेहतरीन सलामी बल्लेबाज़ों में की जाती है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बतौर गेंदबाज़ की थी, लेकिन वो एक बल्ले के साथ भी उन्होंने काफी नाम कमाया। जयसूर्या ने 38 वर्ल्ड कप मैच में 34.26 की औसत और 90.66 की स्ट्राइक रेट से 1165 रन बनाए थे। विश्वकप में उन्होंने 3 शतक और 6 अर्धशतक लगाए हैं।

मिडिल ऑर्डर

ब्रायन लारा ( वेस्टइंडीज़ )

ब्रायन लारा को क्रिकेट की दुनिया में एक बेख़ौफ़ बल्लेबाज़ की तौर पर जाना जाता था। उनके अंदर रन बनाने की ज़बरदस्त भूख थी। वो स्पिन और पेस दोनों को बेहतर तरीके से खेलना जानते थे। लारा ने 34 वर्ल्ड कप मैच खेले, जिनमें 42.24 की औसत और 86.26 के स्ट्राइक रेट से 1225 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 2 शतक और 7 अर्धशतक लगाया था। रिकी पोंटिग (कप्तान) (ऑस्ट्रेलिया) क्या कोई विश्वकप की ड्रीम टीम रिकी पोंटिंग के बिना पूरी हो सकती है ? वो मध्यक्रम के विस्फोटक बल्लेबाज़ थे। उन्हें क्रिकेट इतिहास का सबसे शानदार कप्तान कहा जाए, तो गलत नहीं होगा। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई टीम को 2 बार विश्वकप दिलाया है। यहीं वजह कि उन्हें इस लिस्ट में शामिल किया गया है। पोटिंग ने वर्ल्ड कप में 46 मैच खेले हैं जो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड भी है। इस दौरान उन्होंने 45.56 की औसत और 79.95 की स्ट्राइक रेट से 1743 रन बनाए हैं। वर्ल्ड कप में उन्होंने 5 शतक और 6 अर्धशतक लगाए हैं। एबी डीविलियर्स (दक्षिण अफ़्रीका) एबी डीविलियर्स को ‘मिस्टर 360 डिग्री’ के नाम से भी जाना जाता है। वर्ल्ड कप में उन्होंने 63.52 की औसत और 117.29 के स्ट्राइक रेट से 1207 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 4 शतक और 6 अर्धशतक भी लगाया है। इस टूर्नामेंट में उनका सर्वाधिक निजी स्कोर 162* रन है।

विकेटकीपर और ऑलराउंडर

कुमार संगाकारा ( श्रीलंका )

श्रीलंका के पूर्व कप्तान कुमार संगाकारा क्रिकेट इतिहास के अहम खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने वनडे में 10 हज़ार रन बनाए हैं और बतौर विकेटकीपर उन्होंने 404 कैच लिए। वो वनडे क्रिकेट के सबसे कामयाब विकेटकीपर में से एक हैं। वर्ल्ड कप में उन्होंने 37 मैच में 56.74 की औसत और 86.55 की स्ट्राइक रेट से 1532 रन बनाए हैं। जैक्स कैलिस (दक्षिण अफ़्रीका) इस बात में कोई शक नहीं है कि जैक्स कैलिस क्रिकेट इतिहास के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर हैं। वो दुनिया के एकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने वनडे में 10 हज़ार से ज़्यादा रन बनाए और 250 विकेट हासिल किए। वर्ल्ड कप में उन्होंने 36 मैच खेले, जिनमें उन्हें 45.92 की औसत और 74.90 के स्ट्राइक रेट से 1148 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 1 शतक और 9 अर्धशतक भा लगाया।

स्पिनर

मुथैया मुरलीधरन ( श्रीलंका )

इस टीम में स्पिनर की जगह मुरलीधरन की जगह कोई और ले ही नहीं सकता। मुरली ने वनडे और टेस्ट में सबसे ज़्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया है। जो बल्लेबाज़ी में तेंदुलकर का मुकाम है वहीं गेंदबाज़ी में मुरलीधरन का है। वर्ल्ड कप में मुरलीधरन ने श्रीलंका की तरफ़ से 40 वनडे मैच में शिरकत की और 19.63 और 3.88 की इकॉनमी रेट से 68 विकेट हासिल किए।

तेज़ गेंदबाज़

वसीम अकरम ( पाकिस्तान )

वसीम अकरम क्रिकेट इतिहास के सबसे घातक गेंदबाज़ों में से एक थे। उनके गेंदबाज़ी से विश्व के शानदार बल्लेबाज़ भी ख़ौफ़ज़दा रहते थे। उनकी गेंदबाज़ी की बदौलत पाकिस्तान ने साल 1992 का वर्ल्ड कप जीता था। अकरम ने वर्ल्ड कप के 38 मैच में 23.83 की औसत और 4.04 की इकॉनमी रेट से 55 विकेट हासिल किए। ज़हीर ख़ान (भारत) ज़हीर ख़ान को अकसर भारतीय गेंदबाज़ी का सचिन तेंदुलकर कहा जाता था। वो टीम इंडिया के बेहतरीन धरोहर हैं। उन्हें रिवर्स स्विंग में महारत हासिल थी। ज़हीर ने वर्ल्ड कप के 23 मैच में 20.22 की औसत और 4.77 की इकॉनमी रेट से 44 विकेट हासिल किए हैं। ग्लेन मैक्ग्रा (ऑस्ट्रेलिया) ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्ग्रा ने 14 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में गेंदबाज़ी की दुनिया में राज किया। उनकी सबसे बड़ी ताक़त उनकी सटीक गेंदबाज़ी थी। उनकी लाइन और लेंथ सही दिशा में रहती थी। मैक्ग्रा ने वर्ल्ड कप के 39 मैचों में 18.19 की औसत और 3.96 की इकॉनमी रेट से 71 विकेट हासिल किए। वो वर्ल्ड कप में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ भी हैं।

लेखक- वैभव जोशी

अनुवादक- शारिक़ुल होदा

Edited by Staff Editor
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