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बिहार क्रिकेट: ठहराव के बाद आगे बढ़ने को बेकरार 

Armendra Amar
CONTRIBUTOR
फ़ीचर
904   //    Timeless

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अभी कुछ महीनों पहले ही गर्मी की चिलचिलाती धूप में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने अपने वेबसाइट बीसीसीआई टीवी पर एक राहत भरी सूचना को साझा किया था | जिसमें यह कहा गया था कि अब देश के हर एक कोने के प्रत्येक प्रान्त की टीम रणजी ट्रॉफी प्रतियोगिता में सम्मिलित होगी | तपती हुई दोपहरी के बाद सावन-भादो के खुशियों की फुहार की तरह बिहार भी इस सूचना से सराबोर होने वाला राज्य बना |

करीबन दस करोड़ की आबादी वाला एक ऐसा राज्य जो तकरीबन पिछले दस बरसों से अधिकृत रूप से बीसीसीआई की क्रिकेट खेलने से वंचित था | उस एक दशक में अपनी आँखों में अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करने का सपना लिए क्रिकेटरों की एक पूरी पीढ़ी बचपने से किशोरवय, किशोरवय से युवा और युवापन से प्रौढ़ता की तरफ बढ़ती चली गई |

इधर इसी बीच अक्टूबर में बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने बरसों बाद बीसीसीआई द्वारा आयोजित होने वाले 50 ओवेरों के एक दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए टीम घोषित कर दिया | फिर क्या, सारे रंजो- गम मतो- भेद भुला कर बिहार क्रिकेट से जुड़े सभी तबकों ने इसका स्वागत किया | उधर टीम भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए क्वार्टरफाइनल तक पहुंची | अभी इन दिनों पूस की ठंडी रातों के बीच उगते हुए मद्धिम सूरज के प्रकाश में बिहार की टीम चार दिवसीय रणजी मुकाबलों में जी तोड़ पसीना बहा रही है |      

बिहार क्रिकेट के दोबारा शुरू हुए सफ़र के बारे में बात करते हुए बीसीसीआई द्वारा “ए लेवल” के प्रशिक्षित कोच श्री संतोष कुमार इसे इंतज़ार का एक लम्बा दिन बताते हुए कहते हैं कि इस दौरान कई टैलेंट ख़राब हो गए | लेकिन कुछ नई प्रतिभाएं उभर कर सामने भी भी आई | थोड़े ठहराव के बाद ही सही मगर अब बिहार क्रिकेट रुकने वाला नहीं है | उनका मानना था कि बिना शक आगे आने वाले 2-3 साल में हम सभी को बिहार से आईपीएल खेलते हुए खिलाड़ी भारतीय टीम का दरवाजा खटखटाते हुए नजर आयेंगे |

इंतज़ार के उस दौर में में बिहार में पेशेवर स्तर पर क्रिकेट को लेकर आभासीय फेसबुक के “सेव बिहार क्रिकेट” से लेकर जमीनी स्तर पर अन्य दूसरे कैम्पेन चले | अंततः सन 2014 के बाद से बिहार क्रिकेट की कठिनाईयां खत्म होने लगी, दिलों की दूरियां सिमटने लगी, सम्बंधित सक्षम इकाई, उपकरण एवं अधिकारी पुनः बिहार क्रिकेट की गतिविधियों को लेकर एक राय पर आने लगे |

इंतजार के खत्म हुए दौर के बाद बिहार क्रिकेट के वर्तमान एवं भविष्य की रूप- रेखा स्पष्ट करते हुए भूतपूर्व क्रिकेटर तथा वर्तमान में नवादा जिला क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव एवं बिहार अंडर- 16 टीम के मैनेजेर श्री मनीष आनंद का कहना था कि वर्तमान में बिहार क्रिकेट की मशीनरी एवं पदाधिकारी सकारात्मक है | वैसे भी बिहार की टीम एकदिवसीय टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करते हुए क्वार्टरफाइनल में पंहुची है | श्री आनंद ने बिहार क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा आयोजित किए गए बिहार बनाम सिक्किम के प्रथम श्रेणी मैच का भी बड़ी सहर्षता के साथ जिक्र किया |

श्री आनन्द के अनुसार दशक बाद बिहार के पटना स्थित स्टेडियम में खेला गया बिहार बनाम सिक्किम का रणजी मैच बिहार क्रिकेट के भविष्य की सफलता में नींव का पत्थर साबित होगा | साथ ही आगे आने वाले समय में बिहार के क्रिकेटरों को कहीं दूसरी जगह न भटकना पड़ेगा | तो अब निश्चित तौर पर यह उम्मीद होनी चाहिए कि विराट कोहली की कप्तानी वाली भारतीय टीम में भी कभी कोई बिहारी क्रिकेटर बिहार की रणजी टीम से शामिल हो सकेगा |     


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