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आईपीएल और पीएसएल के टकराव से भारत और पाकिस्तान की प्रतिद्वंदिता बढ़ने की बात कहते हुए दिग्गज ने दी प्रतिक्रिया 

आईपीएल और पीएसएल के बीच 2025 में टकराव देखने को मिल सकता है
आईपीएल और पीएसएल के बीच 2025 में टकराव देखने को मिल सकता है

आईसीसी के FTP कार्यक्रम की घोषणा के बाद कयास लगाये जा रहे हैं कि 2025 में हमें आईपीएल (IPL) और पीएसएल (PSL) के बीच टकराव देखने को मिल सकता है। इस संभावित टकराव को लेकर पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ब्रैड हॉग ने भी अपने विचार साझा किये हैं। हॉग को लगता है कि इस तरह की घटना से दोनों देशों के क्रिकेट प्रशंसकों के बीच प्रतिद्वंदिता को बढ़ावा मिलेगा।

आईसीसी FTP के मुताबिक 2025 में पाकिस्तान को चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करनी है। ऐसे में उन्हें PSL के आयोजन को संभवतः मार्च के बाद तक पोस्टपोन करना होगा। इसी बीच आईपीएल भी आयोजित होता है। अगर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड PSL को पुश करता है तो फिर क्रिकेट की सबसे बड़ी लीग के साथ उसका टकराव देखने को मिल सकता है।

अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किये गए वीडियो में हॉग ने कहा कि दोनों ही देश 2025 में अपनी-अपनी लीग का बिल्ड अप करने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा,

भविष्य के दौरे के कार्यक्रम की अभी घोषणा की गई है और 2025 में कुछ ऐसा है जो मुझे इसके बारे में पसंद है। वह है पीएसएल को आईपीएल के साथ खेलने के लिए मजबूर किया जा रहा है। साथ ही इससे दोनों देशों के बीच और बड़ी प्रतिद्वंदिता पैदा होने वाली है। प्रशंसक अपने देश की लीग को प्रतिद्वंदी लीग से बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह से जोर लगाएंगे और फ्रेंचाइजी को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह अपने खिलाड़ियों पर अधिक पैसे खर्च करने को तैयार रहें।

PSL को फ्री स्लॉट का फायदा उठाने की जरूरत है - ब्रैड हॉग

ब्रैड हॉग का मानना है कि आईपीएल को ढाई महीने का विंडो मिलने उस दौरान ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी खेलने के लिए उपलब्ध रहेंगे। ऐसे में अगर PSL का 2025 में आयोजन होता है तो उन्हें अपनी लीग में और विदेशी खिलाड़ियों को शामिल करने का प्रयास करना चाहिए। ब्रैड हॉग का मानना है कि पीएसएल झपट्टा मार सकता है और उन विदेशी खिलाड़ियों को आकर्षक प्रस्ताव दे सकता है जो आईपीएल में नहीं खेलते हैं क्योंकि कोई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं होगा।

उन्होंने कहा,

इस विशेष अवधि में कैलेंडर को मुक्त कर दिया जाता है ताकि विदेशी खिलाड़ी आईपीएल में खेल सकें। पीएसएल को इसका फायदा उठाना चाहिए था क्योंकि दोनों प्रतियोगिताओं में सभी अंतरराष्ट्रीय स्थानों को भरने के लिए दुनिया भर में पर्याप्त प्रतिभा है। बहुत सारे खिलाड़ी नहीं हैं जो पीएसएल में खेलते हैं और फिर जाकर आईपीएल में खेलते हैं क्योंकि उनके पास पर्याप्त समय नहीं है।

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Edited by Prashant Kumar
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