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'अजिंक्य रहाणे अब वैसे नहीं रहे जैसे पहले हुआ करते थे'

India v New Zealand - ICC World Test Championship Final: Reserve Day
India v New Zealand - ICC World Test Championship Final: Reserve Day
Naveen Sharma
FEATURED WRITER

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भारत (India) के सफर के बारे में सोचें और कोई भी टीम इंडिया के प्रदर्शन से बेखबर नहीं हो सकता। एडिलेड टेस्ट मैच में 36 ऑल आउट होने के बाद टीम चोटों से और घिर गई लेकिन अजिंक्य रहाणे की अगुवाई वाली टीम ने श्रृंखला में वापसी करते हुए इसे ऐतिहासिक जीत बनाया। दीप दासगुप्ता ने अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) में अब बदलाव आने की बात कही है।

अपने यूट्यूब चैनल पर दीप दासगुप्ता ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि रहाणे वही खिलाड़ी हैं जो वह थे। 2015-16 में रहाणे अविश्वसनीय थे। वह एक ऐसे खिलाड़ी थे जिनको मैंने मुंबई के लिए खेलते हुए देखा था। पहली सुबह वानखेड़े की पिच नम थी, पिच में घास थी और उन दिनों वहां बल्लेबाजी करना एक बुरा सपना था। रहाणे ने भारत के लिए खेलने से पहले (डोमेस्टिक में) 4000-4500 से अधिक रन बनाए, मुख्य रूप से नंबर 3 पर बल्लेबाजी करते हुए।

India v New Zealand - ICC World Test Championship Final: Day 3
India v New Zealand - ICC World Test Championship Final: Day 3

भारत अब इंग्लैंड के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का अपना दूसरा चक्र शुरू करने की तैयारी कर रहा है, ऐसे में स्विंग खेलना उनके लिए एक बड़ी चुनौती है। उसी पर अपने विचार रखते हुए दीप दासगुप्ता ने रहाणे के फुटवर्क में अंतर पर अपनी बात रखी और कहा कि जब आप भारत में बल्लेबाजी करते हैं तो आपका कौशल बदल जाता है। आप बाहर स्विंग और पेस खेलते हैं लेकिन यहां (इंग्लैंड में) आपको रिवर्स स्विंग खेलने की जरूरत है। यदि आप 2015-16 में रहाणे के फुटवर्क की जांच करते हैं, तो आप महसूस करेंगे कि (अब) उनका फुटवर्क इतना निश्चित नहीं है। वह अपनी पहली 20 गेंदों में बहुत ही अस्थिर होते हैं और जब भी वह बड़ी पारी खेलते हैं, तो वह बहुत अधिक आत्मविश्वास से भरे होते हैं।

उल्लेखनीय है कि अजिंक्य रहाणे का प्रदर्शन विदेशों में ज्यादा बेहतर रहा है। इंग्लैंड में भी उनके बल्ले से रन निकलने की उम्मीद की जानी चाहिए।

Edited by Naveen Sharma
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