एमएस धोनी मूवी ट्रेलर : वो कौन से तीन खिलाड़ी थे जो धोनी के मुताबिक टीम में फिट नहीं बैठते थे?

भारतीय टीम के सीमित ओवरों के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की बहुप्रतीक्षित बायोपिक 'एमएस धोनी : द अनटोल्ड स्टोरी' का ट्रेलर आखिरकार रिलीज़ हो गया है, जिसे देश के चारों कोनों से काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। 30 सितंबर को रिलीज़ होने वाली इस फिल्म में धोनी के भारतीय रेलवेज में टिकट कलेक्टर से लेकर विश्व कप विजेता कप्तान तक का सफर दिखाया गया है। इसके ट्रेलर को देखकर स्पष्ट रूप से लगता है कि एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने धोनी के हाव-भाव और किरदार को अच्छी तरह से अपने अंदर समा लिया है। उन्होंने किरदार के साथ पूरी तरह न्याय करने के संकेत दिए हैं। ट्रेलर में फिल्म की कहानी की झलकी दिखाई है, जिसमें झारखंड के छोटे शहर में जन्में विकेटकीपर को विश्व क्रिकेट में बुलंदियों पर पहुंचने की यात्रा दिखाई गई है। हालांकि पूर्व टेस्ट कप्तान अपने करियर के दौरान बड़े विवादों से दूर रहे, लेकिन उनकी अलग सोच पर हमेशा सवाल उठते रहे कि वह खिलाड़ी को ख़राब फॉर्म के बावजूद बहुत मौके देते हैं। कप्तान के रूप में धोनी ने आईसीसी की सभी प्रमुख ट्रॉफी जीती, लेकिन कुछ लोग उनपर सीनियर खिलाड़ियों के साथ तालमेल में कमी को लेकर हमेशा सवाल करते हैं। धोनी पर सवाल होते रहे है कि युवा टीम को बनाने के रास्ते में उन्होंने सीनियर खिलाड़ियों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया। हाल ही में रिलीज़ हुए ट्रेलर के अंत में धोनी को चयनकर्ताओं के साथ वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग करते हुए बताया गया, जिसमें वह कह रहे हैं कि वन-डे टीम में तीन खिलाड़ी फिट नहीं बैठते। चयनकर्ता आपस में बात कर रहे हैं कि जिन्होंने धोनी को इतना बढ़ाया अब वह उन्हें ही अपने से दूर कर रहे हैं। चयनकर्ताओं में से एक ने आगे कहा कि धोनी यही रुकने वाला नहीं है और वह आगे भी इसी बात पर कायम रहेगा। अपने शांत अंदाज के लिए मशहूर धोनी को कहते हुए बताया गया, 'हम सब सेवक हैं और हम सभी राष्ट्रीय सेवा कर रहे हैं।' ट्रेलर में किसी खिलाड़ी का नाम नहीं बता गया, लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली का चयन नहीं होना अधिकांश लोगों को रास नहीं आया था, विशेषतौर पर इसलिए क्योंकि धोनी ने सौरव गांगुली की कप्तानी में डेब्यू किया था और राहुल द्रविड़ के मार्गदर्शन में वह मैच-विनर खिलाड़ी बने थे। यह ध्यान देने योग्य बात है कि 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सौरव गांगुली को जानबूझकर बाहर करने की खबरें आईं थी और राहुल द्रविड़ को भी मौका नहीं मिला था। सौरव गांगुली फिर वन-डे में खेलते नहीं दिखे और 2008 के आखिर में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया। द्रविड़ को भी वन-डे टीम में ज्यादा मौके नहीं मिले और उन्होंने 2011 में इंग्लैंड सीरीज के बाद सीमित ओवरों से संन्यास ले लिया। धोनी पर तब भी सवाल उठे जब 2012 सीबी सीरीज के शुरुआती मैचों में वीरेंदर सहवाग, गौतम गंभीर और सचिन तेंदुलकर अंतिम एकादश का हिस्सा नहीं बने, क्योंकि थिंक-टैंक ने सीनियर खिलाड़ियों के लिए रोटेशन पॉलिसी अपना रखी थी। हालांकि वीरेंदर सहवाग ने बाद में स्पष्ट किया था कि भारतीय टीम से बाहर होने के पीछे धोनी कारण नहीं थे। क्या यह फिल्म उन दो घटनाओं में से एक की बात कर रही है? फिल्म की रिलीज़ से पहले इस पर कुछ भी कहा नहीं जा सकता। यहां देखिए एमएस धोनी की फिल्म का ट्रेलर :

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Edited by Staff Editor