Create
Notifications

1970 और 1980 के दशक के खिलाड़ियों की ड्रीम आईपीएल एकादश

Rahul Pandey

इंडियन प्रीमीयर लीग (आईपीएल) एक ऐसा आकर्षक और क्रांतिकारी टूर्नामेंट रहा है, जिसने भारतीय क्रिकेट का चेहरा बदलने में अहम भूमिका निभाई है। यह एक ऐसा टूर्नामेंट बनकर उभरा है जो न कि सिर्फ भारत बल्कि विश्व भर में नई प्रतिभाओं को भी खोजता रहा है। अपनी 10 साल की लंबी यात्रा में, आईपीएल खिलाड़ियों, फ्रैंचाइजी और बीसीसीआई के लिए एक पैसों की बरसात करने वाले स्रोत के रूप में उभरा रहा है, और वर्तमान में यह खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए सबसे बड़े प्लेटफार्मों में से एक माना जाता है। क्रिकेट भारत में एक धर्म की तरह है और आईपीएल को शायद इस धर्म के सबसे बड़े त्योहार के रूप में भी मनाया जाता है। सिर्फ यह सोचते ही कि 1970 और 1980 के युग में आईपीएल होता तो खेल का रोमांच किस हद तक रहा होता। उन खतरनाक तेज गेंदबाजों, चतुर स्पिनरों, और पुरानी तकनीक के निडर बल्लेबाजों के रहते उस दौर में इन खिलाड़ियों को आपस में मैदान पर टकराते हुए देखना एक अलग ही दृश्य रहा होता। ऐसे में सितारों के उस दौर की आईपीएल इलेवन को बनाना निश्चित रूप से एक कठिन काम है। यहां, हम एक ऐसी आईपीएल ड्रीम इलेवन बना रहे हैं जिसमें 70 और 80 के दशक के खिलाड़ियों को शामिल किया जा रहा है। इस टीम की कमान महान ऑलराउंडर कपिल देव के कंधों पर है। नोट - आईपीएल के चार विदेशी खिलाड़ियों के नियम को यहां पर लागू किया गया है।

# 1 सलामी बल्लेबाज

कृष्णामाचारी श्रीकांत

रूढ़िवादी बल्लेबाजी शैली के युग में, श्रीकांत थोड़ा अपरंपरागत खिलाड़ी हुआ करते थे। उन्होंने भारत के लिए हमेशा पहली ही गेंद से आक्रामक बल्लेबाज़ी की। प्रशंसकों ने उनकी बल्लेबाजी को बहुत ही और उनकी बल्लेबाज़ी का स्तर यह रहा कि दुनिया भर के शीर्ष गेंदबाज भी उनसे डरने लगे थे। उनका हाथ और आँख का समन्वय उनकी बेहिचक बैटिंग का महत्वपूर्ण भाग था और इसलिए, श्रीकांत बिना किसी तरह के सवाल के हमारी ड्रीम आईपीएल इलेवन में सलामी बल्लेबाज के रूप में फिट बैठते है।

रवि शास्त्री

भारत के मौजूदा प्रमुख कोच, रवि शास्त्री ने 10 वे नंबर पर एक बल्लेबाज़ी करने वाले एक गेंदबाज के रूप में कैरियर शुरू किया। उन्होंने धीरे-धीरे अपने बल्लेबाजी कौशल में सुधार लाया और अंततः टीम इंडिया के लिए सलामी बल्लेबाज बन गये। एक ओवर में युवराज सिंह के छः छक्के से पहले, शास्त्री ने एक प्रथम श्रेणी मैच में इस उपलब्धि को हासिल किया था। शास्त्री के लंबे छक्के लगाने की क्षमता उन्हें हमारी ड्रीम आईपीएल इलेवन का दूसरा सलामी बल्लेबाज़ बनाता है।

# 2 मध्यक्रम

सर विवियन रिचर्ड्स

विवियन रिचर्ड्स बिना क्रिकेट इतिहास के सबसे भव्य और खौफनाक क्रिकेटर थे। चिवन्गम चबाते हुए वह हमेशा क्रीज की ओर बढते थे। उनके शरीर की भाषा और उनके चेहरे पर क्रूर भाव हमेशा विरोधियों का छुड़ा देते थे। इसके साथ ही उनके पास ऐसे स्ट्रोक खेलने की वह क्षमता थी, जो विपक्षी गेंदबाजी को प्रभावित करती थी। वनडे में 90 से अधिक की एक चौंका देने वाली स्ट्राइक रेट से, उस समय रन बनाना जब 60 से तेज की कोई भी दर को अच्छी माना जाता था, ये अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। इस प्रकार पूरी तरह से रिचर्ड्स हमारी आईपीएल ड्रीम इलेवन के पहले विदेशी खिलाड़ी होंगे और नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने उतरेंगे।

एलन बॉर्डर

एलन बॉर्डर ऑस्ट्रेलिया के महानतम बल्लेबाजों और कप्तानों में से एक थे। इस महान बल्लेबाज ने न केवल 11000 टेस्ट रन बनाए हैं, बल्कि 1987 में पहले एकदिवसीय विश्व कप की जीत के लिए भी ऑस्ट्रेलिया का नेतृत्व किया। बॉर्डर में अपार प्रतिभा थी, जिससे मध्यक्रम में उनकी उपस्थिति से स्थिरता मिलती है। एक महान बल्लेबाज होने के अलावा, वह एक बहुत ही कुशल स्पिन गेंदबाज भी थे।

मोहम्मद अज़हरुद्दीन

अज़हरुद्दीन एक खूबसूरती भरी बल्लेबाज़ी करने वाले बल्लेबाज़ थी, उनकी कलाई के इस्तेमाल से खेले जाने वाले शॉटो से भरी बल्लेबाजी देखने के लिए लोग इंतज़ार करते थे। बाहर गिरती गेंद को उठाकर उसे मिड-विकेट क्षेत्र की ओर खेलना उनका प्रमुख शॉट था। उन्होंने स्पिनरों के खिलाफ अपने पैरों का बेहतरीन इस्तेमाल किया और खेल की स्थिति के अनुसार मेल बैठा कर खेल खेला। वह आराम से तो खेल ही सकते हैं और जरुरत पड़ने पर गियर भी बदल कर प्रहार कर सकते हैं और अपने समय के सर्वश्रेष्ठ क्षेत्ररक्षक भी थे। बल्लेबाज़ी क्रम में 5 नंबर पर, जब खेल को स्थिति के अनुसार खेलने की आवश्यक्ता होती है तो शायद ही उनसे बेहतर विकल्प मिले।

# 3 विकेटकीपर

फ़ारूख़ इंजीनियर

फारूख़ इंजीनियर ने भारत के लिए 60 और 70 के दशक में विकेटकीपिंग की। उनके नाम शानदार बल्लेबाज़ी आंकडें तो हैं ही साथ में बतौर विकेटकीपर भी उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया। इंजीनियर एक जुझारू बल्लेबाज थे और उन्होंने विश्व भर के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आक्रमण के सामने तीव्र गति से रन बनाए, जिससे उन्हें भारतीय क्रिकेट के ‘पोस्टर बॉय’ का टैग मिला। हालांकि वह सीमित ओवरों के प्रारूप में ज्यादा मैचों में नहीं खेले थे, लेकिन टेस्ट मैचों में उनकी 137 की स्ट्राइक लाजवाब है। उस युग के बहुत कम विकेटकीपरों में इस तरह की बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग कौशल थे।

# 4 ऑल राउंडर

कपिल देव (कप्तान)

कपिल देव भारत के पहले वास्तविक तेज गेंदबाज आलराउंडर थे। बड़ी आउट-स्विंग डिलीवरी उनकी प्रमुख गेंद थी, उन्होंने निचले मध्य क्रम में बल्लेबाजी की और उनमे किसी भी गेंदबाजी आक्रमण की पिटाई करने की क्षमता थी। 1983 के विश्व कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ 175 की एक आक्रामक पारी इस तथ्य का प्रमाण है कि वह एक महान बल्लेबाज थे और उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी क्षमताओं, के साथ उनका नेतृत्व कौशल, उन्हें आईपीएल ड्रीम इलेवन के कप्तान का उचित विकल्प बनाती हैं।

सर रिचर्ड हेडली

सर रिचर्ड हेडली वह खिलाड़ी थे जिसने न्यूजीलैंड क्रिकेट का चेहरा पूरी तरह से बदल दिया। वह 400 टेस्ट विकेट लेने के वाले दुनिया के पहले गेंदबाज थे। हेडली ने एक तेज गति से गेंदबाज़ी करने वाले तेज़ गेंदबाज़ के तौर पर खेलना शुरू किया और धीरे-धीरे उन्होंने स्विंग पर अपना ध्यान केंद्रित किया और बल्लेबाजों के अनुकूल विकेटों पर भी बल्लेबाजों को परेशान करने में कामयाब रहे। हेडली एक बहुत ही सक्षम बल्लेबाज भी थे, उनके नाम पर एकदिवसीय क्रिकेट में 4 अर्धशतक भी हैं। इस प्रकार हेडली का आईपीएल ड्रीम इलेवन में काम गेंदबाजी के दौरान फ्लैट पिचों से कुछ बाहर निकालना और बल्लेबाजी के दौरान आखिरी ओवेरों में लंबे शॉट मारना होगा।

# 5 गेंदबाज

माइकल होल्डिंग

माइकल होल्डिंग वेस्टइंडीज गेंदबाजी आक्रमण के एक खतरनाक तेज गेंदबाज थे। होल्डिंग की तेज़ गति और पिच के तेज उछाल प्राप्त करने क्षमता के चलते उन्हें 'व्हिस्परिंग डेथ' का नाम दिया गया था। होल्डिंग, कपिल देव और रिचर्ड हैडली के साथ, ड्रीम आईपीएल इलेवन में तेज गेंदबाजी को एक संतुलन प्रदान करेंगे।

ईरापल्ली प्रसन्ना

भारत के सर्वश्रेष्ठ ऑफ स्पिनरों में से एक, प्रसन्ना ने सिर्फ 20 मैचों में अपने पहले 100 टेस्ट विकेट लिए। उन्होंने बल्लेबाजों को अपनी फ्लाईट के चलते चकमा दिया और धीमी और लंबी गेंदें फेकने से कभी डरे नहीं थे। आईपीएल में विकेट लेने वाले स्पिनरों का महत्व पिछले कुछ सालों में बढ़ गया है और प्रसन्ना इस प्रकार टीम में पहले मुख्य स्पिनर बन सकते है।

भागवत चंद्रशेखर

चंद्रशेखर विपक्षी बल्लेबाजों के आसपास स्पिन गेंदबाज़ी का जाल बुनने में विशेषज्ञ थे। इस मैच विजेता लेग स्पिनर ने दुनिया भर में सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों के विकेट लिये हैं। यहां तक कि विवियन रिचर्ड्स ने उन्हें खेल पाने में अपनी अक्षमता को व्यक्त किया है। ऐसे में जबकि कलाई स्पिनर आईपीएल में बेहद सफल रहे हैं, चंद्रशेखर हमारी टीम में बतौर दूसरे स्पिनर खेलेंगे। लेखक: स्मित प्रकाश अनुवादक: राहुल पांडे

Edited by Staff Editor

Comments

Fetching more content...