भविष्य में शायद तेज गेंदबाजों को सिर्फ एक प्रारूप खेलने के लिए मजबूर होना पड़े: जेम्स पैटिन्सन

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज जेम्स पैटिंन्सन ने गेंदबाजों को लेकर एक बड़ी गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि भविष्य में शायद तेज गेंदबाजों को क्रिकेट का सिर्फ एक ही प्रारूप खेलने के लिए मजबूर होना पड़े। क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू से बातचीत में पैटिन्सन ने कहा कि मुझे लगता है कि जिस तरह आजकल तीनों प्रारूपों को मिलाकर काफी ज्यादा क्रिकेट खेला जा रहा है उससे भविष्य में गेंदबाजों को केवल एक ही प्रारूप तक ही सीमित होना पड़ेगा। या हो सकता है गेंदबाज सिर्फ वनडे क्रिकेट ही खेलें। पैटिन्सन ने इंग्लैंड का उदाहरण दिया जिनके पास हर प्रारूप के लिए अलग-अलग गेंदबाज हैं। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड की टीम अपने गेंदबाजों के साथ काफी शानदार काम कर रही है। उनके पास एकदिवसीय क्रिकेट के लिए अलग गेंदबाज हैं। जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड केवल टेस्ट क्रिकेट ही खेलते हैं और इससे उन्हें काफी फायदा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में ये रणनीति सभी टीमें अपना सकती हैं। उन्होंने अपने देश के 3 गेंदबाजों मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड और पैट कमिंस का उदाहरण दिया जो कि चोट की वजह से नहीं खेल पा रहे हैं। पैटिन्सन ने कहा कि हमारे 3 प्रमुख गेंदबाजों ने काफी अच्छी गेंदबाजी की थी लेकिन उन्हें भी टीम से बाहर होना पड़ा इसलिए तेज गेंदबाजों के लिए ये काफी मुश्किल होता जा रहा है। गौरतलब है जेम्स पैटिन्सन चोट की वजह से इन दिनों क्रिकेट नहीं खेल पा रहे हैं, लेकिन सर्जरी के बाद नेट में उन्होंने गेंदबाजी शुरु कर दी है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए अभी तक सिर्फ 17 टेस्ट मैच और 15 वनडे मैच खेले हैं। 2011 में उन्होंने अपना अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू किया था लेकिन लगातार चोट की वजह से वो अंदर-बाहर होते रहे। उनको अभी भी भरोसा है कि वो टेस्ट टीम में वापसी करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी क्षमता पर पूरा यकीन है।

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