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भारतीय बल्लेबाजों की 5 ऐसी टेस्ट पारियाँ जो बिना शतक भी मैच जिताने वाली बनी

Rahul Pandey
ANALYST
Modified 06 Feb 2018, 06:38 IST
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भारत को अक्सर बल्लेबाजी प्रधान देश के रूप में जाना जाता है और प्रशंसकों को अपने सितारों (बल्लेबाजों) का शतक लगाना और रिकॉर्ड बनाना पसंद आता है। हम अक्सर उन बल्लेबाजों को ध्यान में रखते हैं जो विशेष मील का पत्थर (खासकर 100) तक पहुंचते हैं और अन्य बल्लेबाजों के महत्त्व को अनदेखा कर दिया जाता है, जिन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया हो (जिन्होंने शतक न जड़ा हो)। इतिहास में कुछ ऐसे उदाहरण सामने आए हैं जहां कुछ बल्लेबाजों ने ऐसी ही मैच बदल देने वाली पारियाँ खेली हैं जो शतक नहीं थे। इसलिए, यहां हम टेस्ट क्रिकेट में भारतीय बल्लेबाजों की ऐसी ही 5 पारियों पर एक नज़र डाल रहे हैं:

# 5 वीरेंदर सहवाग - 83 बनाम इंग्लैंड (चेन्नई, 2008)

  दिसंबर 2008 में इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई में खेला गया टेस्ट एक ऐतिहासिक टेस्ट था और इसे कई कारणों से याद किया जाता है। 7 मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में कटौती की गई थी, जिसमें 5 मैचों की समाप्ति के बाद ही इंग्लैंड टीम 26/11 के हमलों के बाद घर लौट गई थी। हालांकि, इंग्लैंड की टीम ने शौर्य दिखाया और अपने दौरे को पूरा करने के लिए भारत वापस आये (2 टेस्ट मैच खेले)। यह टेस्ट मैच भारत द्वारा चौथी पारी में 387 रन के लक्ष्य का पीछा किये जाने के लिये भी याद किया जाता है। सचिन तेंदुलकर ने नाबाद 103 रन बनाकर भारत के लिये जीत की राह बनाई, लेकिन लक्ष्य का पीछा करते हुए जो पारी सबसे खास रही औरजिसने पूरे मैच की दिशा तय की, वह थी वीरेंदर सहवाग की पारी। खेल के अधिकांश हिस्से में भारत पीछे था। पहली पारी में इंग्लैंड को 316 रनों पर रोकने के बाद, भारत के बल्लेबाज़ नाकाम रहे और केवल 241 रन ही बना सके। इंग्लैंड ने तब भारत को 387 का लक्ष्य रखा, जिसमें चार सत्र शेष थे। पहली पारी में केवल नौ रन बनाने के बाद, सहवाग ने भारत को एक तेजतर्रार शुरुआत दी। जिस तरह से दिल्ली के सलामी बल्लेबाज़ी ने इंग्लैंड के गेंदबाजों पर आक्रमण किया, वह शानदार था। उनके जवाबी आक्रमण ने मेहमानों को दबाव में डाल दिया। सहवाग ने किसी भी गेंदबाज को हावी होने का मौका नहीं दिया क्योंकि उन्होंने 68 गेंदों में 83 रन बनाए थे। और जब तक वह आउट हुए तो, भारत का स्कोर पहले ही 23 ओवर में 117 था। उनके 83 रनों और तेंदुलकर के 103 और युवराज सिंह की 85 रन की पारियों ने भारत को बेहतरीन मंच प्रदान किया, जिससे भारत ने एक रिकॉर्ड लक्ष्य का पीछा सफलतापूर्वक किया और श्रृंखला में 1-0 की बढ़त लेने में मदद मिली।
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Published 06 Feb 2018, 06:38 IST
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