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5 भारतीय खिलाड़ी जिन्होंने टी-20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे ज़्यादा छक्के लगाए हैं

मौजूदा दौर में क्रिकेट अब लगभग पूरी तरह बल्लेबाज़ों का खेल बन चुका है, समतल पिच, छोटी बाउंड्री, बड़े बल्ले, सबकुछ बल्लेबाज़ों के लिए मददगार हैं। टी-20 में तो गेंदबाज़ एक बॉलिंग मशीन बन कर रह गए हैं। टी-20 ने क्रिकेट में क्रांति ला दी है, यहां गेंदबाज़ों को रन रेट कम रखने के लिए भी वाहवाही मिलती है। भारत ने क्रिकेट के इस सबसे छोटे फ़ॉर्मेट में बड़ी तरक्की की है, टीम इंडिया ने साल 2007 में पहला आईसीसी वर्ल्ड टी-20 का ख़िताब जीता था। पिछले कुछ सालों में भारतीय क्रिकेट टीम में कुछ बेहद विस्फोटक बल्लेबाज़ आए हैं जो गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचाने में माहिर हैं। हम यहां उन 5 भारतीय खिलाड़ियों के बारे में बता रहे हैं जिन्होंने टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में सबसे ज़्यादा छक्के लगाए हैं।

#5 विराट कोहली (41 छक्के)

विराट कोहली आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप 2008 में टीम इंडिया के कप्तान थे, आज वो विश्व क्रिकेट के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज़ों में से एक हैं। वो बेहद हुनरमंद और मेहनती खिलाड़ी हैं। मौजूदा दौर में वो एकलौते बल्लेबाज़ हैं जिनका औसत क्रिकेट के तीनों फ़ॉर्मेट में 49 से ज़्यादा है। बतौर बल्लेबाज़ उनका कोई मुक़ाबला नहीं है, वो किसी भी तरह के शॉट लगा सकते हैं। जब वो मैदान में होते हैं। इसके अलावा वो विकेट के बीच में भी दौड़ने में माहिर हैं। उनके अंदर रन बनाने की भूख कभी कम नहीं होती। अगर गेंद बाउंड्री के पार नहीं जा पाती तो वो कम से कम 2 या 3 रन ज़रूर बनाने हैं। साल 2010 में उन्होंने टी-20 अंतरराष्ट्रीय गेम में डेब्यू किया था। टीम इंडिया के लिए खेले गए 57 मैच में उन्होंने 41 छक्के लगाए हैं, और ये आंकड़ा वक़्त के साथ बढ़ता जा रहा है।

#4 महेंद्र सिंह धोनी (46 छक्के)

सचिन तेंदुलकर के बाद महेंद्र सिंह धोनी टीम इंडिया के सबसे मशहूर खिलाड़ी हैं। वो काफ़ी समझदार और संयम वाले क्रिकेटर हैं। उन्हें क्रिकेट में सबसे बढ़ियां फ़िनिशर कहा जाता है। वो टीम इंडिया में उस पोज़ीशन पर बल्लेबाज़ी करते हैं जहां से उन्हें बड़े शॉट खेलने होती हैं। वक़्त के साथ उनके खेल में काफ़ी बदलाव आया है, लेकिन उनका जलवा आज भी बरक़रार है। उनकी बल्लाज़ी की तकनीक ग़ैरपरंपरागत है। उनकी कलाइयों में काफ़ी दम है। टीम इंडिया के लिए खेले गए 89 मुक़ाबलों में 46 छक्के लगाए हैं।

#3 सुरेश रैना (54 छक्के)

सुरेश रैना आज टीम इंडिया में मध्य क्रम के अहम बल्लेबाज़ हैं। उन्होंने अपने प्रदर्शन से हर भारतीय क्रिकेट फ़ैंस का दिल जीता है। वो बेहद सटीक अंदाज़ में गेंद को हिट करते हैं और लंबे शॉट लगाते हैं। उन्होंने कई नाज़ुक मौक़ों पर टीम इंडिया को जीत दिलाई है। आईसीसी वर्ल्ड कप 2011 में उन्होंने क्वॉर्टरफ़ाइन में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 34 रन और सेमीफ़ाइनल में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ 36 रन की अहम पारियां खेलीं थीं। उन्होंने 72 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और 54 बार छक्के लगाए हैं

#2 युवराज सिंह (74 छक्के)

युवराज सिंह को क्रिकेट की दुनिया में सबसे विस्फोटक बल्लेबाज़ों में गिना जाता है। युवी ने साल 2000 के आईसीसी नॉक आउट टूर्नामेंट से अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी और डेब्यू मैच में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 84 रन की पारी खेली थी। वो भारतीय टीम में मिडिल ऑर्डर की रीढ़ रहे हैं। उन्होंने धोनी के साथ मिलकर टीम इंडिया को कुछ यादगार जीत दिलाई है। जब वो पूरे रंग में होते हैं तो बड़े शॉट खेलने से नहीं चूकते, भले ग्राउंड कितना भी बड़ा क्यों न हो। 58 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में उन्होंने 74 छक्के लगाते हैं। उनका सबसे बेहतरीन प्रदर्शन साल 2007 के आईसीसी वर्ल्ड टी-20 में देखने को मिला था। उन्होंने स्टुअर्ट ब्रॉड एक ओवर में 6 गेंदों में 6 छक्के लगाए थे। इसके अलावा उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 30 गेंदों में 70 रन की पारी खेली थी।

#1 रोहित शर्मा (78 छ्क्के)

रोहित शर्मा टीम इंडिया के सबसे शानदार बल्लेबाज़ों में से एक हैं। उन्होंने साल 2007 के आईसीसी वर्ल्ड टी-20 में साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ डेब्यू किया था। वो टीम इंडिया में आते जाते रहे हैं। साल 2013 की आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफ़ी में धोनी ने उन्हें शिखर धवन के साथ टॉप ऑर्डर में बल्लेबाज़ी करने का मौक़ा दिया। पिछले 5 सालों में रोहित शर्मा के खेल में काफ़ी सुधार देखने को मिला है और वो सीमित ओवर के खेल के ज़बरदस्त खिलाड़ी बन चुके हैं। वही सही वक़्त पर गेंद को हिट करने में माहिर हैं, इसलिए उन्हें ‘हिटमैन’ कहा जाता है। रोहित ने टीम इंडिया के लिए 79 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 78 छक्के लगाए हैं। हाल में ख़त्म हुई निदहास ट्रॉफ़ी में उन्हें टीम इंडिया का कप्तान बनाया गया था, जहां उन्होंने भारत को ख़िताबी जीत दिलाई है। लेखक- प्रियम साइकिया अनुवादक- शारिक़ुल होदा

Edited by Staff Editor
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