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पांच ऐसी ट्राई सीरीज़ जिन्हें शायद आप भूल चुके हों

18 Jun 2018, 08:26 IST
टेस्ट क्रिकेट का क्रेज़ धीरे-धीरे कम हो रहा है और टी 20 जैसे क्रिकेट के छोटे प्रारूप को क्रिकेट प्रशंसकों का भरपूर प्यार मिला है। क्रिकेट के सबसे बड़े और सबसे छोटे प्रारूप के बीच वनडे क्रिकेट धीरे-धीरे अपनी प्रमुखता खो रहा है।

हालांकि, अपने गौरवशाली अतीत में कुछ वनडे सीरीज़ बेहद लोकप्रिय रही है। द्विपक्षीय और बहुराष्ट्रीय वनडे सीरीज़ के बीच, त्रिकोणी सीरीज़ के लिए प्रशंसकों का क्रेज़ सबसे ज़्यादा होता है। ऑस्ट्रेलिया की कॉमनवेल्थ बैंक सीरीज़ और इंग्लैंड की नेटवेस्ट सीरीज़ श्रृंखला पूरी दुनिया में देखी जाती है।

तो आइए यहां इस लेख में ऐसी पांच त्रिकोणीय श्रृंखलायों पर एक नज़र हैं जिन्हें शायद आप ना जानते हों।

कोका-कोला त्रिकोणी श्रृंखला, 1998 (भारत - बांग्लादेश - केन्या)




 

भारत द्वारा खेले गए कुल 939 वनडे मैचों में, यह श्रृंखला कहीं खो कर रह गई है। 1998 में, भारत ने दो गैर-टेस्ट टीमों के साथ त्रिकोणीय श्रृंखला में हिस्सा लिया था। हालाँकि आज यह बात हैरान करने वाली लगती है।

यह त्रिकोणीय श्रृंखला मई के महीने में खेली गई थी। इससे भी आश्चर्यजनक बात यह है कि सभी सात वनडे (लीग मैचों और फाइनल के दो राउंड) पूरे भारत में अलग-अलग मैदानों में खेले गए थे। फाइनल कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला गया था।

भारतीय टीम को तो फाइनल में पहुंचना ही था लेकिन फाइनल तक का सफर सुगम नहीं था। मेज़बान टीम को ग्वालियर में केन्या के हाथों हार का सामना करना पड़ा। मॉरीस ओडुम्बे के 83 रन और 3/14 के आंकड़े ने भारत को जीत के लिए मिले 266 रनों के लक्ष्य तक भी पहुंचने नहीं दिया।

फाइनल में, केन्या की पूरी टीम 196 रनों पर ऑल-आउट हो गई, इसमें वेंकटेश प्रसाद ने 23 रन देकर 4 विकेट लिए थे। जवाब में, सचिन तेंदुलकर ने 103 गेंदों में 100 रन बनाए और भारत ने यह मैच 9 विकेट से जीता। स्टीव टिकोलो को उनके पूरे दौर के प्रदर्शन को देखते हुए 'मैन ऑफ द सीरीज़' चुना गया था।
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