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क्रिकेट के वह 11 महान खिलाड़ी जिनके हाथ न लग सकी कभी विश्व कप की ट्रॉफी

25   //    07 Jul 2018, 12:05 IST

फीफा विश्वकप 2018 रूस में खेला जा रहा है, इस विश्वकप में रोनाल्डो और मेसी जैसे कई महानतम खिलाड़ी खेले, यकीनन वो विश्व के बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक हैं। लेकिन ये अपनी टीम को विश्वकप दिलाने में अभी भी सफल नहीं हो पाए जबकि अब तक ये खिलाड़ी चार बार अपनी टीम की ओर से विश्वकप में खेल चुके हैं।

तमाम खूबियों के बावजूद आपको कभी-कभी खेल में मायूसी ही हाथ लगती है। जेंटलमैन गेम कहे जाने वाले क्रिकेट के साथ भी कुछ ऐसा ही है। क्रिकेट में भी कई ऐसे महान खिलाड़ी हैं जो अपने पूरे करियर के दौरान बेहतरीन खेले लेकिन बात जब विश्वकप जीतने वाली टीम में उनके नाम की हो तो उनका नाम उस लिस्ट में नहीं दिखता है। विश्वकप जीतना शायद इतना आसान नहीं खुद क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर को भी इस विश्वकप को अपने हाथ में थामने के लिए छह बार से ज़्यादा का इंतजार करना पड़ा था।

इसी तरह कई ऐसे महान क्रिकेटर हैं जो शायद विश्वकप की ट्रॉफी को अपने हाथ में थामना चाहते थे लेकिन वो ऐसा नहीं कर पाए। आइए ऐसे ही 11 क्रिकेटरों की प्लेइंग इलेवन बनाते हैं। जिन्होंने अपने पूरे करियर में बेहतरीन प्रदर्शन किया लेकिन क्रिकेट विश्वकप की ट्रॉफी उनके हाथ नहीं आ पाई।

नोट- इस फ़ेहरिस्त में सिर्फ उन खिलाड़ियों को शामिल किया गया जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है।

सलामी बल्लेबाज़- तिलकरत्ने दिलशान और सौरव गांगुली (कप्तान)



 

आईसीसी विश्व कप न जीतने के लिए बहुत सारे शानदार सलामी बल्लेबाज दुर्भाग्यपूर्ण रहे। सईद अनवर, हर्शेल गिब्स, गैरी कर्स्टन इत्यादि ने अपना सबकुछ दिया लेकिन क्रिकेट की सबसे प्रतिष्ठित ट्रॉफी पर हाथ रखने में नाकाम रहे। हमारे ग्यारह खिलाड़ियों में सलामी बल्लेबाज भारत महान सौरव गांगुली होंगे, जो इस टीम के कप्तान भी हैं और उनका साथ देगे श्रीलंका के पूर्व कप्तान तिलकरत्ने दिलशान। गांगुली को तीन विश्वकप संस्करणों में शामिल किया गया और 2003 के संस्करण में फाइनल में अपनी टीम का नेतृत्व किया, जो कि विश्व कप में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

दूसरी तरफ दिलशान श्रीलंका के लिए बल्लेबाजी शुरूआत करने वाले आक्रमक खिलाड़ी रहे। दाएं हाथ के खिलाड़ी को विश्व कप के तीन संस्करणों में शामिल किया गया और दो बार फाइनल में हारने वाले पक्ष के साथ सफर समाप्त हो गया।संयुक्त रूप से कुल 21,653 रनों के साथ दोनों वनडे प्रारूप में एक मजबूत सलामी जोड़ी संयोजन बना सकते हैं।
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