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टी20 अंतर्राष्ट्रीय की अब तक की सर्वश्रेष्ठ भारतीय एकादश

Rahul Pandey

2006 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय टी-20 खेलने के बाद से, खेल के सबसे छोटे प्रारूप में भारतीय क्रिकेट टीम का प्रदर्शन बेहतरीन रहा है। 2007 में आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप के उद्घाटन संस्करण को जीतने के बाद, भारत क्रमशः अगले दो संस्करणों में एक बार उपविजेता और एक बार सेमीफाइनल में पहुँचने में सफल रहा। 2008 में इंडियन प्रीमीयर लीग की शुरूआत के साथ, टी-20 क्रिकेट भारत में एक नए स्तर पर पहुंच गया और खेल के सबसे छोटे प्रारूप में नई पीढ़ियों के सितारों का पदार्पण हुआ। भारत ने खेल के इतिहास में टी -20 क्रिकेट के कुछ बेहतरीन खिलाड़ियों को विश्व क्रिकेट को दिया है। 24 फरवरी को केपटाउन में भारत के दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ श्रृंखला की समाप्ति के बाद अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर टी20 क्रिकेट में खेल चुके खिलाड़ियों में चुनी गई अब तक की सबसे बेहतरीन एकादश पर डालते हैं एक नज़र।

सलामी बल्लेबाज़

गौतम गंभीर

2007 के विश्वकप के अभियान के दौरान भारत के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी रहे गौतम गंभीर को क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सफलता प्राप्त हुई। हालांकि वे लंबे समय तक अपने सलामी जोड़ीदार रहे वीरेंदर सहवाग की तरह आक्रामक नहीं थे, लेकिन उनकी स्थिर और बेहतरीन शैली हमेशा भारतीय क्रिकेट टीम के लिए उपयोगी रही। 2007 के टी 20 विश्वकप के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ उनकी 75 रन की पारी को अब भी टी -20 क्रिकेट के इतिहास में बेहतरीन पारी में से एक माना जाता है।

आँकड़े: -

मैच- 37; रन:- 932; स्ट्राइक रेट:- 119.02; औसत: - 27.41 100s / 50s: - 0/7; सर्वोच्च: - 75

रोहित शर्मा

वर्तमान में विश्व क्रिकेट के सबसे बेहतर सीमित ओवरों के बल्लेबाज़ रोहित शर्मा 2007 के बाद से सबसे छोटे प्रारूप में भारत की टीम का एक अभिन्न हिस्सा रहे हैं। प्रारंभ में एक मध्य-क्रम के बल्लेबाज के रूप में खेलने वाले रोहित अब सीमित ओवरों के प्रारूप में शीर्ष क्रम के बल्लेबाज के रूप में ख़ुद को स्थापित कर चुके हैं। पिछले 10 वर्षों में भारत की सबसे बड़ी सफलता की कहानियों में से एक हैं रोहित शर्मा। यह आक्रामक बल्लेबाजी और स्ट्रोकप्ले का उचित मिश्रण ही है जो आज ‘हिटमैन’ टी 20 में दो शतक लगाने वाले एकमात्र भारतीय बल्लेबाज हैं। बल्लेबाज़ी की शुरुआत में उनकी मौजूदगी भारतीय बल्लेबाजी क्रम को उचित संतुलन प्रदान करती है।

आँकड़े: -

मैच: -73; रन: - 1668; स्ट्राइक रेट: - 135.72; औसत: - 30.88 100s / 50s: - 2/12; सर्वोच्च: - 118 अन्य उम्मीदवार: - वीरेंदर सहवाग

मध्य क्रम

विराट कोहली

भारत की सीमित ओवर की एकादश बिना वर्तमान कप्तान विराट कोहली के बनना असंभव है। निसंदेह वह दुनिया के सबसे अच्छे खिलाड़ी हैं, एक ऐसा खिलाड़ी जो दुनिया के किसी गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाज़ी कर सकता है। वह खेल के इतिहास में एकमात्र खिलाड़ी हैं, जो खेल के सभी प्रारूपों में 50 से अधिक के औसत से बल्लेबाजी कर रहे हैं और इसलिए वह दुनिया में किसी भी बल्लेबाजी क्रम का एक महत्वपूर्ण अंग बनने की क्षमता रखते है।

आँकड़े:

मैच: - 57; रन: - 1983; स्ट्राइक रेट: - 137.32; औसत: - 50.84 100s / 50s: - 0/18; सर्वोच्च: - 90

युवराज सिंह

युवराज सिंह, क्रिकेट के सीमित ओवेरों के प्रारूप में भारत के लिए सबसे अच्छे मध्यक्रम के बल्लेबाज रहे है। अपने करियर के दौरान पंजाब का यह विनाशकारी बल्लेबाज, टी-20 क्रिकेट में टीम के शुरुआती सालों के दौरान सबसे बड़ा खिलाड़ी बनकर उभरा था। 2007 और 2014 के टी20 विश्वकप में उनके मैच जिताने वाले प्रदर्शन अभी भी भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के दीमाग में ताजा हैं। 10 वर्षों तक भारतीय टीम का अभिन्न अंग रहा यह खिलाड़ी हमारी टी -20 टीम में नंबर 4 पर बल्लेबाजी करेगा।

आँकड़े: -

मैच: - 58; रन: - 1177; स्ट्राइक रेट: - 136.38; औसत: - 28.02 100s / 50s: - 0/8; सर्वोच्च: - 77

सुरेश रैना

युवराज सिंह और एमएस धोनी के साथ, सुरेश रैना लगभग 10 वर्षों तक एकदिवसीय और टी 20 में भारत के मध्य क्रम का आधार रहे हैं। उनकी ताकतवर बल्लेबाजी, गेंद पर प्रहार करने की असीम क्षमता से भारतीय टीम को कई मैचों में जीत मिली है। हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर टी 20 में वापसी करने वाला यह खिलाड़ी टी-20 में शतक बनाने वाला पहला भारतीय खिलाड़ी है और किसी भी टी -20 टीम के लिए एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है।

आँकड़े: -

मैच: - 67 ; रन: -1353 ; स्ट्राइक रेट: - 133.43 ; औसत: - 29.41 100/ 50: - 1/4 ; सर्वोच्च: - 101 अन्य उम्मीदवार: - मनीष पांडे

निचला क्रम

महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान और विकेटकीपर)

भारत के सबसे सफल विकेटकीपर-बल्लेबाज एमएस धोनी इस प्रारूप में किसी भी समय भारत की एकादश में सभी प्रारूपों में प्रथम विकल्प रहेंगे। टीम के कप्तान के रूप में अपने पहले टूर्नामेंट में धोनी ने टी -20 विश्व कप में भारत को एक यादगार जीत दिलवायी। जिससे वह इस टीम के कप्तान की भूमिका के लिए सही विकल्प बनते हैं। उनकी शक्तिशाली बल्लेबाजी शैली के साथ एक मजबूत अंत प्रदान करने की क्षमता के चलते, वो बल्लेबाजी क्रम में अधिक गहराई लेकर आते हैं।

आँकड़े: -

मैच: - 88 ; रन: -1432 ; स्ट्राइक रेट: - 126.72 ; औसत: - 37.68 100 s / 50 s: - 0/2 ; सर्वोच्च:-56 ; कैच:-49 ; स्टंपिंग्स:- 29

इरफ़ान पठान

कपिल देव के बाद भारत के लिए सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज ऑलराउंडर शायद इरफान पठान ही रहे हैं, उन्हें शुरुआती दिनों में भारत की सबसे बेहतरीन प्रतिभाओं में से एक माना जाता था। पठान ने दक्षिण अफ्रीका में 2007 में विजयी अभियान के दौरान भारत के लिये सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन किया था, जहां फाइनल में उनके 3/16 के आंकड़े दोनों टीमों में प्रमुख अंतर साबित हुए थे। हालांकि उन्होंने 2012 में आखिरी बार भारत के लिए टी 20 मैच खेला था, उनके करियर के दौरान उनके द्वारा किये गये शानदार प्रदर्शन उन्हें इस टी 20 एकादश में स्थान दिलाने के लिये पर्याप्त थे।

आँकड़े, बल्लेबाज़ी: -

मैच: - 24 ; रन: - 172 ; स्ट्राइक रेट: - 119.44 ; औसत: - 24.57 100 s / 50 s: - 0/0 ; सर्वोच्च: - 33

आँकड़े गेंदबाज़ी: -

पारी: - 23 ; विकेट: - 28 ; स्ट्राइक रेट: - 16.5 ; औसत: - 22.07 इकॉनमी: - 8.07 ; सर्वश्रेस्ठ: - 3/16 अन्य उम्मीदवार: - हार्दिक पांड्या

गेंदबाज़

रविचंद्रन अश्विन

सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाजों में से एक आर अश्विन भारतीय कप्तान के एमएस धोनी के कार्यकाल के दौरान उनके प्रमुख गेंदबाज थे। साथी स्पिनर रविंद्र जडेजा के साथ, अश्विन ने भारत के लिए पॉवरप्ले के बाद के समय में अपनी अनुसाशन भरी और कम रन लुटाने वाली स्पिन गेंदबाजी के दम पर कई मैचों में जीत हासिल की। युज़वेंद्न चहल और कुलदीप यादव की स्पिन जोड़ी के कारण अश्विन को अंतर्राष्ट्रीय टी 20 में अपना स्थान खोना पड़ा था, हालांकि टी 20 क्रिकेट में भारत के महान स्पिनर के रूप में उनकी जगह इस टीम में भी सुनिश्चित है।

आँकड़े: -

पारी: - 46 ; विकेट: - 52 ; स्ट्राइक रेट: - 19.7 ; औसत: - 22.94 इकॉनमी:- 6.97 ; सर्वश्रेष्ठ: - 4/8

भुवनेश्वर कुमार

भारत के अन्य तेज गेंदबाजों की तुलना में भुवनेश्वर कुमार ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के शुरुआती दिनों से टी -20 गेंदबाज के रूप में आजतक बहुत कुछ विकसित किया है। पारी की शुरुआत के दौरान अपनी सीम और स्विंग डिलिवरी के लिए प्रसिद्ध रहे भुवी ने अब अपनी गेंदबाजी में हथियार के रूप में नकल बॉल को भी शामिल कर लिया है, जिससे दुनिया में सबसे ज्यादा कुशल गेंदबाज के रूप में बदल गये है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उनका 5/24 का स्पेल, किसी भारतीय तेज़ गेंदबाज की तरफ से टी20 अंतर्राष्ट्रीय में पांच विकेट का पहला स्पेल था, जिसने उन्हें आशिष नेहरा की जगह इस एकादश में जगह दिलायी।

आँकड़े: -

पारी: - 25 ; विकेट:- 26 ; स्ट्राइक रेट: - 20.2 ; औसत:- 22.84 इकॉनमी: - 6.77 ; सर्वश्रेष्ठ:- 5/24

युज़वेन्द्र चहल

अपनी शुरुआत एक साल के बाद, युज़वेन्द्र चहल ने अपनी गेंदबाजी में एक अविश्वसनीय बदलाव लाते हुए खुद को सीमित ओवरों के दोनों प्रारूपों में भारत की पहली स्पिनर पसंद के रूप में बदला है। इस कलाई के स्पिनर का स्ट्राइक रेट वर्तमान गेंदबाजों में सबसे बेहतर में से एक है और अन्य स्पिनरों ईश सोढ़ी और रशीद खान के साथ टी -20 क्रिकेट में कलाई स्पिन के एक नए युग की शुरुआत की। पारंपरिक लेग स्पिन और साथ ही साथ रॉंग-वन (गुगली) से बेहद प्रभावी रहे चहल टी -20 में एक भारतीय द्वारा सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी (6/25) का रिकॉर्ड स्थापित कर चुके हैं।

आँकड़े: -

मैच:- 16 ; विकेट: - 27 ; स्ट्राइक रेट: - 13.6 ; औसत: - 19.14 इकॉनमी: - 8.40 ; सर्वश्रेष्ठ: - 6/25

जसप्रीत बुमराह

अंतर्राष्ट्रीय टी 20 में भारत के सर्वाधिक विकेट लेने वाले तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह 2016 में अपने पहले मैच के बाद से इस प्रारूप में भारत के लिए सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज रहे हैं। अपनी घातक यॉकर और धीमी गति की गेंदों के साथ उनके पास लगभग गेंदबाजी के सभी हथियार हैं और अपनी शानदार गेंदबाजी से पूरे विश्व भर के बल्लेबाजों को परेशान करते आयें हैं। पारी की शुरुआत और अंत दोनों ही चरणों के दौरान विकेट लेने की उनकी क्षमता टी -20 एकादश में उनकी जगह सुनिश्चित करती है।

आँकड़े: -

पारी: - 33; विकेट:- 40; स्ट्राइक रेट: - 17.7; औसत: - 19.97 इकॉनमी:- 6.76; सर्वश्रेष्ठ: - 3/11 अन्य उम्मीदवार: - हरभजन सिंह, आशीष नेहरा

अंतिम एकादश: - गौतम गंभीर, रोहित शर्मा, विराट कोहली, युवराज सिंह, सुरेश रैना, एमएस धोनी (कप्तान और विकेटकीपर), इरफान पठान, आर अश्विन, भुवनेश्वर कुमार, युज़वेंद्र चहल, जसप्रीत बुमराह बेंच: - वीरेंदर सहवाग, मनीष पांडे, हरभजन सिंह, आशीष नेहरा लेखक: कार्तिक सेठ अनुवादक: राहुल पांडे

Edited by Staff Editor

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