भारतीय खिलाड़ी ने अपनी घरेलू टीम की रोमांचक हार के बाद किया चौंकाने वाला खुलासा, बीच सीजन कप्तानी छोड़ने के पीछे बताई बड़ी वजह

हनुमा विहारी ने सिडनी टेस्ट में रविचंद्रन अश्विन के साथ अहम साझेदारी की थी
हनुमा विहारी ने सिडनी टेस्ट में रविचंद्रन अश्विन के साथ अहम साझेदारी की थी

भारतीय टीम के लिए टेस्ट मुकाबले खेल चुके हनुमा विहारी (Hanuma Vihari) घरेलू टीम आंध्रा के लिए रणजी ट्रॉफी का मौजूदा सीजन खेल रहे थे। उनकी टीम का सफर क्वार्टर फाइनल में मध्य प्रदेश के खिलाफ 4 रनों से मिली रोमांचक हार के बाद समाप्त हो गया। इस मुकाबले के समाप्त होने के कुछ समय बाद ही विहारी ने सोशल मीडिया पर चौंकाने वाला खुलासा किया और बताया कि पहले मैच के बाद कप्तानी क्यों छोड़ी, साथ ही आंध्रा टीम से अपना नाता भी तोड़ लिया है।

हनुमा विहारी के नेतृत्व में आंध्रा ने अपने रणजी सीजन की शुरुआत की थी और बंगाल के खिलाफ मुकाबले को ड्रॉ कराने में कामयाब रहे थे। हालाँकि, इसके बाद अगले मुकाबले से पहले रिकी भुई को कप्तान बनाया गया और तब बताया गया था कि विहारी ने अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कप्तानी छोड़ने का फैसला लिया है। हालाँकि, रणजी ट्रॉफी से बाहर होने के बाद, विहारी ने खुलकर बात की और टीम के एक सदस्य के साथ हुई घटना के बाद जानबूझकर उन्हें कप्तानी से हटाने के लिए आंध्र राज्य क्रिकेट एसोसिएशन की आलोचना की।

अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर टीम की एक तस्वीर साझा करते हुए कैप्शन में हनुमा विहारी ने लिखा,

मैं बंगाल के खिलाफ पहले गेम में कप्तान था, उस गेम के दौरान मैं 17वें खिलाड़ी पर चिल्लाया और उसने अपने पिता (जो एक राजनेता हैं) से शिकायत की, उसके पिता ने बदले में एसोसिएशन को मेरे खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा। हालांकि, हमने पिछले साल के फाइनलिस्ट बंगाल के खिलाफ 410 का पीछा किया, लेकिन मुझे अपनी किसी भी गलती के बिना कप्तानी से इस्तीफा देने के लिए कहा गया।
मैंने खिलाड़ी को व्यक्तिगत तौर पर कभी कुछ नहीं कहा लेकिन एसोसिएशन ने सोचा कि वह खिलाड़ी उस शख्स से ज्यादा महत्वपूर्ण है जिसने पिछले साल अपना सबकुछ झोंक दिया और बाएं हाथ से बल्लेबाजी की, आंध्र को पिछले 7 वर्षों में 5 बार नॉकआउट में ले गया और 16 टेस्ट में भारत के लिए खेला। मुझे शर्मिंदगी महसूस हुई लेकिन मैंने इस सीजन में खेलना जारी रखा क्योंकि मैं खेल और अपनी टीम का सम्मान करता हूं।

विहारी ने आगे लिखा,

दुखद बात यह है कि एसोसिएशन सोचता है कि खिलाड़ियों को जो कुछ भी कहना है उसे सुनना पड़ता है और खिलाड़ी उनकी वजह से वहां हैं। मैंने फैसला किया है कि मैं कभी आंध्रा के लिए नहीं खेलूंगा जहां मैंने अपना आत्मसम्मान खो दिया था। मुझे टीम से प्यार है। जिस तरह से हम हर सीजन में बढ़ रहे हैं, मुझे वह पसंद है लेकिन एसोसिएशन नहीं चाहता कि हम बढ़ें।

आपको बता दें कि हनुमा विहारी ने 2023-24 सीज़न की शुरुआत से पहले मध्य प्रदेश की तरफ से खेलने की इच्छा व्यक्त की थी। हालाँकि, उन्हें आंध्र एसोसिएशन द्वारा एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) देने से इनकार कर दिया गया था। अब देखना होगा कि वह भविष्य में किस टीम का हिस्सा बनते हैं।

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Edited by Prashant Kumar