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इंग्‍लैंड महिलाओं की टी20 टीम क्रिकेट को दोबारा ओलंपिक का दर्जा दिला सकती है, इंग्लिश कप्तान का बड़ा बयान 

हीथर नाइट ने कहा कि कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स गेम चेंजर साबित हो सकता है
हीथर नाइट ने कहा कि कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स गेम चेंजर साबित हो सकता है

इंग्‍लैंड महिला क्रिकेट टीम (England Women Cricket team) की कप्‍तान हीथर नाइट (Heather Knight) का भरोसा है कि राष्‍ट्रीय महिला टी20 टीम क्रिकेट को दोबारा ओलंपिक (Olympics) का दर्जा दिलाने में मदद कर सकती है। इस समय इंग्‍लैंड महिला क्रिकेट टीम दक्षिण अफ्रीका (South Africa Women Cricket team) के खिलाफ सीरीज खेल रही है।

इस साल बर्मिंघम में होने वाले कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में पहली बार महिला क्रिकेट को शामिल किया गया है। इस टूर्नामेंट की शुरूआत 29 जुलाई को होगी। नाइट का मानना है कि यह टूर्नामेंट गेम चेंजर साबित होगा।

नाइट ने स्‍काई स्‍पोर्ट्स के हवाले से कहा, 'खेल के रूप में हमारे पास मौका है कि उन लोगों तक पहुंचे, जहां पहले नहीं पहुंच सके हैं। हम क्‍या कर सकते हैं, उसे दर्शाने के लिए यह बड़ा मंच है। यह मंच बड़ी संख्‍या में लोगों तक पहुंचने का है तो हमारी जिम्‍मेदारी सफल होने व अपनी शैली दिखाने की है। यह बड़ी बात है कि कैसे महिला क्रिकेट बदली है और विभिन्‍न स्‍तर पर नए लोगों तक पहुंचने के लिए यह गेम चेंजर साबित हो सकता है।'

याद दिला दें कि पुरुष क्रिकेट टूर्नामेंट 1998 कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स का हिस्‍सा था, जहां दक्षिण अफ्रीका ने फाइनल में ऑस्‍ट्रेलिया को हराकर गोल्‍ड मेडल जीता था। क्रिकेट सिर्फ एक बार ओलंपिक का हिस्‍सा रहा है। 1900 पेरिस ओलंपिक्‍स में केवल दो देशों फ्रांस और ग्रेट ब्रिटेन ने इसमें हिस्‍सा लिया था। ग्रेट ब्रिटेन विजेता बना था।

यह पूछने पर कि क्रिकेट ओलंपिक्‍स का हिस्‍सा बन सकता है तो नाइट ने जवाब दिया कि ऐसा संभव है, लेकिन उनके संन्‍यास के लंबे समय बाद ऐसा होता दिखेगा।

नाइट ने कहा, 'मेरे ख्‍याल से टी20 प्रारूप होगा। कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स के जैसे और बातचीत कार्यक्रम के हिसाब से होगी। काफी कुछ कार्यक्रम में होगा और अन्‍य इवेंट्स भी चल रहे होंगे। संतुलन खोजने की जरूरत होगी और महिलाओं का खेल इसकी अनुमति देगा।'

उन्‍होंने आगे कहा, 'पुरुषों का क्रिकेट थोड़ा अलग है। मैंने उनका कार्यक्रम देखा तो सोच में पड़ गई कि वो इंसान होने के साथ-साथ क्रिकेटर कैसे हैं? मगर मुझे कोई कारण नजर नहीं आता कि ऐसा क्‍यों नहीं हो सकता है। दुनिया भर में विभिन्‍न दर्शकों के लिए क्रिकेट के दरवाजें खुलेंगे।'

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Edited by Prashant Kumar
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