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ऑस्ट्रेलियाई सरज़मीं पर भारतीय खिलाड़ियों द्वारा की गई सर्वोच्च टेस्ट साझेदारियाँ

17   //    03 Jul 2018, 07:35 IST

लंबे समय से, यह एक स्थापित तथ्य था कि भारतीय क्रिकेट टीम दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक है लेकिन अभी भी कई ऐसे रिकार्ड हैं जो भारतीय टीम की पहुँच से दूर हैं। मिसाल के तौर पर, भारत ने अभी तक ऑस्ट्रेलिया में एक भी टेस्ट सीरीज़ नहीं जीती है।

हालाँकि पिछले दशक से भारतीय टीम ने अपने प्रदर्शन में लगातार सुधार किया है। ऑस्ट्रेलियाई पिचों पर गति और उछाल ने भारतीय बल्लेबाजों को हमेशा से परेशान किया है।

इसके बावजूद इससे इनकार नहीं किया जा सकता है कि भारतीय बल्लेबाजों ने समय-समय पर ऑस्ट्रेलिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन भी किया है। तो आइये ऑस्ट्रेलिया में भारतीय बल्लेबाजों द्वारा की गईं 5 सबसे बड़ी सांझेदारियों पर एक नज़र डालें:

1992 में सिडनी टेस्ट में रवि शास्त्री और सचिन तेंदुलकर के बीच 196 रनों की सांझेदारी




 

पहले दो टेस्ट मैच हारने के बाद, भारत ने 1 991-92 के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान सिडनी में तीसरे टेस्ट में अच्छी शुरुआत की थी। ऑस्ट्रेलिया को 313 रनों पर आल-आउट करने के बाद, भारत ने सिर्फ 2 विकेट गँवाकर 197 रन बना लिए थे लेकिन उसके बाद कंगारू गेंदबाज़ों ने अच्छी गेंदबाज़ी करते हुए भारत के 4 खिलाड़ियों को पवेलियन वापिस भेज दिया। यही वह वक्त था जब युवा सचिन तेंदुलकर ने रवि शास्त्री के साथ मिलकर भारत को इस संकट से उबारा।

ये दोनों खिलाड़ी क्रेग मैकडर्मॉट, ब्रूस रीड, मर्व ह्यूजेस और पदार्पण कर रहे शेन वॉर्न के ज़बरदस्त गेंदबाज़ी आक्रमण के सामने डट कर खेले। सचिन और रवि शास्त्री की जोड़ी ने 5 वें विकेट के लिए 196 रन जोड़े और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। इस मैच में शास्त्री ने अपनी यादगार पारी खेलते हुए शानदार 206 रन बनाए। यह साझेदारी 397 रनों पर टूटी जब रवि शास्त्री आउट होकर पवेलियन वापिस लौटे। पर सचिन ने अपनी शानदार पारी जारी रखी और 148 रन बनाकर टीम का स्कोर 483 तक पहुंचाया। इस तरह से पहली पारी में भारत को 170 रनों की बढ़त मिली। दूसरी पारी में बल्लेबाज़ी करने उतरी मेज़बान टीम के 8 खिलाड़ियों को भारतीय गेंदबाज़ों ने 173 रनों पर पवेलियन वापिस भेज दिया था।
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