ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2017: टूर्नामेंट की 5 सबसे बड़ी हैरान कर देने वाली चीजें

ICC चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर पाकिस्तानी टीम ने वर्ल्ड क्रिकेट को चौंका दिया। सभी क्रिकेट अवधारणाओं को गलत साबित करते हुए सरफराज अहमद और उनकी टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया। किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि पाकिस्तान फाइनल तक पहुंचेगी और उसे जीत भी लेगी। पहले मैच में भारतीय टीम को हाथों बुरी तरह हार मिलने के बाद सब यही सोच रहे थे कि पाकिस्तानी टीम लीग स्टेज से ही बाहर हो जाएगी। वैसे अगर इस टूर्नामेंट की बात की जाए तो केवल पाकिस्तानी टीम ने ही नही चौकाया बल्कि टूर्नामेंट के दौरान कई चौंकाने और हैरान कर देने वाले वाकये देखने को मिले। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 सरप्राइजेस के बारे में। 5. पिच इंग्लैंड की पिचें हमेशा गेंदबाजों की मददगार पिचें मानी जाती रही हैं। शुरुआत में गेंद को काफी स्विंग मिलती थी। बाद के ओवरो में बल्लेबाजों के लिए पिच मुफीद हो जाती थी। लेकिन इस बार गेंदबाजों को शुरुआत में जरा सा भी मूवमेंट नहीम मिला। पिचें एकदम फ्लैट दिखीं। टूर्नामेंट में कई बार 300 से ज्यादा के स्कोर बने और चेज भी हुए। श्रीलंका ने भारत के खिलाफ 300 से ज्यादा का स्कोर चेज किया। टी-20 के प्रभाव की वजह से अब पिचें बल्लेबाजों के ज्यादा मुफीद बनने लगी हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा रन बन सकें। 4. साउथ अफ्रीका abdev-1497285238-800-1497877304-800 टूर्नामेंट शुरु होने से पहले इंडिया, इंग्लैंड के बाद साउथ अफ्रीका को भी खिताब का प्रबल दावेदार माना गया था। वनडे रैकिंग में नंबर वन पर काबिज प्रोटियाज टीम से सबको काफी उम्मीदे थीं। अगर सभी टीमों के बल्लेबाजी क्रम की बात की जाए तो उसमे साउथ अफ्रीका के बल्लेबाजी क्रम में सबसे ज्यादा गहराई नजर आती है। टीम के पास दुनिया का नंबर एक बल्लेबाज और नंबर एक गेंदबाज है। लेकिन टूर्नामेंट शुरु होने के बाद पहले मैच को छोड़कर अफ्रीका की टीम पूरी तरह से धराशायी हो गई। श्रीलंका को हराकर प्रोटियाज टीम ने काफी शानदार शुरुआत की। लेकिन इसके बाद उसे पाकिस्तान ने और फिर भारतीय टीम ने बुरी तरह हरा दिया। नतीजा ये हुआ कि लीग मैचो से ही साउथ अफ्रीका की टीम बाहर हो गई। दबाव में प्रोटियाज टीम पूरी तरह बिखर गई और नंबर वन गेंदबाज, बल्लेबाज होने के बावजूद चोक कर गई। इससे एक बार साबित हो गया कि क्यों साउथ अफ्रीका की टीम को चोकर्स कहा जाता है। 3. फखर जमान का अपनी एक अलग पहचान बनाना fakhar zaman पहले ही मैच में भारतीय टीम से बुरी तरह से हारने के बाद पाकिस्तानी टीम को एक आक्रामक सलामी बल्लेबाज की जरुरत थी। अहमद शहजाद पारी की उतनी तेजी से शुरुआत नहीं दे पा रहे थे। दूसरे छोर पर अजहर अली जमने के लिए थोड़ा टाइम लेते थे। यही वजह थी कि रन गति बनाए रखने के लिए एक अटैकिंग बैट्समैन की जरुरत थी। फखर जमान ने इस काम को बखूबी अंजाम दिया। उन्होंने ना केवल रन बनाए बल्कि उनकी स्ट्राइक रेट भी अच्छी रही। जो इंसान 10 साल पहले नेवी में था उसने पूरे टूर्नामेंट में एक मिशन की तरह बल्लेबाजी की। उन्होंने 4 मैचो में 63 की शानदार औसत से 252 रन बनाए। फाइनल मुकाबले में चिर प्रतिद्वंदी भारत के खिलाफ उनकी बेखौफ शतकीय पारी हमेशा याद रखी जाएगी। शायद यही वजह रही पाकिस्तानी टीम ने भारतीय टीम के खिलाफ वो प्रदर्शन किया जो आईसीसी टूर्नामेंट वो कर नहीं पा रही थी। 2. बांग्लादेश का सेमीफाइनल में क्वालीफाई करना celebration बांग्लादेश की टीम लगभग एक दशक बाद चैंपियंस ट्रॉफी में खेल रही थी। वो ऐसे ग्रुप में थी जहां वर्ल्ड कप की 2 फाइनलिस्ट टीमें ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड थीं। वहीं इंग्लैंड की टीम भी बांग्लादेश के ग्रुप में थी। कुल मिलाकर कहें तो वो ग्रुप ऑफ डेथ था। लेकिन इसके बावजूद बांग्लादेश ने ना केवल शानदार खेल दिखाया बल्कि सेमीफाइनल तक पहुंची। न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबला जीतकर बांग्लादेश की टीम ने सबको चौंका दिया और सेमीफाइनल में प्रवेश किया। महमदुल्लाह और शाकिब-अल-हसन ने 224 रनों की रिकॉर्ड मैराथन साझेदारी करके सेमीफाइनल की राह आसान बनाई। हालांकि सेमीफाइनल मुकाबले में भारत के हाथों उसे हार का सामना करना पड़ा लेकिन बांग्लादेश की टीम ने अपने खेल से सबको जरुर चौंकाया। 1.उपमहाद्वीप की टीमों का शानदार प्रदर्शन fb_img_1497707482688-1497877490-800 चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान पहले हफ्ते में कई मैच बारिश की वजह से प्रभावित हुए। लेकिन जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ता गया मैच काफी रोमांचक होने लगे। उम्मीद के उलट ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसी टीमे पहले ही दौर से बाहर हो गई। केवल इंग्लैंड की टीम ही अंतिम 4 में जगह बना पाई। बाकि एशियाई टीमों का दबदबा रहा। लग ही नहीं रहा था कि इंग्लैंड में चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन हो रहा है। सेमीफाइनल में एशिया की 3 टीमों ने जगह बनाई। टूर्नामेंट शुरु होने से पहले भारतीय टीम को तो सभी फेवरिट मान रहे थे लेकिन पाकिस्तान और बांग्लादेश से किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि वे टूर्नामेंट में इतना शानदार प्रदर्शन करेंगे। श्रीलंका की टीम ने भी भारत जैसी टीम को आसानी से हरा दिया। वहीं भारतीय टीम फाइनल तक पहुंची। एशियन टीमों की सफलता की वजह से चैंपियंस ट्रॉफी की पॉपुलैरिटी में भी काफी इजाफा हुआ। फाइनल मैच में भारत-पाकिस्तान का मुकाबला सुपरहिट रहा। लेखक-सुमेध अनुवादक-सावन गुप्ता

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