ICC टेस्ट रैंकिंग: सबसे ज्यादा दिनों तक नंबर 1 रहने वाली टॉप 5 टीमें

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आईसीसी ने 2003 से क्रिकेट में मुकाबले को और रोमांचक बनाने के लिए रैंकिंग सिस्टम की शुरुआत की थी। रैंकिंग आने के कारण टीमों के बीच की प्रतिस्पर्धा और ज्यादा बढ़ी। जून 2003 के बाद से हर महीने या हर टेस्ट सीरीज के बाद आईसीसी टेस्ट टीम रैंकिंग को अपडेट करती है और पिछले 13 सालों में भारत, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और पाकिस्तान टॉप टेस्ट टीम बन चुकी है। इंग्लैंड के खिलाफ हालिया टेस्ट सीरीज ड्रॉ करवाने और भारत के वेस्टइंडीज के खिलाफ चार मैचों में 2-0 की जीत के बाद पाकिस्तान पहली बार टेस्ट रैंकिंग में टॉप पर पहुंची है। हर सीरीज के बाद टीमों को पॉइंट मिलते हैं और कुल खेले गए मैचों से उसको भाग देकर रेटिंग पॉइंट निकाला जाता है। 1 अप्रैल को टॉप पर रहने वाली टीम को आईसीसी हर साल आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप की गदा प्रदान करती है और इसके अलावा उन्हें 1 मिलियन डॉलर का कैश प्राइज भी मिलता है। अब आइये नज़र डालते हैं उन टीमों पर जो सबसे ज्यादा दिनों तक नंबर 1 पर रही: # इंग्लैंड - 12 महीने पिछले 13 सालों में इंग्लैंड क्रिकेट को टेस्ट क्रिकेट में काफी सफलताएं मिली हैं, जिसमें 2005 और 2009 के एशेज की जीत शामिल है। हालाँकि इस दौरान इंग्लैंड सिर्फ अगस्त 2011 से लेकर अगस्त 2012 तक ही नंबर 1 पर रही है। उन्होंने भारत को हराकर नंबर 1 पर कब्ज़ा किया था और अगले साल घर में दक्षिण अफ्रीका के हाथों हार के बाद उन्हें इस स्थान को गंवाना पड़ा था। उस समय इंग्लैंड के कप्तान एंड्रू स्ट्रॉस थे और टीम में केविन पीटरसन, जोनाथन ट्रॉट, जेम्स एंडरसन, इयान बेल, ग्रेम स्वान और स्टुअर्ट ब्रॉड जैसे खिलाड़ी मौजूद थे। भारत की हराने के बाद हालाँकि इंग्लैंड का प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा। उन्हें पाकिस्तान ने 3-0 से हराया, श्रीलंका के साथ उनकी सीरीज ड्रॉ रही और दक्षिण अफ्रीका ने उन्हें हराया। हालाँकि वेस्टइंडीज को उन्होंने हराया था लेकिन इससे उनका नंबर एक का ताज बच नहीं सका। # दक्षिण अफ्रीका - 18 महीने sa-1471940774-800 दक्षिण अफ्रीका की टीम आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में जुलाई 2014-जनवरी 2016 तक नंबर 1 तक रही थी। 2014 में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज 1-0 से जीतने के बाद दक्षिण अफ्रीका नंबर 1 टीम बनी थी और इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में 2-1 की हार के बाद वो अपना नंबर 1 का ताज गँवा बैठे। दक्षिण अफ्रीका ने तीन सालों तक टेस्ट क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया और हाशिम अमला की कप्तानी में एबी डीविलियर्स, डेल स्टेन और फाफ डू प्लेसी ने इस दौरान अपना बेहतरीन फॉर्म जारी रखा। इन 18 महीनों में दक्षिण अफ्रीका ने ज़िम्बाब्वे और वेस्टइंडीज को हराया, बांग्लादेश के साथ सीरीज ड्रॉ रही और भारत के खिलाफ 3-0 की करारी हार का सामना किया। # दक्षिण अफ्रीका - 21 महीने gs-1471940857-800 अगस्त 2012 से लेकर मई 2014 तक 21 महीनों के लिए दक्षिण अफ्रीकी टीम नंबर 1 टीम रही थी। उसके बाद तीन महीनों के लिए उनके हाथ से टॉप की जगह ऑस्ट्रेलिया ने छीन ली थी लेकिन उन्होंने फिर से इसे हासिल कर लिया था। उन्होंने इंग्लैंड को हराकर अगस्त 2012 में नंबर 1 की जगह हासिल की थी और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2014 में अपने घर में हार के बाद दक्षिण अफ्रीका को ये जगह छोड़नी पड़ी थी। इस समय की दक्षिण अफ्रीकी टीम टेस्ट क्रिकेट की सबसे बेहतरीन टीमों में से एक थी। ग्रीम स्मिथ की कप्तानी वाली इस टीम में हाशिम अमला, एबी डीविलियर्स, जैक्स कैलिस, वर्नन फिलैंडर, डेल स्टेन और मोर्ने मोर्कल जैसे शानदार खिलाड़ी मौजूद थे। नंबर 1 टीम के तौर पर दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को उनके घर में हराया और उसके बाद अपने घर में न्यूजीलैंड, भारत और पाकिस्तान को भी हराया। # भारत - 21 महीने Dhoni Sehwag भारतीय टीम नवम्बर 2009 में नंबर 1 टेस्ट टीम बनी थी और अगस्त 2011 तक उन्होंने इस स्थान पर कब्ज़ा बनाये रखा। इसी दौरान भारतीय टीम ने एकदिवसीय विश्व कप भी जीता था और गैरी कर्स्टन के रूप में भारत को एक बेहतरीन कोच मिले थे। 2009 में भारत ने श्रीलंका को हराकर नंबर 1 की जगह हासिल की थी और 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ 4-0 की करारी हार के बाद उन्हें ये स्थान गंवाना पड़ा था। नंबर 1 टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी थे और इस टीम में सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण, ज़हीर खान और हरभजन सिंह जैसे महान खिलाड़ी शामिल थे। इन 21 महीनों के दौरान भारत ने इंग्लैंड में हारने से पहले एक भी सीरीज नहीं गंवाई। उन्होंने बांग्लादेश और वेस्टइंडीज को उनके घर में और ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड को भारत में हराया। # ऑस्ट्रेलिया - 74 महीने aus-1471941019-800 90 के दशक के अंत में और 2000 के शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया एक अजेय टीम थी। उन्हें एक भी मैच में हराना टीमों के लिए उपलब्धि होती थी। जून 2003 में जब रैंकिंग की शुरुआत हुई तब से लेकर 2009 के एशेज हार तक, यानि कि 74 महीनों तक ऑस्ट्रेलिया की टीम नंबर 1 थी। 6 साल और दो महीने तक नंबर 1 रहने के बाद ऑस्ट्रेलिया को आख़िरकार अपना नंबर 1 का ताज गंवाना पड़ा था। हालाँकि अगर रैंकिंग पहले शुरू होती तो ऑस्ट्रेलिया सही मायने में अप्रैल 2000 से अगस्त 2009 तक नंबर 1 थी। यानि कि 112 महीनों (9 साल और 4 महीने) तक उन्हें किसी ने टॉप स्थान से हटाने वाला प्रदर्शन नहीं किया। इस टीम की नींव स्टीव वॉ ने रखी थी, जिसे बाद में रिकी पोंटिंग ने अपनी कप्तानी में आसमान तक पहुंचा दिया। स्टीव वॉ के द्वारा बनाई गई टीम को पोंटिंग ने टॉप पर ऐसा पहुँचाया कि उन्हें कई सालों तक कोई हिलाने वाला नहीं था। विश्व क्रिकेट के सबसे सफल कप्तान रिकी पोंटिंग ने अपनी बल्लेबाजी से भी टीम की स्थिति को मजबूत बनाये रखा। पोंटिंग के पास ग्लेन मैक्ग्रा, मैथ्यू हेडेन, जस्टिन लैंगर, डेमियन मार्टिन, एडम गिलक्रिस्ट, ब्रेट ली और शेन वॉर्न जैसे दिग्गज खिलाड़ी मौजूद थे और इस टीम को हराने के बारे में सोच लेना भी किसी टीम के लिए काफी था। लेकिन हमेशा कोई भी टॉप पर नहीं रहता और यही रिकी पोंटिंग की इस टीम के साथ हुआ। 2005 में एशेज में इंग्लैंड के हाथों हार के बाद टीम का पतन शुरू हुआ। हालाँकि इसके बाद भी 2009 तक उन्हें सिर्फ भारत ने हराया लेकिन 2009 एशेज में हार के बाद ऑस्ट्रेलिया को अपना ताज गंवाना पड़ा।

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