ICC World Cup 2019: 5 खिलाड़ी जो मैन ऑफ द टूर्नामेंट बन सकते हैं

आईसीसी क्रिकेट विश्व कप क्रिकेट के इतिहास में सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंटों में से एक है। इस मेगा आयोजन अगला संस्करण 30 मई से 2019 में शुरु हो जाएगा जिसमें मेजबान इंग्लैंड टूर्नामेंट की शुरुआती मैच में साउथ अफ्रीका का सामना करेगा। विश्वकप के शुरुआती संस्करणों में खिलाड़ियों को प्रत्येक मैच में उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए केवल मैन ऑफ द मैच पुरस्कार दिया जाता था। मैन ऑफ द टूर्नामेंट पुरस्कार 1992 के संस्करण से शुरू हुआ। वह खिलाड़ी जो लगातार टूर्नामेंट में प्रदर्शन करता है वह इस पुरस्कार को जीतता है। तब से मार्टिन क्रो, सनथ जयसूर्या, लांस क्लूज़नर, सचिन तेंदुलकर, ग्लेन मैक्ग्रा, युवराज सिंह और मिचेल स्टार्क विश्व कप के इतिहास में अब तक मैन ऑफ द टूर्नामेंट रहे हैं।आइए उन खिलाड़ियों को देखते हैं जो उनकी टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे और इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को जीत सकते हैं।

#5 कगिसो रबाडा (दक्षिण अफ़्रीका)

आईसीसी टेस्ट रैंकिंग के नंबर एक टेस्ट गेंदबाज कगिसो रबाडा इस प्रोटियाज़ बॉलिंग लाइन-अप के स्टार खिलाड़ी हैं। क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के वार्षिक पुरस्कारों में उन्होंने वर्ष के सर्वश्रेष्ठ वनडे प्लेयर के अवॉर्ड सहित छह पुरस्कारों से नवाजा गया। अफ्रीकी स्पीडस्टर अगले साल के मेगा आयोजन में दक्षिण अफ्रीका का मुख्य गेंदबाज होगा। वह लगातार 150 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज गति से गेंदबाजी करते हैं और गेंद को पारंपरिक रूप से स्विंग करने की उसकी क्षमता उसे घातक गेंदबाज बनाती है। बेहद मुश्किल यॉर्कर्स और भ्रामक बाउंसर भी उनकी ताकत हैं जो वह अक्सर डेथ के ओवरों में उपयोग करता है। 48 एकदिवसीय मैचों में रबाडा ने 5.11 की इकॉनमी में 75 विकेट लिए हैं। बांग्लादेश के खिलाफ अपने वनडे डेब्यू मैच में उन्होंने मशहूर हैट्रिक सहित 16 रनों पर 6 विकेट हासिल किए थे। रबाडा को रोकना बेहद मुश्किल है और अपनी गेंदबाजी शैली के लिए उपयुक्त अंग्रेजी स्थितियों के साथ वह विकेटों का ढेर लगा सकता है और मैन ऑफ द सीरीज पुरस्कार के लिए एक मजबूत दावेदार बन सकता है।

#4 बाबर आज़म (पाकिस्तान)

जब छोटे प्रारूपों की बात आती है तो बाबर आज़म को विश्व क्रिकेट में बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक माना जाता है। वह आईसीसी वनडे रैंकिंग में नंबर दो बल्लेबाज हैं और उन्होंने अपने छोटे करियर में विशाल मुकाम हासिल किया है। बाबर पाकिस्तान के लिए सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज हैं और बल्लेबाजी लाइन-अप में बहुत जरूरी स्थिरता प्रदान की है। 41 वनडे मैचों में उन्होंने 51.11 की शानदार औसत से 1789 रन बनाए हैं जिसमें 7 शतक और 7 अर्धशतक शामिल हैं। बाबर पाकिस्तान टीम का हिस्सा थे जिन्होंने 2017 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी, जिसमें उन्होंने छोटी मगर महत्वपूर्ण पारियां खेली। रनों के लिए उनकी भूख के कारण उनकी तुलना विराट कोहली के साथ की जाती है और उनके जैसी स्थिरता को अपनाया है। नंबर 3 पर बल्लेबाजी करते हुए बाबर विश्व कप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और टीम के लिए लगातार प्रदर्शन करते हुए वह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी के रूप में इसे खत्म कर सकते है।

#3 केन विलयमसन (न्यूज़ीलैंड)

2015 विश्व कप से पहले न्यूजीलैंड की टीम हमेशा एक अंडरडॉग टीम रही है और बड़े आयोजनों पर अपनी मजबूती नहीं दिखा पायी है। आखिरी मेगा आयोजन में ब्रेंडन मैकुलम के नेतृत्व में यह धारणा बदल दी गई और फाइनल तक पहुंचने के लिए आक्रामक रूप से खेला। इस टीम के मौजूदा कप्तान केन विलियमसन ने जीत को बरकरार रखा है और टीम को नई ऊंचाइयों पर ले गये है। बिना किसी संदेह के वह दुनिया के बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक हैं और लगातार तीनों प्रारूपों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। तेज गेंदबाजी के खिलाफ कुशल होने के अलावा स्पिन को अच्छी तरह से खेलने की उनकी क्षमता उन्हें एक विशेष प्रतिभा बनाती है। इस साल के आईपीएल में किवी बल्लेबाज ने अपने 17 मैचों में 8 अर्धशतक के साथ 735 रन बनाये थे और अपनी टीम सनराइजर्स हैदराबाद को फाइनल में भी पहुंचा था। आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2017 में विलियम्सन न्यूजीलैंड टीम के लिए स्टार परफॉर्मर थे, जिन्होंने तीन मैचों में 81.33 के बेहतरीन औसत से 244 रन बनाये जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल थे। विलियमसन विश्व कप की परिस्थितियों से अच्छी तरह से परिचित हैं और अपनी उत्कृष्ट फॉर्म में हैं यह एक बड़ा आश्चर्य नहीं होगा यदि वह उच्चतम रन स्कोरर की सूची में शामिल होंगे।

#2 बेन स्टोक्स (इंग्लैंड)

2015 में निराशाजनक विश्व कप अभियान के बाद, इंग्लैंड टीम ने खुद को क्रिकेट के आक्रामक ब्रांड के रूप में फिर से ज़िंदा कर दिया है। एलिस्टेयर कुक, इयान बेल, स्टुअर्ट ब्रॉड और जेम्स एंडरसन जैसे खिलाड़ियों को वनडे टीम से हटा दिया गया और नए खिलाड़ियों को इस टीम में शामिल किया गया। बेन स्टोक्स उन खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्होंने टीम में बड़ा बदलाव किया है। वह इस टीम के असली ऑलराउंडर रहे हैं और बल्ले और गेंद दोनों के साथ अपनी टीम को कई मैच जीताये हैं। 67 वनडे मैचों में स्टोक्स ने 35.82 की औसत से 1791 रन बनाए और 6 के आस पास की इकॉनमी में 58 विकेट लिए। उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी में भी शानदार प्रदर्शन किया और चार मैचों में चार मैचों में 182 रन बनाये जिसमें एक मैच जीतने वाला शतक भी शामिल था और गेंद के साथ उन्होंने तीन विकेट लिए। अपनी ऑलराउंडर क्षमताओं और घरेलू स्थितियों के साथ वह किसी भी क्षण खेल को बदल सकता है और निश्चित रूप से मैन ऑफ द टूर्नामेंट पुरस्कार के लिए सबसे मजबूत दावेदार है।

#1 विराट कोहली (भारत)

भारत अगले वर्ष होने वाले विश्व कप में सबसे मजबूत दावेदारों में से एक है। इस टीम का लगातार अच्छा करने का सबसे मुख्य कारण यह है कि विराट कोहली ने लगातार बल्ले से अच्छा प्रदर्शन किया है। कोहली पिछले 4-5 सत्रों से टीम इंडिया के लिए रन मशीन रहे है। 208 वनडे मैचों में उन्होंने 58.10 के औसत औसत पर 9588 रन बनाए हैं। उनके नाम पर 35 शतक हैं और वह अपने आर्दश सचिन तेंदुलकर (49) के पीछे ही है। लक्ष्य का पीछा करते हुए उनका रिकॉर्ड अविश्वसनीय है, यही कारण है कि यह उन्हें आधुनिक युग में सबसे महान वनडे खिलाड़ियों में से एक बनाता है। आईसीसी के आयोजनों में कोहली का रिकॉर्ड अधिक प्रभावशाली हो जाता है और वह लगातार प्रदर्शन करते है। पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी में उन्होंने 4 मैचों में तीन अर्धशतक के साथ 258 रन बनाए। इन सभी बल्लेबाजी रिकॉर्डों के साथ इसमें कोई संदेह नहीं है कि कोहली टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले में से एक रहेंगे और वह भारत को एक और विश्वकप जीत दिलाने में नेतृत्व कर सकते है। लेखक- प्रथमेश पाटिल अनुवादक- सौम्या तिवारी

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