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अगर मुझे टीम में नहीं चुना जाता है तो फिर अवॉर्ड देने का कोई मतलब ही नहीं बनता: जलज सक्सेना

  • जलज सक्सेना का चयन पिछले 4 साल से इंडिया 'ए' टीम में नहीं हुआ है
SENIOR ANALYST
Modified 21 Sep 2018, 20:22 IST

मध्य प्रदेश के क्रिकेटर जलज सक्सेना ने खुद का चयन भारतीय टीम में ना होने पर नाराजगी जाहिर की है। रणजी ट्रॉफी में अच्छे प्रदर्शन की वजह से उन्हें 2017-18 के माधवराव सिंधिया अवॉर्ड के लिए चुना गया है। इसके अलावा वो रणजी ट्रॉफी के बेहतरीन ऑलराउंडर का लाला अमरनाथ अवॉर्ड भी जीत सकते हैं लेकिन उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की है। जलज सक्सेना का कहना है कि इतने अच्छे प्रदर्शन के बावजूद अगर उनका चयन इंडिया 'ए' 'टीम में भी नहीं होता है तो फिर अवॉर्ड देने का क्या मतलब रह जाता है। उन्होंने कहा 'आप अवॉर्ड दे रहे हैं लेकिन अच्छे प्रदर्शन का ईनाम नहीं दे रहे हैं। मुझे बीसीसीआई से ये जानना है कि पिछले 4 साल में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए मुझे अवॉर्ड दिया जा रहा है लेकिन इंडिया 'ए' टीम में भी जगह नहीं मिल रही है। अगर टीम में शामिल नहीं किया जाता है तो शानदार प्रदर्शन के लिए अवॉर्ड देने का क्या मतलब बनता है। इससे मैं और अपमानित महसूस करता हूं। मैं इससे काफी दुखी हूं। सभी मुझसे पूछते हैं कि बीसीसीआई पिछले 4 साल से आपको हर साल अवॉर्ड दे रही है लेकिन टीम में नहीं चुना जाता है। इससे मुझे काफी बुरा लगता है।' जलज सक्सेना ने आगे कहा 'हो सकता है उनके पास मेरा नंबर ना हो। मैंने सबसे ज्यादा विकेट चटकाए और पिछले कई साल से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा हूं। मैं बस जानना चाहता हूं कि इंडिया ए और ईरानी ट्रॉफी में मुझे क्यों नहीं चुना गया। ऐसा लगता है टीम चयन के लिए आईपीएल का प्रदर्शन जरुरी हो गया है। अलग-अलग खिलाड़ियों के लिए अलग मानक नहीं हो सकते हैं। मैं आईपीएल के लिए नहीं चुना गया तो क्या इसमें मेरी गलती है। आप ही बताईए मुझे क्या करना चाहिए। ' गौरतलब है जलज सक्सेना मध्य प्रदेश के स्पिन ऑलराउंडर हैं। पिछले साल उन्होंने अपना बेस केरल शिफ्ट कर लिया था और रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा 49 विकेट चटकाए थे।  इसी वजह से उनको माधव राव सिंधिया अवॉर्ड के लिए चुना गया। इस अवॉर्ड समारोह का आयोजन अगले हफ्ते बैंगलूरू में होगा। उन्होंने इंडिया ए के लिए अपना आखिरी मैच न्यूजीलैंड ए के खिलाफ 2013 में विशाखापट्टनम में खेला था। उन्होंने पहले 4 दिवसीय मैच में 6 विकेट चटकाए थे। इसके एक साल बाद उन्होंने रोहित शर्मा की कप्तानी में वेस्टइंडीज का भी दौरा किया था। पिछले साल स्पोर्ट्सकीड़ा से बातचीत में उन्होंने कहा था कि जब तक वो संन्यास नहीं ले लेंगे तब तक भारत के लिए खेलने की उम्मीद नहीं छोड़ेंगे। हालाकिं अब उनका गुस्सा सामने आ रहा है।

Published 09 Jun 2018, 15:10 IST
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