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3 प्रमुख कारणों से मोहाली में भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा 

भारतीय गेंदबाजी इन कारणों से रही असफल
भारतीय गेंदबाजी इन कारणों से रही असफल
Ayushman Chaudhary

ऑस्ट्रेलिया (Australia Cricket Team) के खिलाफ तीन मैचों की टी20 श्रृंखला का आगाज भारतीय टीम (Indian Cricket Team) के लिए एक कड़ी हार के साथ हुआ। बल्लेबाजी में शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा। पहले मुकाबले में जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने इस श्रृंखला में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है और अब भारत के लिए बचे दोनों मुकाबले नॉकआउट हो गए हैं।

पहले मुकाबले में केएल राहुल और हार्दिक पांड्या के शानदार अर्धशतकों की मदद से भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 209 रनों का विशाल लक्ष्य दिया था, जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 19.2 ओवरों में 6 विकेट खोकर यह लक्ष्य हासिल कर लिया। 209 रनों के बड़े लक्ष्य के बावजूद भारतीय गेंदबाजी घरेलू परिस्थितियों में भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस लक्ष्य का बचाव कर पाने में नाकाम रही।

इस मुकाबले में हार ने कई प्रमुख कारणों को उजागर किया है, जिनका जिक्र हम इस आर्टिकल में करेंगे।

इन 3 कारणों को भारत की हार का जिम्मेदार ठहराया जा सकता है

#1 युज़वेंद्र चहल की फॉर्म

युज़वेंद्र चहल का खराब फॉर्म जारी
युज़वेंद्र चहल का खराब फॉर्म जारी

भारतीय लेग स्पिनर युज़वेंद्र चहल टी20 टीम के प्रमुख गेंदबाजों में से एक हैं। एशिया कप से पहले चहल भारत की ओर से टी20 में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज थे। इस अनुभवी लेग स्पिनर का फॉर्म बीते कुछ महीनों से अच्छा नहीं रहा है जिसका खामियाजा भारत को कई मौकों पर भुगतना पड़ा है। एशिया कप में चहल ने चार मुकाबलों में गेंदबाजी करते हुए मात्र 4 विकेट हासिल किए थे जो कि उनके स्तर से काफी निराशाजनक रहा है।

चहल का खराब फॉर्म ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली में खेले गए मुकाबले में भी देखने को मिला, जहां उन्होंने गेंदबाजी करते हुए 3.2 ओवर में 12.60 की इकॉनमी से 42 रन दिए और मात्र एक विकेट हासिल किया। बीच के ओवरों में चहल रन गति पर नियंत्रण नहीं रख पाए और दबाव बनाने में असफल रहे। इसी का खामियाजा भारतीय टीम को भी उठाना पड़ा।

#2 डेथ ओवरों में गेंदबाजों का असफल होना

भुवनेश्वर कुमार आखिरी के ओवरों में अब असरदार साबित नहीं हो रहे
भुवनेश्वर कुमार आखिरी के ओवरों में अब असरदार साबित नहीं हो रहे

पहले टी20 मुकाबले में 209 रनों के विशाल लक्ष्य को 19.2 ओवरों में ऑस्ट्रेलिया के द्वारा हासिल कर लेना, दर्शाता है कि भारतीय टीम गेंदबाजी पक्ष में काफी कमजोर नजर आई है। बीच के ओवरों में शानदार वापसी करने के बावजूद आखिरी के ओवरों में भारतीय टीम के हाथ से यह मुकाबला फिसल गया।

आखिरी चार ओवरों में 55 रन होने के बावजूद आखिरी ओवर में युजवेंद्र चहल के पास बचाने के लिए मात्र 2 रन शेष थे। भारत के लिए यह समस्या नई नहीं है ऐसा ही कुछ एशिया कप में भी भारतीय गेंदबाजों की तरफ से देखने को मिला था जहां भारतीय टीम लक्ष्य को डिफेंड करते हुए आखिरी के ओवरों में पूरी तरह नाकाम साबित हुई।

#3 गेंदबाजों को सही तरह इस्तेमाल ना करना

कप्तान गेंदबाजों का सही इस्तेमाल करने से चूक गए हैं
कप्तान गेंदबाजों का सही इस्तेमाल करने से चूक गए हैं

एशिया कप के बाद से रोहित शर्मा की कप्तानी पर काफी सवाल उठाए जा रहे हैं, जहां बड़े स्कोर बनाने के बावजूद भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में हुआ जहां एक विशाल लक्ष्य का बचाव करते हुए भारतीय गेंदबाज पूरी तरह नाकाम साबित हुए।

एक तरफ जहां एक ही ओवर में 2 विकेट लेने वाले उमेश यादव को उसके बाद एक भी ओवर नहीं दिया गया, वहीं दूसरी तरफ 19वें ओवर में युजवेंद्र चहल का विकल्प होने के बावजूद एक बार फिर भुवनेश्वर कुमार को कप्तान ने अहमियत दी। यह देखते हुए इस हार की पूरी जिम्मेदारी भारतीय गेंदबाजों पर डालना सही नहीं होगा। एक तरफ जहां गेंदबाजों ने महंगी इकॉनमी के साथ रन लुटाये थे, तो वहीं कप्तान रोहित शर्मा भी कहीं न कहीं अपने गेंदबाजों का सही तरह से इस्तेमाल करने से चूक गए।


Edited by Prashant Kumar

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