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'ओवरस्टेप नो बॉल का अधिकार सिर्फ मैदानी अम्पायर के पास होना चाहिए'

सुनील गावस्कर का विश्लेषण सही होता है
सुनील गावस्कर का विश्लेषण सही होता है
Naveen Sharma
FEATURED WRITER

पूर्व भारतीय क्रिकेटर और वर्तमान में कमेंटेटर सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) का नजरिया बेहतरीन होता है। क्रिकेट में सुधारों की बात भी वह करते रहते हैं और गलतियों की तरफ भी वह इशारा करते हैं। इस बार सुनील गावस्कर ने ओवरस्टेप्स नो बॉल को लेकर कहा है कि इसका अधिकार मैदानी अम्पायर के पास ही होना चाहिए। इंग्लैंड और भारत के बीच चौथे टेस्ट (IND vs ENG) में कमेंट्री के दौरान उन्होंने अहम बात कही।

सुनील गावस्कर ने कमेंट्री के दौरान कहा कि कुछ बदलाव जो सामने आए हैं, उन्हें समझना मुश्किल है। नो-बॉल कॉल ऑन-फील्ड अंपायर से आना है। यह बल्लेबाजों के लिए थोड़ा अनुचित है, खासकर स्पिनरों के खिलाफ। एक बल्लेबाज के पास शॉट बदलने के लिए कुछ समय होता है इसलिए उनको नो बॉल के बारे में जल्दी पता होना चाहिए।

इसके अलावा गावस्कर ने कहा कि अधिकार मैदानी अम्पायर के पास होने से यह होगा कि वह भी विश्वास से भरे होंगे और निर्णय देंगे क्योंकि अगर यह गलत भी होता है तो सही करने के लिए तीसरा अम्पायर तैयार होता है।

उल्लेखनीय है कि नो बॉल का अधिकार अब टीवी अम्पायर को दिया गया है लेकिन वह अपना निर्णय गेंद होने के बाद सुनाते हैं। ऐसे में बल्लेबाज को काफी देरी से पता चलता है और तब तक उस गेंद पर जो होना होता है, वह हो चुका होता है। मैदानी अम्पायर के पास अधिकार रहने से वह गेंद डालते ही नो बॉल कहेंगे और बल्लेबाज अपना माइंडसेट बदलकर अपनी इच्छा के अनुसार कोई भी शॉट खेल सकता है।

सुनील गावस्कर की नजरें हर चीज पर रहती है और उनका विश्लेषण भी काफी अच्छा होता है।इस बार भी उन्होंने एक अच्छा पॉइंट डिस्कश किया है लेकिन आईसीसी ने नो बॉल को लेकर नया नियम बना दिया है और उसके अनुसार अम्पायर भी अब थर्ड अम्पायर पर निर्भर रहते हैं। तकनीक का बेहतर उपयोग करने के लिए आईसीसी ने यह निर्णय लिया है। गावस्कर भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज के लिए कमेंटेटर की भूमिका निभा रहे हैं। उन्हें कोई चीज अच्छी नहीं लगती है, तो वह साफ़ बोलते हैं और लोगों का ध्यान उस तरफ आकर्षित करते हैं।

Edited by Naveen Sharma
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