हमारे पास मध्यक्रम के लिए दूसरे खिलाड़ियों के विकल्प मौजूद है: संजय बांगर

भारतीय टीम के मध्यक्रम का प्रदर्शन अभी भी टीम मैनेजमेंट के लिए बड़ा सिरदर्द बना हुआ है, इसके साथ ही टीम के निचले क्रम में गहराई न होना भी टीम की मुश्किल को बढ़ा रहा है। हालांकि टीम के बल्लेबाजी कोच संजय बांगर को उम्मीद है कि टीम के पास इस कमजोरी से पार पाने के लिए काफी समय और विकल्प मौजूद है। बांगर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "विश्वकप से पहले हमें 16 से 17 एकदिवसीय मुकाबले खेलने हैं और हम उनमें मध्यक्रम को सैटल करनी की कोशिश करेंगे। " इसके अलावा विराट कोहली, युजवेंद्र चहल के बाद बांगड़ ने पिछले मैच में आलोचना झेलने वाले धोनी का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि अगर हमारे निचले क्रम में ज्यादा गहराई नहीं है, इसी वजह से जल्द विकेट गिरने के कारण 6 और 7वें नंबर पर बल्लेबाजी करने आने वाले खिलाड़ियों के ऊपर ज्यादा दबाव आ जाता है और वो खुलकर नहीं खेल पाते हैं। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में भारतीय मध्यक्रम की पोल खुल गई थी और भारत को करारी हार का सामना करना पड़ा था। उसको लेकर बांगर ने कहा, "हमारे पास दूसरे खिलाड़ियों के विकल्प मौजूद है। अंबाती रायडू को इस दौरे के चुना गया था, लेकिन वो फिटनेस टेस्ट में फेल हो गए थे, जिसके कारण उन्हें टीम में मौका नहीं मिला। आगे जाकर अगर वो फिटनेस टेस्ट को पास कर लेते हैं, तो वो भी वापसी कर सकते हैं। इसके अलावा अजिंक्य रहाणे और मनीष पांडे की भी दावेदारी में है।" भारतीय टीम इस समय इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की एकदिवसीय सीरीज खेल रही है, जोकि इस समय 1-1 से बराबर चल रही है। साल 2015 में हुए विश्वकप के बाद से ही भारतीय टीम की जीत में अहम योगदान शीर्ष के तीन बल्लेबाजों का ही रहा है और अगर वो विफल रहते हैं, तो टीम का मध्यक्रम उम्मीद पर खरा उतरने में कामयाब नहीं हुआ।

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