घरेलू जमीन पर भारत सबसे बड़ी चुनौती : ग्लेन मैकग्राथ

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व महान तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्राथ अब एमआरएफ पेस फाउंडेशन के साथ दोबारा कार्यकाल के लिए चेन्नई लौटे हैं। युवाओं को ट्रेनिंग देने के अलावा मैकग्राथ ने रियो में जारी ओलंपिक्स को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। पूर्व क्रिकेटर ने भारत में भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच आगामी चार मैचों की टेस्ट सीरीज के बारे में भी बात की। मैकग्राथ का मानना है कि क्रिकेट को भी ओलंपिक गेम्स में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब रग्बी सेवंस ओलंपिक्स का हिस्सा हो सकता है तो क्रिकेट को शामिल क्यों नहीं किया जाता। महान तेज गेंदबाज ने कहा, 'अब रग्बी सेवंस को भी ओलंपिक्स में शामिल कर लिया गया है तो क्रिकेट को शामिल नहीं करने का कोई कारण नहीं बनता। टी20 क्रिकेट को तो शामिल किया जा सकता है। मुझे अच्छा लगा था जब कॉमनवेल्थ गेम्स में क्रिकेट को भी शामिल किया गया था।' द हिंदू के हवाले से मैकग्राथ ने श्रीलंका के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी के बारे में भी बात की। उन्होंने साथ ही भारतीय उपमहाद्वीप पर ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए आने वाली चुनौतियों के बारे में भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने साथ ही ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को उपमहाद्वीप में स्पिन को खेलने की परेशानी पर चिंता व्यक्त की और बताया कि ऑस्ट्रेलिया से अलग परिस्थिति होने के कारण चीजें कितनी बदल जाती हैं। स्पिन खेलने में परेशानी मैकग्राथ ने कहा, 'उपमहाद्वीप में स्पिन खेलना कई वर्षों से हमारे लिए चिंता का विषय रहा है। इसका मतलब यह नहीं कि हम स्पिन नहीं खेल सकते। हम स्पिन से निपटने के लिए तैयार रहते हैं। हमें अपने गेम-प्लान के बारे में स्पष्ट रहने की जरुरत होती है। 2001 में मैथ्यू हेडन ने जैसे स्वीप शॉट बेहतर तरीके से खेलने का फैसला किया था, वैसा ही कुछ करने की जरुरत है।' महान तेज गेंदबाज ने ऑस्ट्रेलिया के श्रीलंका में लचर प्रदर्शन के लिए चिंता जाहिर की, लेकिन मिचेल स्टार्क के प्रदर्शन से वे काफी प्रभावित हुए। मैकग्राथ ने कहा, 'स्टार्क आक्रामक तेज गेंदबाज है। वह गेंद ऊपर करता है और नई गेंद को स्विंग कराता है। जब गेंद पुरानी होती है तो वह रिवर्स स्विंग कराता है। वह अच्छी गति के साथ गेंदबाजी करता है।' मैकग्राथ का मानना है कि डे-नाईट टेस्ट में गुलाबी गेंद से खेलने के लिए पिच पर थोड़ी घास होना जरुरी है। उन्होंने साथ ही कहा कि घास के कारण गेंद पर से चमक भी थोड़ी जल्दी हट सकती है। भारत के खिलाफ भारत में खेलना चुनौतीपूर्ण यह पूछने पर कि भारतीय पिचों पर खेलने के लिए ऑस्ट्रेलिया की तैयारियां क्या होंगी तो मैकग्राथ ने कहा अगले वर्ष की शुरुआत में होने वाली चार मैचों की टेस्ट सीरीज में ऑस्ट्रेलिया को मुश्किल चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा, 'भारत अपने घर में बड़ी चुनौती है। हम विकेट वहां ले सकते हैं जहां स्पिन कम हो।' मैकग्राथ ने कहा कि भारतीय टीम में मौजूदा वेस्टइंडीज टीम को हराने से ज्यादा क्षमता है। उन्होंने कहा, 'भारत को आगे मुश्किल विरोधी टीमों के खिलाफ खेलना है। मगर कोहली की युवा सोच और आक्रामक रवैया के साथ कुंबले का अनुभव जुड़ने से भारत के लिए बहुत अच्छा हुआ है।'