1980 के दशक की सर्वश्रेष्ठ भारतीय वनडे एकादश

साल 1980 का दशक भारतीय टीम के लिए काफी यादगार रहा। इस दशक में भारत ने पहली बार 1983 के विश्व कप का खिताब भी कपिल देव की कप्तानी में अपने नाम किया था। विश्व कप जीत के बाद 1984 और 1988 में भारत ने एशिया कप भी जीता। इसके अलावा रोथमैन कप (1984) और शारजाह कप (1988) भी भारत ने अपने नाम किया। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा की उस दौरान टीम में कई शानदार खिलाड़ी मौजूद थे जिसके चलते भारत ने कई खिताब उस दशक में अपने नाम किए। आइए यहां नजर डालते हैं 1980 के दशक की सर्वश्रेष्ठ भारतीय वनडे प्लेइंग इलेवन पर। नोट: इस सूची में उन खिलाड़ियों को शामिल किया गया है जिन्होंने कम से कम 50 मैच खेले हों। इसके अलावा बल्लेबाज ने 25+ की औसत से 2000+ रन, ऑलराउंडर्स ने 500+ रन और गेंदबाजों ने 50+ विकेट हासिल किए हों।

#1 सुनील गावस्कर

उस दौर में सुनील गावस्कर जैसे टीम में एक अहम बल्लेबाज मौजूद था, जो कि बेहतर तकनीक से बल्लेबाजी करने में माहिर था। सुनील गावस्कर की टीम में मौजूदगी ही टीम के बाकि खिलाड़ियों के राहत की सांस होती थी। अपनी पारी के दम पर सुनील गावस्कर टीम की ओपनिंग करते हुए मजबूत स्कोर बना देते थे। 1980 के दशक में सुनील गावस्कर ने 99 मैचों में 35.03 की औसत से बल्लेबाजी करते हुए 2838 रन स्कोर किए और एक शतक लगाया।

# 2 कृष्णमचारी श्रीकांत

उस समय सुनील गावस्कर के साथ कृष्णमचारी श्रीकांत मिलकर भारत के लिए सलामी बल्लेबाज की भूमिका अदा किया करते थे। गावस्कर के साथ मिलकर श्रीकांत ने कई अहम पारियां खेली हैं। इसके साथ ही टीम लिए सलामी बल्लेबाज के नाते गावस्कर के साथ मिलकर कई साझेदारियों को भी अंजाम दिया। 1980 के दशक में श्रीकांत ने 124 मुकाबलों में 29.05 की औसत से बल्लेबाजी करते हुए 3486 रन स्कोर किए हैं। इस दौरान उन्होंने 4 शतक भी लगाए।

#3 दिलीप वेंगसरकर

दिलीप वेंगसरकर उस समय भारतीय क्रिकेट टीम के मध्य क्रम में सबसे जिम्मेदार खिलाड़ी थे। सलामी बल्लेबाजों के आउट हो जाने के बाद वेंगसरकर टीम का स्कोर बोर्ड मजबूती से आगे बढ़ाते थे। इस दशक में बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 117 मुकाबलों में 36.41 की औसत और 1 शतक के साथ 3277 रन स्कोर किए।

#4 मोहम्मद अज़हरुद्दीन

मध्य क्रम में मोहम्मद अजहरुद्दीन भी उस दौरान टीम की जान हुआ करते थे। उभरते हुए सितारे के तौर पर अजहरुद्दीन बल्ले से रन तो बनाते थे ही साथ में मैदान पर बल्लेबाजी करने के अलावा फील्डिंग में भी मोहम्मद अजहरुद्दीन का प्रदर्शन काफी सराहनीय था। उस दशक में मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 98 मैच खेलते हुए 31.27 की औसत और 2 शतक के साथ 2252 रन स्कोर किए।

#5 रवि शास्त्री

रवि शास्त्री टीम इंडिया के काफी शानदार ऑलआउंडर्स में से एक थे। मैदान पर बल्लेबाजी करते वक्त उनके बल्ले से रन भी निकलते तो गेंदबाजी करते वक्त रवि शास्त्री विकेट झटकने में भी कामयाब रहते थे। बांए हाथ के स्पिन गेंदबाज रवि शास्त्री कई बार टीम के लिए अहम गेंदबाज साबित हुए हैं। इस दशक में उन्होंने 119 मैचों में खेलते हुए 29.03 की औसत और 2 शतकों के साथ 2323 रन स्कोर किए हैं तो वहीं 4.21 की इकॉनमी रेट के साथ उन्होंने 109 विकेट झटकने में भी कामयाबी हासिल की है।

#6 कपिल देव

कपिल देव टीम इंडिया के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर्स में से एक थे। वहीं कपिल देव अपने फिटनेस को लेकर भी काफी सजग रहा करते थे। देव बल्लेबाजी के दौरान तेजर्रार पारियों को अंजाम देते थे तो वहीं गेंदबाजी के दौरान बल्लेबाजों की नाक में दम कर दिया करते थे। इसके साथ ही कपिल देव भारतीय टीम के लिए एक शानदार कप्तान भी थे। इस दशक में कपिल देव ने 143 मैचों में 26.81 की औसत और एक शतक की मदद से 2869 रन बनाए। वहीं गेंदबाजी में 3.68 की इकॉनमी रेट और 26.25 की औसत ने उन्होंने 168 विकेट हासिल किए।

#7 सैयद किरमानी

1980 के दशक में सैयद किरमानी टीम इंडिया के विकेटकीपर थे। अपनी विकेटकीपिंग के दौरान वो स्टंप्स के पीछे लगातार कमाल दिखाते थे। इस दौरान उन्होंने स्टंप्स के पीछ कई बेहतरीन कैच भी पकड़े। सैयद ने इस दशक में भारत के लिए 46 मैच खेलते हुए 24 की औसत से 360 रन बनाए।

#8 चेतन शर्मा

चेतन शर्मा भारत के एक प्रभावी मध्यम तेज गेंदबाज थे जो गेंद को स्विंग कर सकते थे और टीम को महत्वपूर्ण सफलता दिलाते थे। 1980 के दशक में उन्होंने 60 मुकाबले खेलते हुए 4.95 की इकॉनोमी रेट से 65 विकेट हासिल किए थे।

#9 रोजर बिन्नी

रोजर बिन्नी 80 के दशक में भारत की ओडीआई सफलता में एक अभिन्न भूमिका निभाते थे। बिन्नी मध्यम गति से गेंदबाजी करते हुए टीम के लिए काफी प्रभावी साबित होते थे। बिन्नी साल 1983 के विश्व कप में सबसे ज्यादा विकेट हासिल करने वाले गेंदबाज के तौर पर सामने आए थे। इस दशक में उन्होंने 72 मैच खेलते हुए 77 विकेट हासिल किए।

#10 मदन लाल

1980 के दशक में मदद लाल को सबसे मेहनती क्रिकेटर के तौर पर देखा जाता था। एक मध्यम तेज गेंदबाज मदन लाल गेंद डालते हुए लंबा रन अप लेते थे। इस दशक में उन्होंने 60 मैचों में खेलते हुए 4.07 की इकॉनमी रेट से 66 विकेट हासिल किए थे।

#11 मनिंदर सिंह

मनिंदर सिंह भारत के शानदार स्पिन गेंदबाज में से एक थे। अपनी फिरकी से मनिंदर सिंह से बल्लेबाजों को चकमा देने में माहिर थे। उन्होंने इस दशक में 57 मैचों में बल्लेबाजी करते हुए 3.88 की इकॉनमी रेट से 65 विकेट हासिल किए। लेखक: गौतम लालोत्रा अनुवादक: हिमांशु कोठारी

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