India vs England 2016: पार्थिव पटेल के बजाय इन 5 विकेटकीपरों का चयन होना चाहिए था

भारतीय क्रिकेट के लिए बुधवार की सुबह एक बुरी खबर आई। विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋद्धिमान साहा चोट की वजह से तीसरे टेस्ट मैच से बाहर हो गये हैं। उनकी जगह गुजरात के विकेटकीपर बल्लेबाज़ पार्थिव पटेल को टीम में शामिल किया गया है। साहा की जांघ में खिंचाव आ गया है। 31 वर्षीय पटेल ने तकरीबन 8 साल बाद भारतीय टीम में वापसी की है। उनका घरेलू प्रदर्शन अच्छा रहा है। लेकिन इस बार उनसे भी बेहतर इन 5 खिलाड़ियों का प्रदर्शन रहा है। आइये डालें एक नजर:


रिषभ पंत

19 वर्षीय युवा दिल्ली के विकेटकीपर बल्लेबाज़ रिषभ पंत ने रणजी ट्रॉफी में जोरदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने इस सीजन में 874 रन बनाये हैं। जिसमें उनका उच्च स्कोर 308 रहा है। इस विस्फोटक बल्लेबाज़ को भारत का गिलक्रिस्ट माना जाता है। पंत का स्ट्राइक रेट 114 के करीब है। इस रणजी सीजन में उन्होंने अपनी काबिलियत दिखा दी है। मौजूदा भारतीय टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की कमी को देखते हुए पंत भारतीय टीम में जल्द ही शामिल किये जा सकते हैं। वह विकेट के पीछे भी अच्छे हैं और अभी तक 6 मैचों में उन्होंने बेहतरीन खेल दिखाया है। इशान किशन इशान किशन एक और बेहतरीन युवा खिलाड़ी हैं। जिन्होंने इस बार अपने शानदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया है। झारखंड के इस 18 वर्षीय बल्लेबाज़ ने इस बार रणजी ट्रॉफी में अब तक खूब रन बनाये हैं। 75 के करीब औसत से 599 रन बना चुके किशन का उच्च स्कोर 273 है। इस बाएं हाथ के बल्लेबाज़ का घरेलू स्तर पर अब तक 16 मैचों में 51 के करीब औसत है। ऐसे में जल्द ही इशान भारतीय टीम में नजर आ सकते हैं। आदित्य तारे 29 वर्षीय आदित्य तारे मुंबई के विकेटकीपर बल्लेबाज़ हैं। उन्होंने रणजी क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। 38 के औसत से उन्होंने अब तक 6 हजार के करीब रन बनाये हैं। 6 मैचों में इस बार रणजी सीजन में तारे ने 261 रन बनाये हैं। हालांकि उनका प्रदर्शन इस बार कुछ खास नहीं है, लेकिन कई अहम मौकों पर उन्होंने टीम को संकट से निकाला है। इसके अलावा तारे के पास आईपीएल में खेलने का भी अनुभव है। जिससे वह भारतीय निचलेक्रम की बल्लेबाज़ी और मजबूती दे सकते थे। नमन ओझा नमन ओझा उन दुर्भाग्यशाली क्रिकेटरों में से एक हैं, जिन्होंने धोनी के युग क्रिकेट खेला है। इस दायें हाथ के बल्लेबाज़ ने कई बार खुद को साबित किया। लेकिन मध्यप्रदेश के इस बल्लेबाज़ को भारतीय टीम ज्यादा मौके नहीं मिले। 33 वर्षीय इस विकेटकीपर ने 2015 में श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में अपना डेब्यू किया था। लेकिन अगले मैच में उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था। 127 प्रथम श्रेणी मैचों में नमन ओझा अब तक 9000 रन बना चुके हैं। जहां उनका औसत 42 से ज्यादा रहा है। ओझा की खासियत रही है कि वह किसी भी समय पारी को लय प्रदान कर सकते हैं। इसके अलावा ओझा एक बेहतरीन विकेटकीपर हैं, जो कई बार आईपीएल में बेहतरीन कैच पकड़ चुके हैं। महेश रावत महेश रावत को भारतीय क्रिकेट फैन उतना नहीं जानते होंगे। लेकिन इस 31 वर्षीय विकेटकीपर बल्लेबाज़ ने घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। रेलवे की तरफ खेलते हुए 98 मैचों में रावत ने 5124 रन बनाये हैं। जिसमें 11 शतक और 34 अर्धशतक शामिल है। वह विकेट पर टिककर बल्लेबाज़ी करते हैं। इस सीजन में उन्होंने 6 मैचों में 272 रन बनाये हैं। ऐसे में बेहतरीन विकेटकीपर होने के नाते वह साहा के बढ़िया रिप्लेसमेंट साबित हो सकते थे।

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